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PayU ने टोकनाइज किए 5 करोड़ कार्ड, क्यों जरूरी है टोकनाइजेशन, कैसे करें?

टोकनाइजेशन के तहत, कार्ड के जरिए ट्रांजैक्शन के लिए एक यूनिक अल्टरनेट कोड यानी टोकन जनरेट किया जाता है. ये टोकन ग्राहक की जानकारी का खुलासा किए बिना पेमेंट करने की अनुमति देंगे.

PayU ने टोकनाइज किए 5 करोड़ कार्ड, क्यों जरूरी है टोकनाइजेशन, कैसे करें?

Thursday September 22, 2022 , 4 min Read

फिनटेक स्टार्टअप PayU ने आज घोषणा की है कि उसने अब तक 50 मिलियन (5 करोड़) से अधिक कार्ड्स को सफलतापूर्वक टोकनाइज कर दिया है. PayU का दावा है कि इसमें सभी डॉमेस्टिक ट्रांजेक्शन के 90% को टोकन करने की क्षमता है. क्योंकि यह भारत के सबसे बड़े पेमेंट नेटवर्क्स - Visa, Mastercard और RuPay के साथ लाइव है. और उनके द्वारा टोकन अनुरोधकर्ता और टोकन प्रदाता के रूप में पूरी तरह से प्रमाणित है.


PayU Token Hub एक अनूठा समाधान है जो एक ही हब के तहत नेटवर्क टोकन और जारीकर्ता टोकन दोनों की पेशकश करता है. इसमें कार्ड और बैंक नेटवर्क का बड़ा कवरेज है और यह American Express और Diners Club पर भी लाइव है. डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए ट्रांजेक्शन की तुलना में PayU द्वारा प्रोसेस किए गए टोकन ट्राजेंक्शन के लिए सफलता दर औसतन 6-7% अधिक है.

टोकनाइजेशन सिस्टम का मकसद ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड को रोकना है. अगर आप अपने कार्ड को टोकेनाइज नहीं करते हैं तो ऑनलाइन स्टोर पर सेव डेबिट या क्रेडिट कार्ड को हटा दिया जाएगा. हालांकि कार्ड टोकनाइजेशन अनिवार्य नहीं है, लेकिन यह एक ही वेबसाइट या ऐप से बार-बार शॉपिंग या पेमेंट को आसान बनाता है.

टोकनाइजेशन के तहत, कार्ड के जरिए ट्रांजैक्शन के लिए एक यूनिक अल्टरनेट कोड यानी टोकन जनरेट किया जाता है. ये टोकन ग्राहक की जानकारी का खुलासा किए बिना पेमेंट करने की अनुमति देंगे.

आरबीआई का नियम कहता है कि 1 अक्टूबर, 2022 के बाद कार्डहोल्डर्स की कार्ड डिटेल्स उसके बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था/नेटवर्क के अलावा कोई और सेव नहीं कर सकता. इसके पहले ही यूजरों को कार्ड डिटेल्स को टोकन से रिप्लेस करना होगा. यानी कि अपने कार्ड को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी बैंकों और खुद कार्डहोल्डर्स की है. आपको अपना डेटा सुरक्षित रखने का विकल्प दिया जा रहा है.

ऐसे करें कार्ड का टोकनाइजेशन

आपको अपनी कार्ड की डिटेल्स को टोकन में बदलना कैसे है, कैसे आपकी डिटेल्स टोकन से रिप्लेस होंगी, उसका स्टेप-बाई-स्टेप प्रोसेस कुछ ऐसे है-

  • अगली बार जब आप किसी ऐप या ऑनलाइन वेबसाइट पर शॉपिंग के बाद कार्ड से पेमेंट करने जाएं तो आपको टोकनाइजेशन का विकल्प चुनना होगा.

  • पेमेंट ट्रांजैक्शन प्रोसेस शुरू करने के बाद आपको अपने डेबिट या क्रेडिट, जिस भी मोड में आप पेमेंट कर रहे हों, उसकी डिटेल देनी होगी. यहां अपने कार्ड की डिटेल्स भरें.

  • इसके बाद आपको "secure your card as per RBI guidelines" .या "tokenise your card as per RBI guidelines" का विकल्प दिखाई देगा. यह ऑप्शन सेलेक्ट कर लें.

  • कार्ड का टोकन बनाने के लिए यहां आपको अपना अप्रूवल देना होगा. इसके लिए आपको आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर एक OTP आएगा, यह OTP डालने से आपका टोकन बन जाएगा.

  • अब आपका टोकन तैयार है और ट्रांजैक्शन प्रोसेस खत्म होने के बाद मर्चेंट के पास आपकी कार्ड की डिटेल्स की बजाय यह टोकन सेव होगा और आपका डेटा सुरक्षित रहेगा.

PayU पेमेंट्स के चीफ़ प्रोडक्ट ऑफिसर मानस मिश्रा ने कहा, “उपलब्धि ग्राहकों की सुविधा से समझौता किए बिना व्यापारियों को सरकारी नियमों का पालन करने में मदद करने के लिए PayU की प्रतिबद्धता दर्शाती है. हमने देश के कुछ सबसे बड़े व्यापारियों को पहले ही इंटीग्रेट कर दिया है, और जैसे-जैसे समय सीमा नजदीक आती जा रही है, हम अधिक व्यवसायों और उनके ग्राहकों की मदद करने के लिए तत्पर हैं. Token Hub के साथ हम सरकार के डिजिटल इंडिया विजन की दिशा में काम कर रहे हैं. क्योंकि हमारा मानना ​​है कि यह रेग्यूलेशन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को साइबर फ्रॉड्स और चोरी से सुरक्षित बनाकर डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम को बढ़ावा देगा."

PayU Token Hub को अक्टूबर 2021 में लॉन्च किया गया था, ताकि व्यवसायों को ऑनलाइन कार्ड डेटा स्टोरेज पर RBI के नए दिशानिर्देशों का पालन करने में मदद मिल सके, जबकि जारी करने वाले बैंकों को भी अपने स्वयं के टोकन जनरेट करने की अनुमति मिल सके. Wibmo द्वारा संचालित, PayU Token Hub को एक इंटरऑपरेबल प्लग-एंड-प्ले सॉल्यूशन के रूप में तैयार किया गया है, ताकि सिंगल इंटीग्रेशन पॉइंट का उपयोग करके फ़ाइल और डिवाइस टोकन पर कार्ड को सक्षम किया जा सके.

RBI की विस्तारित समय सीमा के अनुसार, केवल बैंकों और नेटवर्क को 30 सितंबर, 2022 से कस्टमर के कार्ड का डेटा कलेक्ट करने की अनुमति होगी.