77 लाख से बढ़कर 2030 तक 2.35 करोड़ पहुंच जाएगी गिग कर्मचारियों की संख्या: नीति आयोग

By Vishal Jaiswal
June 27, 2022, Updated on : Mon Jun 27 2022 13:17:55 GMT+0000
77 लाख से बढ़कर 2030 तक 2.35 करोड़ पहुंच जाएगी गिग कर्मचारियों की संख्या: नीति आयोग
‘भारत की तेजी से बढ़ती गिग एवं प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2029-30 तक गिग कर्मचारियों की संख्या गैर-कृषि कार्यबल का 6.7 प्रतिशत और भारत में कुल आजीविका का 4.1 प्रतिशत होने की उम्मीद है.
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तय अवधि के लिए निश्चित भुगतान पर काम करने वाले 'गिग' कर्मचारियों की संख्या भारत में वर्ष 2029-30 तक बढ़कर 2.35 करोड़ हो जाने की उम्मीद है जबकि वर्ष 2020-21 में यह संख्या 77 लाख थी.


नीति आयोग की एक रिपोर्ट में सोमवार को यह अनुमान जताया गया. इस रिपोर्ट में अंशकालिक समय के लिए काम करने वाले गिग कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश भी की गई है.


‘भारत की तेजी से बढ़ती गिग एवं प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2029-30 तक गिग कर्मचारियों की संख्या गैर-कृषि कार्यबल का 6.7 प्रतिशत और भारत में कुल आजीविका का 4.1 प्रतिशत होने की उम्मीद है.


गिग कर्मचारियों को मोटे तौर पर प्लेटफॉर्म और गैर-प्लेटफॉर्म कर्मचारियों में वर्गीकृत किया जाता है. प्लेटफॉर्म कर्मचारियों का काम ऑनलाइन सॉफ्टवेयर ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होता है, जबकि गैर-प्लेटफॉर्म गिग कर्मचारी आमतौर पर दैनिक वेतन वाले श्रमिक होते हैं जो अल्पकालिक या पूर्णकालिक काम करते हैं.


गिग कर्मचारी आमतौर पर लचीली कार्य-पद्धति पसंद करते हैं और निम्न से मध्यम स्तर की शिक्षा वाले होते हैं. गिग कार्य के जरिए होने वाली आय उनकी प्राथमिक आय नहीं होती है और वे अक्सर साथ में नियमित नौकरी भी कर रहे होते हैं.


नीति आयोग की इस रिपोर्ट में यह अनुमान भी जताया गया है कि 2020-21 में 77 लाख कामगार गिग अर्थव्यवस्था में शामिल थे. वे गैर-कृषि कार्यबल का 2.6 प्रतिशत या भारत में कुल कार्यबल का 1.5 प्रतिशत थे.


ये कर्मचारी मुख्य रूप से खुदरा व्यापार और बिक्री तथा परिवहन क्षेत्र में थे. इसके अलावा विनिर्माण और वित्त तथा बीमा गतिविधियों में भी इनकी उल्लेखनीय भूमिका थी.


इसी तरह, यह अनुमान लगाया गया कि 2019-20 में 68 लाख गिग वर्कर थे, जो प्रिंसिपल और सब्सिडियरी स्टेटस दोनों का उपयोग करते हुए, गैर-कृषि कार्यबल का 2.4 प्रतिशत या भारत में कुल श्रमिकों का 1.3 प्रतिशत था.


रिपोर्ट के अनुसार, औद्योगिक वर्गीकरण के संदर्भ में, लगभग 26.6 लाख गिग श्रमिक खुदरा व्यापार और बिक्री में शामिल थे और लगभग 13 लाख परिवहन क्षेत्र में थे. इसमें कहा गया है कि लगभग 6.2 लाख विनिर्माण और अन्य 6.3 लाख वित्त और बीमा गतिविधियों में थे.


वर्तमान में लगभग 47 प्रतिशत गिग कार्य मध्यम कुशल नौकरियों में, 22 प्रतिशत उच्च कुशल नौकरियों में और लगभग 31 प्रतिशत कम कुशल नौकरियों में है.


रिपोर्ट में समावेशी व्यावसायिक महिलाओं के नेतृत्व वाले प्लेटफॉर्म या महिला कर्मचारियों और विकलांग लोगों की भर्ती को प्रोत्साहित करने वाले प्लेटफॉर्म को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है.


इस अवसर पर बोलते हुए, नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कहा कि रिपोर्ट क्षेत्र की क्षमता को समझने और गिग और प्लेटफॉर्म के काम पर आगे के शोध और विश्लेषण को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण बन जाएगी.