'Yo!', आस-पास के लोगों को एक कड़ी में जोड़े

    By Prakash Bhushan Singh
    July 06, 2015, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:20:58 GMT+0000
    'Yo!', आस-पास के लोगों को एक कड़ी में जोड़े
    Yo! में मोबाइल आधारित विज्ञापन प्रौद्योगिकी के बाजार में क्रांतिकारी बदलाव करने की क्षमता है
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    उत्पाद विकास के 11 से अधिक वर्षों अनुभव के साथ प्रसन्न झा ने अपनी उद्यमिता की यात्रा की शुरुआत झामोबी डॉट कॉम नाम की मोबाइल एप्लीकेशन कंपनी की स्थापना कर के की. झामोबी ने अपना प्रमुख मोबाइल एप्प Yo! विकसित किया है. जोकि लोगों को अपने आस-पास के लोगों और व्यापार से जोड़ता है. प्रसन्न ने जब अपनी नौकरी छोड़ कर मोबाइल एप्प के क्षेत्र में शुरुआत करने की सोची तब उनके पास कोई दृष्टिकोण, कोई व्यापारिक योजना, पूँजी या कोई साझीदार नहीं था.प्रसन्न बताते हैं कि "मेरे पास अगर कुछ था तो दृढ़ विश्वास कि मैं कोई दूसरी नौकरी नहीं करूँगा क्योकिं ऐसा कर के मैं अपने साथ, अपने परिवार और अपने नियोक्ता के साथ न्याय नहीं कर सकूँगा."

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    प्रसन्न और मनीष दोनों आईआईटी, खड़गपुर से पढ़े हुए हैं. इनके द्वारा विकसित Yo ! एप्प आपके आस-पास के लोग/व्यापार का पता लगाने और उस से जोड़ने का काम करता हैं. Yo! के द्वारा आप माइक्रो ब्लॉग या चैट के माध्यम से आपके आसपास क्या हो रहा है यह साझा कर सकते हैं। इसका सबसे महत्व पूर्ण फीचर हैं कि यह स्थानीय दुकानदारों या व्यापारियों के किसी खास ऑफर या अभियान और विज्ञापन कि सूचना सीधे और त्वरित रूप से यह आप तक पहुंचाता हैं.

    यह अन्य किसी स्थान आधारित मोबाइल एप्प से भिन्न कैसे हैं?

    Shout, ad-near, और Wooplr जैसे स्थान आधारित ऍप्स Yo! के मुख्य प्रतिद्वंदी हैं. लेकिन वो जो जानकारी उपलब्ध करते हैं वो पहले से ही उनके डेटाबेस में मौजूद होती हैं. उदहारण के लिए Wooplr खरीदारी से सम्बंधित सूचनाएं मुहैया करता जबकि Yo! पर सभी प्रकार कि सूचनाएं मिल जाती हैं. "Yo! अधिक गतिशील है और आसपास के लोगों से आने वाली ताजा जानकारी प्रस्तुत करता हैं. आस-पास के लोगों को जोड़ना Yo! की सबसे बड़ी खासियत हैं." प्रसन्न कहते हैं.

    स्मार्टफोन पर निकटता की शक्ति को स्थान देते हुए किसी को भी बाजार के साथ जोड़ने के लिए किसी स्थान के बारे में जानकारी का मंच निर्मित करना ही इन दोनों का प्रमुख उद्देश्य हैं.

    यह "बिजनेस टू कस्टमर" और "बिजनेस टू बिजनेस" दोनों मॉडल पर कार्य करता हैं. "बिजनेस टू कस्टमर" में यह अज्ञात को ज्ञात बनाता है। यह आपके वर्तमान स्थान को सूचित करते हुए आपके आस-पास के लोगों से आपका संवाद स्थापित करता हैं. Yo! स्थानीय वर्गीकृत विज्ञापनों से आपको जोड़ता हैं जिसे की आप स्थानीय स्तर पर ही खरीद फरोख्त कर सकते हैं. " अगर आपको अपनी बाइक या टेनिस का रैकेट बेचना हैं तो सम्भव है कि २ से ५ किमी की परिधि में ही आपको इस के लिए कोई सर्वोत्तम ग्राहक इस एप्प के माध्यम से मिल जाए" मनीष बताते हैं.

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    और "बिजनेस टू बिजनेस"मॉडल में Yo! सभी व्यापारियों को स्थानीय जनसांख्यिकी को समझते हुए, अपने ग्राहक आधार को परिभाषित करते हुए, समय का चयन कर के सन्देश प्रसारित कर के व्यापार करने और लाभ अर्जित करने का एक माध्यम प्रदान करता हैं. "इस समय ऑफ़लाइन स्थानीय बाजार के पास अपने ग्राहकों को जोड़ने और उन्हें बनाये रखने का कोई माध्यम नहीं हैं. Yo! उनकी इस समस्या का समाधान करता हैं." प्रसन्न कहते हैं.

    विपणन पर किसी भी प्रकार के व्यय के बगैर ही पिछले ६ महीने में Yo! के ५०० उपभोक्ता हैं. इस एप्प का औपचारिक प्रारम्भ आईआईटी, खडगपर के स्प्रिंग फेस्ट के दौरान जनवरी २०१४ में हुआ था. स्थानीय व्यापारियों को सम्भवतः अपने उत्पाद या सेवाओं का प्रभावी तरीके से विज्ञापन करने की आवश्यकता होती हैं. यह एप्प एक ऐसा माध्यम मुहैय्या करता हैं जहाँ वो अपना क्षेत्र, अपना ऑफर/अभियान या विज्ञापन बिना किसी शोर, समय या खर्च के कर सकें.

    “सबसे पहले हम पुणे के स्थानीय व्यापारियों को उनके ग्राहकों से जोड़ेंगे. तब अन्य प्रमुख शहरों में इसको दोहराएंगें." प्रसन्न के अनुसार इस मोबाइल एप्प Yo! में मोबाइल आधारित विज्ञापन प्रौद्योगिकी के बाजार में क्रांतिकारी बदलाव करने की क्षमता है.

    तो डाउनलोड कीजिये Yo! और जुड़ जाइए अपने आस-पास की दुनिया से......

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