नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत बने G20 के नए शेरपा, पीयूष गोयल का लेंगे स्थान

एक शेरपा आम तौर पर G-20 और कुछ अन्य समूहों में सदस्य राष्ट्र के नेता का व्यक्तिगत प्रतिनिधि होता है. शेरपा आमतौर पर G-20 शिखर सम्मेलन के माध्यम से योजना बनाने, बातचीत करने और कार्यों के कार्यान्वयन से जुड़े रहते हैं.

नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत बने G20 के नए शेरपा, पीयूष गोयल का लेंगे स्थान

Friday July 08, 2022,

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नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत जी-20 के नये शेरपा होंगे. वह केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का स्थान लेंगे. भारत इस साल जी-20 की अध्यक्षता संभालने वाला है, ऐसे में पूर्णकालिक शेरपा की जरूरत है.

एक सूत्र ने कहा, ‘‘भारत इस साल जी-20 का अध्यक्ष बनने वाला है. ऐसे में शेरपा को देश के विभिन्न भागों में होने वाली कई बैठकों में शामिल होने की जरूरत है.’’

उसने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के पास नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में कई विभाग हैं. उन्हें इसके लिये भी काफी समय चाहिए. ऐसे में उनके लिये शेरपा की भूमिका निभाना कठिन है.’’

गोयल राज्यसभा में सदन के नेता समेत अन्य भूमिका भी निभा रहे हैं. इस महीने के अंत तक संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है. ऐसे में गोयल को अपने विदेशी दौरे में कटौती करनी पड़ेगी. ऐसा होने पर शेरपा की उनकी भूमिका प्रभावित होगी.

इसके अलावा, वह यूरोपीय संघ, यूके, कनाडा, इज़राइल और ऑस्ट्रेलिया सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ मुक्त व्यापार समझौता वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं.

कांत लगभग छह साल नीति आयोग के सीईओ रहे और पिछले महीने अपना विस्तारित कार्यकाल पूरा किया. नीति आयोग में उन्होंने महामारी के मद्देनजर घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं की एक श्रृंखला को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

इससे पहले, केरल कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) में सचिव थे. वहां रहते हुए उन्होंने स्टार्ट-अप इंडिया जैसी पहली की शुरुआत की.

कौन होता है 'शेरपा' और उसकी क्या भूमिका होती है?

एक शेरपा आम तौर पर G-20 और कुछ अन्य समूहों में सदस्य राष्ट्र के नेता का व्यक्तिगत प्रतिनिधि होता है. शेरपा आमतौर पर G-20 शिखर सम्मेलन के माध्यम से योजना बनाने, बातचीत करने और कार्यों के कार्यान्वयन से जुड़े रहते हैं. वे एजेंडा तैयार करने में मदद करते हैं, शीर्ष स्तरों पर आम सहमति बनाते हैं और अपने नेताओं की स्थिति पर बातचीत करने के लिए शिखर सम्मेलन से पहले सलाह-मशवरे की एक प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं.

हाल के वर्षों में भारत के G-20 शेरपाओं में पूर्व वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु, आरबीआई के वर्तमान गवर्नर शक्तिकांत दास और नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया शामिल हैं.

भारत 2023 में पहली बार G-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन का आयोजन

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत 1 दिसंबर, 2022 से G-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा और 2023 में पहली बार G-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन का आयोजन करेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 से G-20 शिखर सम्मेलन में भारत के प्रतिनिधित्व का नेतृत्व कर रहे हैं. भारत 1999 में समूह की स्थापना के बाद से G-20 का सदस्य रहा है.

शीर्ष 20 अर्थव्यवस्थाओं का समूह एक साथ वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 80 फीसदी, विश्व व्यापार का 75 फीसदी और जनसंख्या का 60 फीसदी से अधिक बनाता है.