AI मेटावर्स में दाखिल होना: जो वर्चुअल रिएलिटी और असीमित कल्पनाओं का संसार है

एआई के पास इंसानी इंटेलिजेंस की नकल करने का हुनर है. ऐसे में एआई जटिल कामकाज को मेटावर्स में आसानी से करने की क्षमता रखता है. आइए जानते हैं कि आखिर वर्चुअल एरिया में एआई का कैसे इस्तेमाल किया जा रहा है. आइए उसके उदाहरण पर गौर करें.

AI मेटावर्स में दाखिल होना: जो वर्चुअल रिएलिटी और असीमित कल्पनाओं का संसार है

Sunday July 16, 2023,

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मेटावर्स एक कॉन्सेप्ट हैं, जिसने टेक्नोलॉजी के जानने वाले और उत्साही लोगों की कल्पनाओं को कैप्चर करने का काम किया है. यह एक तेजी से विकसित होने वाला वर्चुअल एरिया है, जो डिजिटल वर्ल्ड में हमारी बातचीत के तरीके में बड़ा बदलाव लाने का वादा करता है. आने वाले दिनो में जैसे-जैसे डिजिटल का विस्तार होगा, तो उस वक्त टेक्नोलजी के विस्तार और फैलाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का अहम योगदान होगा.

एआई के पास इंसानी इंटेलिजेंस की नकल करने का हुनर है. ऐसे में एआई जटिल कामकाज को मेटावर्स में आसानी से करने की क्षमता रखता है. आइए जानते हैं कि आखिर वर्चुअल एरिया में एआई का कैसे इस्तेमाल किया जा रहा है. आइए उसके उदाहरण पर गौर करें.

वास्तविकता की सीमाओं को धुंधला कर देना

मेटावर्स में एआई एक शानदार एप्लीकेशन जनरेटिव एआई है. एडवांस्ड एल्गोरिदम का इस्तेमाल करके एआई इंसान, जगह या फिर किसी ऑब्जेक्ट के हाई क्वॉलिटी 3डी मॉडल बना सकता है. इस तरह यह टेक्नोलॉजी रिएलिटी और वर्चुअल वर्ल्ड के बीच की लाइन को धुंधली कर सकता है. साथ ही एआई लोगों के लिए इमर्सिव एक्सीपीएंस तैयार करता है, जो यूजर्स को कल्पनाओं से भरी रियल दुनिया से वर्चुअल दुनिया में पहुंचा देगा. जहां रियल लाइफ जैसी सड़कें और ऊंची गगनचुंबी इमारतें बनी होंगी.

मेटावर्स में एआई आपका एक साथी बनाकर रहेगा. मान लीजिए आप ट्रेस नेटवर्क के पारिज़ जैसे फैशन मेटावर्स में घूम कर रहे हैं, जो वर्चुअल रिटेल स्टोर की एक सीरीज से घिरा हुआ है, जहां आप एआई का इस्तेमाल पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर कर सकते हैं. आप चाहें, तो फैशन और नेविगेशन में एआई की मदद ले सकते हैं. यह एआई असिस्टेंट आपके वर्चुअल वर्ल्ड में शॉपिंग के दौरान इंसानों जैसी मदद करेगा, आपके साथ बातचीत करेगा.

इंसानों जैसे डिजिटल अवतार

डिजिटल अवतार मेटावर्स का अहम हिस्सा होंगे. वही एआई की मदद से डिजिटल अवतार बिल्कुल इंसानों जैसे काम कर पाएंगे. साथ यूजर्स के साथ बातचीत कर पाएंगे. एनवीडिया के ओमनिवर्स अवतार बिल्कुल इंसानों जैसे होंगे. इन्हें सामाजिक पहलुओं की जानकारी होगी. साथ ही वर्चुअल सहयोग, संचार के नए रास्त खोलेंगे.

पर्सनलाइजेशन किसी भी मेटावर्स एक्सपीरिएंस के सेंटर में होगा. इसमें एआई का अहम योगदान होगा. एआई यूजर के जरूरतों, आदतों और रुचि को पहचान सकेगा. साथ ही यूजर के लिए बिल्कुल सटीक पर्सनल एक्सपीरिएंस देगा. मतलब आपके लिए एक ऐसा वर्चुअल वर्ल्ड तैयार होगा, जहां आपके पसंद के मुताबिक सारे प्रोडक्ट, सर्विस और एक्सपीरिएंस होगा. यह आपकी इच्छाओं से बिल्कुल मैच करेगा. यह पर्सनलाइज्ड एक्सपीरिएंस यूजर्स और मेटावर्स में यूजर के बीच मजबूत कनेक्शन बनाएगा. साथ ही यूजर के ओवरऑल एक्सपीरिएंस को शानदार बना देगा.

