इंटरनेट रिटेलर्स, सेलर्स और ट्रेडर्स के लिए आया FIRST फोरम, क्या है इसकी खासियत

72.5% खुदरा विक्रेताओं के पास स्टोर संचालन और पेशकशों को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल टूल्स को अपनाने के लिए उच्च स्वीकार्यता है.

इंटरनेट रिटेलर्स, सेलर्स और ट्रेडर्स के लिए आया FIRST फोरम, क्या है इसकी खासियत

Thursday March 02, 2023,

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भारत के इंटरनेट रिटेलर्स, सेलर्स और ट्रेडर्स के लिए फोरम फॉर इंडियन रिटेलर्स, सेलर्स एंड ट्रेडर्स (FIRST India) फोरम को शुरू किया गया है. MSME मंत्रालय और इंडिया SME फोरम की ओर से आयोजित किए गए 8वें सालाना शक्ति नेशनल कन्वेंशन 2023 (SHAKTI NATIONAL CONVENTION 2023 ) में यह लॉन्चिंग हुई. सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्यम (MSME) मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) ने 400 से अधिक खुदरा विक्रेताओं और विक्रेता संगठनों की उपस्थिति में इस फोरम को लॉन्च किया. FIRST का उद्देश्य जागरूकता पैदा करना और भारत भर में MSMEs को उन अवसरों पर समर्थन देना है, जो उन्हें डिजिटल होने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगे.

रिटेल, ट्रेड और कॉमर्स क्षेत्र में भारत में स्थित 17,200 से अधिक उद्यमों ने फर्स्ट फोरम के साथ रजिस्ट्रेशन कराया है. लॉन्चिंग के मौके पर नारायण राणे ने कहा, “भारतीय एमएसएमई हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें अपनी आजीविका का विस्तार करने के लिए पूरा सपोर्ट प्रदान करने की आवश्यकता है. मैं FIRST के गठन से खुश हूं, जो MSMEs के डिजिटलीकरण और विकास में मदद करेगा.” उन्होंने यह भी कहा कि भारत में महिला उद्यमी देश के आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और महिलाओं के स्वामित्व वाला व्यवसाय अब महत्वपूर्ण रूप से बढ़ रहा है. महिला एंटरप्रेन्योर्स की संख्या को और बढ़ाना है और इसमें सरकार पूर्ण सहयोग देगी. कार्यक्रम में 12 सफल महिला उद्यमियों को 'वर्ष 2023 की उभरती महिला उद्यमी' (Emerging Women Entrepreneur of the Year 2023) पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया.

भारत में रिटेल की स्थिति: 2023 रिपोर्ट भी लॉन्च

राणे ने इस अवसर पर "भारत में रिटेल की स्थिति: 2023" शीर्षक से एक रिपोर्ट भी लॉन्च की. रिपोर्ट में दिल्ली, आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित 13 राज्यों में 22,761 भारतीय एमएसएमई का सर्वेक्षण किया गया. यह इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन जैसे टेक्नोलॉजी एडवांसेज का उपयोग करके एमएसएमई को नई उपभोक्ता मांगों को पूरा करने में सक्षम बनाया है.

35.59% रिटेलर्स ने डिजिटल व्यवसाय कार्यक्रम को अपनाया

रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार, 72.5% खुदरा विक्रेताओं के पास स्टोर संचालन और पेशकशों को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल टूल्स को अपनाने के लिए उच्च स्वीकार्यता है. वहीं 53% इसका उपयोग विभागों में सहयोग में सुधार करने के लिए करते हैं. 64% खुदरा विक्रेताओं की ऑनलाइन उपस्थिति है, जहां 35.59% ने डिजिटल व्यवसाय कार्यक्रम को अपनाया है, और 25% इस बात के पक्ष में हैं कि डिजिटल अपनाने से व्यवसाय करने का अधिक अनुकूल तरीका सक्षम होगा. यह भी सुझाव दिया गया है कि 69% खुदरा विक्रेता लेन-देन के लिए ऑनलाइन गेटवे पसंद करते हैं जैसे कि अमेजन पे, UPI, आदि.


Edited by Ritika Singh