[फंडिंग अलर्ट] मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया और सैफ पार्टनर्स ने ऐडटेक स्टार्टअप कैंप K12 में किया 4 मिलियन डॉलर का निवेश

By yourstory हिन्दी
April 05, 2020, Updated on : Sun Apr 05 2020 12:31:30 GMT+0000
[फंडिंग अलर्ट] मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया और सैफ पार्टनर्स ने ऐडटेक स्टार्टअप कैंप K12 में किया 4 मिलियन डॉलर का निवेश
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K-12 के लिए एक ग्लोबल ऑनलाइन स्कूल बनाने पर केंद्रित गुरुग्राम स्थित एजुकेशन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप कैंप K12 ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया और SAIF पार्टनर्स के नेतृत्व में सीड राउंड में 4 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।


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मैट्रिक्स इंडिया के प्रबंध निदेशक विक्रम वैद्यनाथन ने इस मौके पर कहा,

“दुनिया भर में डिवाइस और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच के साथ, बच्चों के लिए ऑनलाइन सीखना आदर्श बन रहा है। टीम का रेजर-शार्प फोकस वास्तव में 10 गुना बेहतर उत्पाद बनाने पर है जो बच्चों के लिए अत्यधिक आकर्षक सीखने के अनुभव को सक्षम बनाता है, और यही उन्हें वैश्विक साथियों से अलग करता है।”


अंशुल भगी और संदीप भगी द्वारा स्थापित, कैंप K12 किंडरगार्टन से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को जोड़ता है। ये उन्हें STEAM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्ट और मैथ) सब्जेक्ट्स के लिए इंटरैक्टिव, गेम और लाइव-लर्निंग कोर्सेस के लिए शिक्षकों तक पहुंच प्रदान करता है।


SAIF पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक, मुकुल अरोड़ा ने कहा,

“कैंप K12 की कस्टम-बिल्ट वर्चुअल क्लासरूम का वातावरण छोटे-समूह के सीखने, उनके शिक्षाशास्त्र और उनके करिकुलम में शिक्षा, गहरी उपभोक्ता समझ और गहन तकनीकी क्षमता के लिए एक जुनून को दर्शाता है। हमें लगता है कि यह बाजार तेजी से बढ़ रहा है और कैंप K12 इसे वैश्विक स्तर पर कब्जा करने के लिए अच्छी तरह से तैयार है।”


स्टार्टअप ने बच्चों के लिए पहले वर्टिकल के रूप में कोडिंग के साथ भारतीय बाजार में लॉन्च करने का विकल्प चुना है और यह 50,000 K-12 छात्रों को ट्रेन कर चुका है और पूरे भारत में 100 स्कूलों के साथ भागीदारी की है।


कैंप K12 के सह-संस्थापक अंशुल भगी ने कहा,

“100 सालों से स्कूलों को नहीं बदला गया है। बच्चे आज वही चीजें सीखते हैं जो उनके माता-पिता ने एक पीढ़ी पहले सीखी थीं, और वे उसी फैक्ट्री बैच-प्रोसेसिंग तरह से सीखते हैं। कैंप K12 में, हम आज 2020 में जीरो से शुरू करके ये कल्पना कर सकते हैं कि अगले 100 वर्षों में स्कूल कैसा दिखेगा।"





एमआईटी कंप्यूटर साइंस और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल एमबीए ग्रेजुएट अंशुल भगी पहले मैकिन्से, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे संगठनों के साथ काम कर चुके हैं, और एमआईटी में उस टीम का हिस्सा थे, जिसने एक कोडिंग-फॉर-किड्स प्लेटफॉर्म "एमआईटी ऐप इन्वेंटर" विकसित किया था, जिसके दुनिया भर में 10 मिलियन से अधिक यूजर्स हैं।


संदीप भगी को भारत में ऐप्पल लाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने चार साल के लिए कंट्री मैनजर के रूप में ऐप्पल के ऑपरेशन्स का नेतृत्व किया था। हाल ही में, वह इसे ओरेकल को बेच देने से पहले वर्चुअल आयरन में वीपी, कॉर्पोरेट डेवलपमेंट थे, जोकि क्लाउड वर्चुअलाइजेशन प्लेटफॉर्म था।


कैम्प K12 के सह-संस्थापक संदीप भगी ने इस दौरान कहा, “हमारे पिछले कुछ वर्षों में माता-पिता, स्कूलों और छात्रों के साथ काम करने ने हमें युवा छात्रों को इंगेज रखने की कला सिखाई है। इस दौरान हमने उन्हें हाथों हाथ के अनुभव और समस्या समाधान के माध्यम से 21वीं सदी के आवश्यक कौशल सिखाए हैं। हम उन टीचर्स और ऑपरेटर्स को आक्रामक रूप से हायर कर रहे हैं, जो भविष्य के एक ग्लोबल ऑनलाइन स्कूल के निर्माण को लेकर उत्साहित हैं।"