सोनिया ने सरकार के खर्च में 30 फीसदी की कटौती और 'सेंट्रल विस्टा' परियोजना के स्थगन का सुझाव दिया, राहुल बोले, 'सबसे पहले भारतवासियों के लिए दवाएं उपलब्ध हों'

By भाषा पीटीआई
April 07, 2020, Updated on : Tue Apr 07 2020 12:01:30 GMT+0000
सोनिया ने सरकार के खर्च में 30 फीसदी की कटौती और 'सेंट्रल विस्टा' परियोजना के स्थगन का सुझाव दिया, राहुल बोले, 'सबसे पहले भारतवासियों के लिए दवाएं उपलब्ध हों'
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नयी दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि कोरोना संकट के मद्देनजर सरकार के खर्च में 30 फीसदी की कटौती और 'सेंट्रल विस्टा' परियोजना को स्थगित करने सहित कई कदम उठाये जाएं।


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फोटो क्रेडिट: BusinessToday



उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में यह सुझाव भी दिया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रियों और नौकरशाहों के विदेश दौरों को स्थगित करने और सरकारी विज्ञापनों पर भी रोक लगाने की जरूरत है।


सोनिया ने सांसदों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती का समर्थन करते हुए कहा कि 'पीएम केयर्स' कोष की राशि को भी प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में हस्तातंरित किया जाए।


कोरोना संकट को लेकर प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों फोन पर सोनिया से बात की थी।


वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मलेरिया की दवा को लेकर 'जवाबी कार्रवाई' वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान की पृष्ठभूमि में मंगलवार को कहा कि सरकार दूसरे देशों की मदद करे, लेकिन भारतीय नागरिकों के लिए जरूरी दवाएं उपलब्ध रहनी चाहिए।


उन्होंने ट्रंप पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए यह भी कहा कि मित्रता का मतलब जवाबी कार्रवाई नहीं होता है।


गांधी ने ट्वीट किया,

'मित्रता जवाबी करवाई नहीं होती। भारत को जरूरत के इस समय में सभी देशों मदद करनी चाहिए, लेकिन जीवनरक्षक दवाएं भारतीय नागरिकों के लिए उचित मात्रा में पहले उपलब्ध होनी चाहिए।'


दअरसल, ट्रंप ने भारत से 'हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन' की मांग दोहराते हुए कहा है कि अगर भारत इस दवा की आपूर्ति करता है तो ठीक, वरना हम जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। इससे पहले गत रविवार को ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर आग्रह किया था कि भारत अमेरिका को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन उपलब्ध कराए। अमेरिका इन दिनों कोरोना महामारी का सामना कर रहा है।


 हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल मलेरिया के उपचार के लिए होता है। भारत इस दवा का प्रमुख निर्यातक है।