एआई की एक ब्रांच नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग है, जो मेटावर्स में वॉइस और टेक्स्ट बेस्ड बातचीक को इंप्रूव करेगी. इस टेक्नोलॉजी की मदद से एआई पॉवर्ड चैटबॉट किसी भी सवाल का जवाब दे सकेंगे. साथ ही कस्टमर सपोर्ट भी उपलब्ध कराएंगे. साथ ही क्रिएटिव कंटेंट भी लिख पाएंगे. ऐसे में मेटावर्स में आपसी जुड़ाव और सीखने की भावना को बढ़ावा मिलेगा.

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सांकेतिक चित्र (साभार: freepik)

मेटावर्स में एक्सपीरिएंस

मशीन लर्निंग यानी एमएल एआई का एक सबसेट होगा, जो मेटावर्स के एक्सपीरिएंस में पर्सनलाइजेशन की एक नई लेयर जोड़ने का काम करेगा. इसमें लगातार यूजर डेटा को एनलाइज्ड किया जाएगा. मशीन लर्निंग एल्गोरिदम पर्सनल पसंद, आदम और बातचीत को ट्रैक कर सकेगा. इस डेटा की मदद से मेटावर्स में लोगों को पसंद, उनकी आदत के मुताबक सर्विस और प्रोडक्ट ऑफर किए जा सकेंगे. यह यूजर की पसंद को पूरी तरह से फुलफिल करने का काम करेगा.

क्या होंगी चुनौतियां

एआई मेटावर्स के लिए फायदेमंद रहने वाला है. हालांकि इस राह में कई सारी चुनौतियां भी है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत हैं. कई बार एआई प्राइवेसी के लिए बड़ी समस्या बन जाती है. दरअसल एआई के इस्तेमाल के लिए बड़ी संख्या में डेटा की जरूरत होती है. ऐसे में इस डेटा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता वाजिब है. ऐसे में डेटा के इस्तेमाल और प्राइवेसी पर ध्यान देना होगा.

वही दूसरी चुनौती एआई एल्गोरिदम के पूर्वाग्रह को लेकर है. अगर एआई पावर्ड मेटावर्स में पूर्वाग्रह से ग्रसित डेटा को अपलोड कर दिया जाता है, तो आपको गलत रिजल्ट देखने को मिलेंगे. मान लीजिए ब्लैक पर्सन को लेकर एआई पावर्ड मशीन या सॉफ्टवेयर में गलत डेटा डाल दिया जाता हैं, तो ब्लैक पर्सन के लिए गलत रिजल्ट दिखेंगे. ऐसे में डेटा का इनपुट बिल्कुल सही होना चाहिए. साथ ही उसमें भेदभाव नहीं होना चाहिए.

सेफ्टी मेटावर्स के लिए तीसरी चिंता है. एआई पॉवर्ड टूल के पास खतरनाक कटेंट बनाने की क्षमता है. ऐसे में एआई पॉवर्ड मेटावर्स में फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन और जिम्मेदारी के बीच बैंलेंस बिठाना होगा. ऐसे आपको सुनिश्चित करना होगा कि एआई मेटावर्स के लिए सुरक्षित स्पेस होना चाहिए. मेटावर्स इनोवेशन को बढ़ावा देता है.

क्या होगा फ्यूचर

अगर फ्यूचर की बात करें, तो एआई की अहम भूमिका रहने वाली है. आने वाले दिनों में एआई पहले से ज्यादा विकसित होने वाली है. ऐसे में यूजर्स ज्यादा पर्सनलाइज्ड एक्सपीरिएंस मिलेगा. साथ ही रियल और वर्चुअल के बीच का अंतर कम हो जाएगा. एआई मेटावर्स हमारे कम्यूनिकेशन को इंप्रूव करेगा. सात ही सेफ्टी और प्राइवेसी को मजबूत करेगा.

(लेखक ‘Trace Network Labs’ के को-फ़ाउंडर और सीईओ हैं. आलेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं. YourStory का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है.)

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Edited by रविकांत पारीक