दिवाली से लेकर न्यू ईयर तक पटाखे की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध: पर्यावरण मंत्री गोपाल राय

दिवाली से लेकर न्यू ईयर तक पटाखे की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध: पर्यावरण मंत्री गोपाल राय

Wednesday September 07, 2022,

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सितम्बर-अक्टूबर से दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में वायु प्रदूषण का लेवल बढ़ने लगता है. दिसम्बर-जनवरी तक यह समस्या सीवियर कंडीशन में पहुंच जाती है. दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के उच्च स्तर से निपटने के लिए 15-सूत्रीय फोकस योजना तैयार कर रही है जिसे विंटर एक्शन प्लान कहा गया है. राज्य सरकार ने पिछली सर्दियों में भी ऐसा ही 10 सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की थी. इस साल के 15 फोकस बिंदु पर एक सामूहिक कार्य योजना बनाई जाने के लिए 5 सितम्बर को बैठक की गई. इस मीटिंग में लगभग 30 विभागों को विस्तृत प्लान तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया. 

इस साल की शीतकालीन कार्य योजना इन 15 फोकस बिंदु पर आधारित होंगीं:

1- पराली की समस्या 2- डस्ट प्रदूषण 3- वाहनों से होने वाले प्रदूषण 4- ओपन कूड़ा बर्निंग 5- औद्योगिक प्रदूषण 6- ग्रीन वार रूम एवं ग्रीन ऐप 7- हॉट स्पॉट 8- रियल टाईम अपोर्समेंट स्टडी (आई.आई.टी. कानपुर द्वारा) 9- स्मॉग टावर 10- ई-वेस्ट पार्क 11- हरित क्षेत्र को बढ़ाना / वृक्षारोपण 12- अर्बन फार्मिग 13- इको क्लब एक्टीविटी / जन भागीदारी को बढ़ावा 14- फायर क्रेकरर्स 15-केन्द्र सरकार एवं पड़ोसी राज्यों के साथ संवाद जैसे बिंदु शामिल हैं. 


इसी दिशा में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबन्ध लगाए जाने की घोषणा की है. राष्ट्रीय राजधानी में एक जनवरी तक सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक रहेगी. और यह प्रतिबंध पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर भी लागू है.


गोपाल राय ने ट्विटर पर लिखा कि दिल्ली में लोगों को प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए पिछले साल की तरह ही इस बार भी सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा रहा है, ताकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके.


यह प्रतिबंध एक जनवरी 2023 तक लागू रहेगा. प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने को लेकर दिल्ली पुलिस, डीपीसीसी और राजस्व विभाग के साथ मिलकर कार्य योजना बनाई जाएगी.


बता दें कि पिछले साल दिल्ली सरकार ने 28 सितंबर से एक जनवरी 2022 तक दिल्ली में पटाखों की बिक्री और फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था. पटाखों को जलाने के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए शहर सरकार ने 'पटाखे नहीं दिए जलाओ' अभियान भी शुरू किया था. वहीं, पटाखे जलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई.