लॉकडाउन का उल्लंघन करना दूल्हे को पड़ा भारी, लेकर गया था बारात और पहुंच गया हवालात

By yourstory हिन्दी
March 28, 2020, Updated on : Sat Mar 28 2020 08:31:30 GMT+0000
लॉकडाउन का उल्लंघन करना दूल्हे को पड़ा भारी, लेकर गया था बारात और पहुंच गया हवालात
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

कोरोना महामारी (COVID-19) के चलते पूरा देश लॉकडाउन है। कोरोना के दौर में पुलिस प्रशासन लोगों सोशल डिस्टैंसिंग और साफ-सफाई का महत्व समझा रहा है। ऐसे में प्रशासन की सख्ती के चलते उन लोगों को काफी दिक्कतें आ रही हैं जिनकी शादी की तैयारियां पहले ही चुकी थीं।


k

सांकेतिक चित्र (फोटो क्रेडिट: telangana today)



देवभूमि उत्तराखंड से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे पढ़कर आपके चेहरे पर भी मुस्कान आ जाएगी। पुलिस प्रशासन के निर्देशों को नहीं मानना एक दूल्हे को बहुत भारी पड़ गया। इतना भारी कि वह साथ लेकर गया था बारात और पहुंच गया हवालात। दूल्हे के साथ-साथ काजी को भी पुलिस ने थाने में बैठा लिया।





क्वैरंटाइन क्षेत्र में बिना अनुमति के बारात लाने पर दूल्हे सलीम और उसके साथ के 8 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दरअसल मामला उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले का है। हुआ कुछ यूं कि किच्छा तहसील के सिरौलीकला गांव में लड़की का निकाह था। बारात तय समय पर आई। पुलिस को किसी से इस बारे में सूचना मिली कि शादी में कई लोग एक जगह इकठ्ठे हो रहे हैं। बस सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों डांटा।

पुलिस को देखते ही निकाह में आए लोग भाग गए। पुलिस ने बताया कि कोरोना के मामले में यह इलाका काफी संवेदनशील है। निकाह वाले इलाके में 8 लोग क्वैरंटाइन हैं। इसके कारण यहां होने वाली शादियों को टाला जा रहा है। अगर कोई नहीं मानता तो उसे सशर्त परमिशन दी जा रही है।


निर्देश है कि शादी में 4-5 से अधिक लोग इकठ्ठे नहीं होने चाहिए। सलीम बिना परमिशन के बारात लेकर आया जिसके कारण दूल्हे और काजी सहित 8 लोगों को थाने में ले जाया गया। हालांकि बाद में उनके फटकार लगाकर छोड़ दिया गया।





पुलिस ने बताया कि दूल्हे सलीम, उसके पिता हकीम और काजी सहित 8 लोगों को अरेस्ट किया गया। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और इन्हें वॉर्निंग देकर छोड़ा गया है।


मालूम हो, देश में तेजी से बढ़ती कोरोना महामारी की वजह से केंद्र और राज्य सरकारें पूरी तरह अलर्ट पर हैं। पूरा देश 14 अप्रैल तक 'बंद' है। लोगों को समझाया जा रहा है कि सेल्फ डिस्टैंसिंग का पालन करें और कोरोना के खात्मे में सरकार का सहयोग करें। फिर भी कई लोग नहीं मान रहे हैं। हो सकता है कि ऐसी खबरें पढ़ने के बाद शायद लोगों को समझ आए।