लखनऊ के इस युवा इंजीनियर ने ड्रोन के सहारे बचाई नाले में फंसे पिल्ले की जान

By yourstory हिन्दी
May 04, 2018, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:15:18 GMT+0000
लखनऊ के इस युवा इंजीनियर ने ड्रोन के सहारे बचाई नाले में फंसे पिल्ले की जान
मानवता की मिसाल, ड्रोन और रोबोट का सही इस्तेमाल...
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 लखनऊ के रहने वाले मिलिंद राज की उम्र 27 साल है। करीब महीने भर पहले वह रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी उन्हें किसी जानवर के चीखने की आवाज सुनाई पड़ी। उन्होंने इधर-उधर खोजबीन की तो पता चला कि पास के नाले में एक कुत्ते का बच्चा फंसा हुआ है।

ड्रोन के सहारे बाहर निकलता हुआ पिल्ला

ड्रोन के सहारे बाहर निकलता हुआ पिल्ला


राज उसे अपने घर लेकर आए। मासूम पिल्ला कुछ दिन तक कुछ खाने पीने में भी असमर्थ रहा। लेकिन अब उसकी हालत बिलकुल ठीक है। राज ने उस पिल्ले को गोद ले लिया है। 

जानवरों से प्यार करने वाले तो कई लोग होंगे, लेकिन हम आज आपको एक ऐसे शख्स से मिलवाने जा रहे हैं जिसने नाले में गिरे कुत्ते के बच्चे को बचाने के लिए ड्रोन तैयार कर डाला। उस शख्स का नाम है मिलिंद राज। लखनऊ के रहने वाले मिलिंद राज की उम्र 27 साल है। करीब महीने भर पहले वह रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी उन्हें किसी जानवर के चीखने की आवाज सुनाई पड़ी। उन्होंने इधर-उधर खोजबीन की तो पता चला कि पास के नाले में एक कुत्ते का बच्चा फंसा हुआ है।

राज ने बताया, 'वह ऐसी जगह पर फंसा था कि मैं सोच भी नहीं सकता।' उन्होंने उसे बाहर निकालने के लिए कई लोगों की मदद मांगी लेकिन सब चलते बने। उन्होंने कहा, 'वह पिल्ला एकदम दलदल में फंसा था और बाहर निकलने के चक्कर में धंसता ही जा रहा था। उसे बाहर निकालना काफी मुश्किल लग रहा था। कई लोगों ने तो यह भी कहा कि पिल्ला ही तो है, मर जाने दो।' लेकिन राज की अंतरात्मा ने उसे छोड़कर चले जाने की इजाजत नहीं दी। राज पेशे से टेक इनोवेटर हैं। उन्होंने अपनी तकनीक के सहारे पिल्ले की जान बचाने का फैसला किया।

राज घर वापस आए और छह घंटों के भीतर एक स्पेशल ड्रोन तैयार कर दिया। इस ड्रोन में एक रोबोटिक फंदा लगा दिया। इस पूरे स्ट्रक्चर का वजन लगभग 8 किलोग्राम था। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया था कि पिल्ला आसानी से इसके सहारे बाहर निकल आए और सांस भी ले सके। लेकिन यह काम थोड़ा रिस्की थी। राज बताते हैं कि अगर एक बार पिल्ला बीच से गिर जाता तो उसके बचने की संभावना कम ही रहती। इसीलिए उन्होंने पिल्ले के आराम का भी ख्याल रखा।

मिलिंद राज अपने पिल्ले के साथ

मिलिंद राज अपने पिल्ले के साथ


आखिरकार राज की मेहनत सफल हुई और उन्होंने इस ड्रोन के सहारे पिल्ले को बाहर खींच ही लिया। हालांकि दो बार ड्रोन फिसला भी, लेकिन अंतत: पिल्ला बाहर ही आ गया। बाहर आने पर पिल्ले ने पान मसाला के पैकेट्स और पॉलीथीन की उल्टियां कीं। उसके मुंह से जहरीला काला पानी दिख रहा था। राज उसे अपने घर लेकर आए। मासूम पिल्ला कुछ दिन तक कुछ खाने पीने में भी असमर्थ रहा। लेकिन अब उसकी हालत बिलकुल ठीक है। राज ने उस पिल्ले को गोद ले लिया है। वे कहते हैं कि लोगों को जानवरों के प्रति दयावान होना चाहिए और मुश्किल हालत में उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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