दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश पर टिकी 'आप' की नजर

By भाषा पीटीआई
February 24, 2020, Updated on : Mon Feb 24 2020 06:01:30 GMT+0000
दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश पर टिकी 'आप' की नजर
दिल्ली में लगातार दूसरी बार धमाकेदार जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी (आप) की नजर अब उत्तर प्रदेश पर टिक गई है और राज्य के अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी 'दिल्ली विकास मॉडल' पर वोट मांगेगी।
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लखनऊ, दिल्ली में लगातार दूसरी बार धमाकेदार जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी (आप) की नजर अब उत्तर प्रदेश पर टिक गई है और राज्य के अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी 'दिल्ली विकास मॉडल' पर वोट मांगेगी।


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फोटो क्रेडिट: republic world



दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद रविवार को पहली बार लखनऊ के दौरे पर आए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने 'भाषा' से बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के अगले विधानसभा चुनाव में दिल्ली के विकास मॉडल के नाम पर वोट मांगेगी।


उन्होंने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में 'गुजरात मॉडल' का धोखा देकर जनता से वोट लिए थे लेकिन गुजरात मॉडल दरअसल झूठ के सिवा कुछ नहीं था। हाल के विधानसभा चुनाव में दिल्ली की जनता ने यह जाहिर कर दिया है कि दिल्ली मॉडल ही विकास का असल मॉडल है।


सिंह ने कहा कि राजनीतिक लिहाज से सबसे संवेदनशील राज्य उत्तर प्रदेश में पार्टी अपनी जमीन तैयार करने में जुट गई है।


उन्होंने बताया कि आप 24 फरवरी से 22 मार्च तक सदस्यता अभियान चलाएगी, जिसमें 25 लाख सदस्य बनाए जाएंगे। इसके लिए अगले 90 दिनों में पार्टी कार्यकर्ता एक लाख सात हजार गांवों में जाएंगे।


सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस बात के लिए आश्वस्त है कि वर्ष 2022 में होने वाला उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। भाजपा की तमाम जहरीली बातों और हथकंडों के बावजूद दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी बेहद सुखद है। इससे संकेत मिलते हैं कि जनता अब नफरत की राजनीति के बजाय विकास देखना चाहती है।


सिंह ने कहा कि 'आप' उत्तर प्रदेश में इस साल होने वाले पंचायत चुनाव में अपने उम्मीदवार खड़े करेगी। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ता जनता की राय एकत्र करेंगे, मुद्दों की जानकारी लेंगे और पार्टी संयोजक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तीन महीने में रिपोर्ट देंगे।


उन्होंने बताया कि शहरी इलाकों में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए नगरों के 12 हजार वार्डों में जनसम्पर्क होगा। उत्तर प्रदेश मूल के पांच विधायक दिल्ली सरकार में मंत्री हैं। वे इन अभियानों को चलाने में विशेष भूमिका निभाएंगे।





सिंह ने बताया कि दिल्ली विधानसभा में चुनाव जीते आम आदमी पार्टी के 15 विधायक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और वे प्रदेश में पार्टी की जमीन तैयार करेंगे। इन विधायकों को चुनाव में खास जिम्मेदारी दी जाएगी। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय कोर मुद्दों पर काम किया जाएगा।


आप के राज्यसभा सदस्य ने कहा कि पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी कार्यकर्ता घर, घर जाकर लोगों को दिल्ली के विकास मॉडल की जानकारी देंगे। साथ ही उनके लिए अपनी योजनाओं के बारे में बताएंगे।


आप प्रवक्ता ने कहा कि जनता अब यह जान चुकी है कि नफरत की राजनीति से किसी का कोई भला नहीं होता। जनता ने जिस भाजपा पर विश्वास किया उसने उसे छला है। लोगों को अब इसका बखूबी एहसास भी होने लगा है।


सिंह ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन के तमाम दावों के विपरीत गुंडाराज, अराजकता व्याप्त है और लोकतंत्र का गला घोटने की सरकारी स्तर पर साजिशें की जा रही हैं।


उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान, नौजवान, महिलाएं तथा समाज का हर वर्ग बेहद परेशान है, मगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास की झूठी बातें कहकर अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हैं।


सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोकतंत्र का गला घोटने की प्रयोगशाला बन चुका है। सीएए और एनआरसी के जनविरोध को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान और कार्रवाइयां एक असफल मुख्यमंत्री की निशानियां हैं। अब प्रदेश की जनता विकास की राजनीति चाहती है और साफ-सुथरा नेतृत्व देने में सिर्फ आम आदमी पार्टी ही सक्षम है।


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