जान दांव पर लगाकर एक्सिडेंट करने वाले ड्राइवर को पकड़ने वाली कॉन्स्टेबल स्वीटी

हरियाणा में आरपीएफ की बहादुर कांस्टेबल स्वीटी को खुद को सम्मानित किए जाने की बात पर खुशी जरूर है लेकिन एक ऐतराज भी कि तमाम वाहनों को धक्का मारकर भाग रहे एक घर में जा घुसे जिस ऑटो चालक को उन्होंने लोगों की मदद से दबोचकर पुलिस के हवाले किया, उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?

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सांकेतिक तस्वीर

जब किसी बहादुर महिला को, भले ही वह फोर्स की भी नौकरी क्यों न कर रही हो, हमारा पुलिस तंत्र सम्मानित करने, सराहने की बजाय अपमानित करने लगता है, तब सामाजिक प्रतिरोध जरूरी हो जाता है। हरियाणा का एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जब मीडिया की जागरूकता से यह प्रकरण सुर्खियों में आ गया तो बहादुर महिला कांस्टेबल स्वीटी को वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. राजीव कुमार वर्मा ने पुरस्कृत करने का फैसला लिया। आयुक्त ने बताया कि महिला कांस्टेबल ने बहादुरी दिखाते हुए जिस तरह अपना फर्जा निभाया, उसके लिए पुरस्कार की हकदार है। उधर, थाना प्रभारी आरके ओझा ने उस घटनाक्रम की पूरी डिटेल रिपोर्ट बना ली है, जिसमें कांस्टेबल स्वीटी ने एक पर एक कई वाहनों को धक्का मारकर भाग रहे ऑटो वाले को अपनी स्कूटी से पीछा कर दबोच लिया था।


इस समय आरपीएफ रोहतक (हरियाणा) में तैनात कांस्टेबल स्वीटी बास्केटबॉल की अच्छी खिलाड़ी भी हैं। वह मूलतः लाखन माजरा की रहने वाली हैं और इस वक़्त प्रेम नगर में रहती हैं। पिछले दिनों वह शाम करीब साढ़े सात बजे एक्टिवा से सुखपुरा में खरीददारी करने जा रही थीं। तभी एक ऑटो चालक ने नौ लोगों को टक्कर मार दी, जिससे अफरातफरी पैदा हो गई। स्वीटी ने अपनी स्कूटी से ऑटो का पीछा शुरू कर स्थानीय लेबर चौक के पास उसे घेर लिया। उसने पहले तो धक्का मारा और फिर करीब आठ हजार रुपये से भरा पर्स छीनकर भागने लगा। स्वीटी ने तुरंत उसके ऑटो की चाबी कब्जे में ली और लोगों की मदद से पीछा करने लगीं। आखिरकार, जेपी कालोनी के एक मकान में जा छुपे चालक को दबोचकर उसका ऑटो भी गौकर्ण पुलिस चौकी के हवाले कर दिया गया। स्वीटी ने चालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए उसी समय पुलिस से लिखित शिकायत भी कर दी।


स्वीटी बताती हैं कि घटनाक्रम के दौरान जब कंट्रोल रूम पर मामले की जानकारी देकर पुलिस भेजने के लिए कहा गया तो कंट्रोल रूम ने सुखपुरा चौकी पुलिस को मौके पर पहुंचने के आदेश दिए गए। सुखपुरा पुलिस चौकी ने अपना इलाका नहीं होने का हवाला देकर खामोशी साध ली। इसके बाद आदेश मिलने पर गौकर्ण पुलिस चौकी के ही पुलिस कर्मी करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचे। स्वीटी कहती हैं कि ऐसे तो पुलिस अपना इलाका नहीं होने का हवाला देकर मदद के लिए नहीं पहुंचेगी और संकट में फंसे किसी व्यक्ति की जान पर भी आ सकती है। पुलिस का रवैया ऐसा नहीं होना चाहिए। धरे-धराए ऑटो चालक को पुलिस वालो ने बिना कार्रवाई बाद में छोड़ भी दिया।


स्वीटी बताती हैं कि अब सांठ-गांठ कर लेने के बाद आरोपी की तरफदारी में पुलिस उनसे पूछती है कि वह उसे पहले से जानती हैं क्या, उनकी ऑटो चालक से पहले से कोई दुश्मनी तो नहीं! बार-बार ऐसी बातें पूछे जाने से वह परेशान हो उठीं। उन्हे थाने बुलाया जाने लगा। पुलिस को उनका जवाब था कि वह थाने तो जाएंगी नहीं, जब तक आरोपी ऑटो चालक को पकड़ कर जेल नहीं भेजा जाता। रही बात ऑटो चालक से पुरानी जान-पहचान अथवा दुश्मनी की तो उससे उनका क्या वास्ता। वह समझ रही हैं कि पुलिस ले-देकर उन पर दबाव बना रही है। वह भी आरपीएफ में हैं और वहां भी फरियादी आते हैं, लेकिन उनके साथ इतना गलत सुलूक नहीं किया जाता है। अब उन्हें सूचना मिली है कि सचाई जान लेने के बाद वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. राजीव कुमार वर्मा ने उन्हे सम्मानित करने का निर्णय लिया है।


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