BBC पर आयकर विभाग की टेढ़ी नजर: इनकम टैक्स सर्वे और इनकम टैक्स रेड में क्या है अंतर?

आयकर विभाग ने कथित टैक्स चोरी की जांच के तहत दिल्ली व मुंबई में BBC के कार्यालयों और दो अन्य संबंधित स्थानों पर मंगलवार को ‘सर्वे ऑपरेशन’ शुरू किया था.

BBC पर आयकर विभाग की टेढ़ी नजर: इनकम टैक्स सर्वे और इनकम टैक्स रेड में क्या है अंतर?

Wednesday February 15, 2023,

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BBC (ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन) इंडिया के खिलाफ आयकर विभाग (Income Tax Department) का ‘सर्वे ऑपरेशन’ बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा. ऐसा माना जा रहा है कि आयकर विभाग के अधिकारी, संगठन के इलेक्ट्रॉनिक एवं पेपर बेस्ड वित्तीय आंकड़ों की कॉपी बना रहे हैं. आयकर विभाग ने कथित टैक्स चोरी की जांच के तहत दिल्ली व मुंबई में BBC के कार्यालयों और दो अन्य संबंधित स्थानों पर मंगलवार को ‘सर्वे ऑपरेशन’ शुरू किया था. आयकर विभाग के कर्मचारी मंगलवार को पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे BBC के कार्यालय पहुंचे और वे अब भी वहां मौजूद हैं.

BBC कार्यालयों के परिसरों में चल रहे इस एक्शन के बीच कहा जाने लगा कि BBC के कार्यालयों पर आयकर विभाग का छापा यानी इनकम टैक्स रेड (Income Tax Raid) पड़ी है. लेकिन बता दें कि यह इनकम टैक्स रेड नहीं है बल्कि इनकम टैक्स सर्वे (Income Tax Survey) है. कानूनन दोनों चीजें अलग-अलग हैं. सर्वेक्षणों का मुख्य उद्देश्य जानकारी प्राप्त करना होता है. वहीं रेड के दौरान, मुख्य उद्देश्य बेहिसाब संपत्ति और ऐसे लेनदेन के रिकॉर्ड का पता लगाना है. आइए जानते हैं कि इनकम टैक्स सर्वे, रेड से कैसे अलग है...

इनकम टैक्स सर्वे

इनकम टैक्स सर्वे, आयकर कानून की धारा 133A के तहत आता है. सर्वे का प्राथमिक लक्ष्य जानकारी एकत्र करना है. सर्वे यह भी निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि किसी व्यक्ति या संस्थान ने अपने बही-खातों को सही ढंग से बनाया है या नहीं. सर्वे ऑपरेशन के तहत आयकर विभाग केवल कंपनी के व्यावसायिक परिसर की ही जांच करता है. कंपनी के प्रमोटर्स या निदेशकों के आवासों और अन्य स्थानों पर छापा नहीं मारा जाता. किसी के घर में इनकम टैक्स सर्वे तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक कंपनी के डॉक्युमेंट घर में न रखे गए हों. इतना ही नहीं इनकम टैक्स सर्वे सिर्फ बिजनेस वर्किंग डेज में ही किया जा सकता है. सर्वे में न तो पुलिस की मदद ली जा सकती है, न ही किसी की पर्सनल चीजों की खोजबीन हो सकती है.

आयकर अधिकारी जरूरत पड़ने पर इन्सपेक्ट किए गए बही खातों या अन्य डॉक्युमेंट्स पर आइडेंटिफिकेशन मार्क लगा सकता है. साथ ही इनकी कॉपी भी बना या बनवा सकता है. जरूरत पड़ने पर बही खातों या अन्य डॉक्युमेंट्स को एक निश्चित अवधि के लिए कस्टडी में भी लिया जा सकता है. लेकिन ऐसा करने के लिए उन्हें ठोस कारणों को रिकॉर्ड करना/कराना होगा. वे इन चीजों को प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर/चीफ कमिश्नर/प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल/डायरेक्टर जनरल/प्रिंसिपल ​कमिश्नर/कमिश्नर/प्रिंसिपल डायरेक्टर/डायरेक्टर की परमीशन के बिना 15 दिनों से अधिक समय तक (छुट्टियों को छोड़कर) जब्त नहीं रख सकते हैं.

कर अधिकारी चेक की गई या वेरिफाई की गई किसी भी चीज, कैश, स्टॉक या अन्य मूल्यवान वस्तु की इन्वेंटरी नहीं बना सकते हैं. वे प्रोसिडिंग से संबंधित या इसके लिए उपयोगी किसी भी व्यक्ति का स्टेटमेंट रिकॉर्ड नहीं कर सकते हैं.

इनकम टैक्स रेड

इनकम टैक्स रेड को सर्च व सीजर ऑपरेशन भी कहा जाता है. रेड, आयकर अधिनियम की धारा 132 के तहत आती है. टैक्स चोरी के मामलों में, छिपी हुई आय या धन को पकड़ने के लिए इनकम टैक्स रेड डाली जाती है. रेड में आयकर अधिकारी, व्यक्ति/कंपनी के व्यावसायिक परिसर या घर कहीं पर भी छापा मार सकता है. छापा, किसी भी दिन और किसी भी वक्त मारा जा सकता है और यह कितनी ही देर तक चल सकता है. सर्च व सीजर यानी जब्ती की कार्रवाई इस दौरान की जा सकती है. अघोषित संपत्ति का पता लगाने के लिए पूरे स्थान की तलाशी ली जा सकती है. परिसर में मौजूद किसी भी व्यक्ति की तलाशी ली जा सकती है. छापे के दौरान असहयोग की स्थिति में अधिकारी किसी भी दरवाजे या खिड़की को तोड़ सकते हैं. जानकारी, काला धन/अघोषित संपत्ति बाहर निकालने के लिए ताले तोड़े जा सकते हैं. इनकम टैक्स रेड में पुलिस की मदद भी ली जाती है. रेड के दौरान अधिकारी जानकारी बाहर निकालने के लिए ताले तक तोड़ सकते हैं. अधिकारी के पास पेपर, संपत्ति, आभूषण आदि कई चीजें जब्त करने की पावर होती है.

सोनू सूद के यहां भी हुआ था इनकम टैक्स सर्वे

सितंबर 2021 में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद को भी इनकम टैक्स सर्वे (Sonu Sood Income Tax Survey) का सामना करना पड़ा था. उनसे जुड़े करीब 6 ठिकानों पर इनकम टैक्स का सर्वे किया गया था. जहां तक BBC के कार्यालयों पर इनकम टैक्स सर्वे की बात है तो कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई मुंबई में आयकर विभाग के महानिदेशक द्वारा BBC के तीन परिसरों में शुरू की गई थी. BBC द्वारा दो-पार्ट वाली डॉक्युमेंट्री “इंडिया: द मोदी क्वेश्चन” को प्रसारित करने के कुछ सप्ताह बाद यह औचक कार्रवाई हुई है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों ने संकेत दिया कि जांच, BBC सहायक कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय कराधान के मुद्दों से जुड़ी है. ब्रिटिश सरकार के सूत्रों का कहना है कि भारत में BBC कार्यालयों में आयकर सर्वेक्षणों के बाद ब्रिटेन 'बारीकी से नजर' रख रहा है. BBC ने कहा है कि वह भारतीय आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और उम्मीद है कि यह स्थिति जल्द से जल्द सुलझ जाएगी.

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