सुडान में भूख के चलते शेरों की दिखने लगीं हड्डियाँ, लोग कर रहे हैं इन्हें बचाने की अपील

By yourstory हिन्दी
January 23, 2020, Updated on : Thu Jan 23 2020 02:31:30 GMT+0000
सुडान में भूख के चलते शेरों की दिखने लगीं हड्डियाँ, लोग कर रहे हैं इन्हें बचाने की अपील
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सुडान की राजधानी के चिड़ियाघर में भूख से मरते शेरों की स्थिति काफी दयनीय हो गई है। इन शेरों की हड्डियाँ दिखने लगी हैं, तो अब शेरों ने दम तोड़ना भी शुरू कर दिया है।

सुडान में मरने की कगार पर हैं ये शेर (चित्र: Osman Sahil)

सुडान में मरने की कगार पर हैं ये शेर (चित्र: Osman Sahil)



सुडान के एक चिड़ियाघर से शेरों की दयनीय तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में ये शेर बेहद कमजोर नज़र आ रहे हैं, तस्वीरों में इन शेरों की हड्डियाँ दूर से ही नज़र आ रही हैं। यह नज़ारा सुडान की राजधानी खार्तूम का है, जहां अल-कुरैशी पार्क में ये शेर मरने की कगार पर पहुँच गए हैं।


इन शेरों की फोटो इंटरनेट पर वायरल होते ही लोगों ने इन्हे बचाने के लिए अपील करना शुरू कर दिया है। इन शेरों के लिए इंटरनेट पर कैम्पेन चलाये जा रहे हैं। डेली मेल में छपी ख़बर के अनुसार चिड़ियाघर में पाँच शेर मौजूद थे, जिनमे एक की मौत हो चुकी है। अब ये चार शेर भी अपनी जिंदगी के आखिरी दिन गिन रहे हैं।


इंटरनेट पर कैम्पेन चलाते हुए लोग इन शेरों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। लोग पशुओं के अधिकारों के लिए लड़ने वाली संस्थाओं से भी इन्हे बचाने की अपील कर रहे हैं।


(चित्र: Osman Sahil)

(चित्र: Osman Sahil)



गौरतलब है कि पार्क के अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि पार्क के संचालन के लिए किसी भी तरह की सरकारी मदद नहीं मिल रही है, जिसके चलते यहाँ की व्यवस्थाएं लोगों के दान पर निर्भर हैं। पार्क के संचालन की ज़िम्मेदारी खार्तूम नगरपालिका के पास है।

पार्क के अधिकारियों की मानें तो ये हालत बीते एक-दो हफ्तों में अधिक खराब हुए हैं, इस दौरान कुछ शेरों का वजन दो-तिहाई से अधिक कम हो गया है।

इन शेरो को रस्सी से बांधकर ड्रिप के जरिये ग्लूकोज दिया जा रहा है, जिससे ये शेर डिहाइड्रेशन का शिकार न हों। शेरों के बाड़े में मीट के कुछ टुकड़े पड़े हुए हैं, जो पूरी तरह सड़ चुके हैं।


सुडान की अर्थव्यवस्था बेहद कमजोर हो चुकी है, देश में विदेशी मुद्रा भंडार करीब खत्म होने की कगार पर है। देश में आम जरूरत के सामानों की कीमतें भी काफी बढ़ चुकी हैं, ऐसे में इन जानवरों की देखरेख भी मुश्किल में आ चुकी है।


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