इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन के बाद जब नहीं लगी सरकारी नौकरी, तो बिहार की ये लड़की बन गई 'चायवाली'

By शोभित शील
April 21, 2022, Updated on : Thu Apr 21 2022 06:12:11 GMT+0000
इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन के बाद जब नहीं लगी सरकारी नौकरी, तो  बिहार की ये लड़की बन गई 'चायवाली'
ये कहानी है बिहार की इस लड़की की जिसने जी-जान से पढ़ाई की, सरकारी नौकरी की तैयारी की लेकिन किसी में भी सफलता हाथ न लगी तो खुद का चाय का व्यापार शुरू कर दिया और कुछ अलग कर गुजरने वालों की पंक्ति में अपना नाम दर्ज करा दिया।
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‘हदें शहर से निकली तो गांव-गांव चलीं, किस्मत वहीं छूट गई पर मेहनत पाँव-पाँव चली, सफर जब धूप में पूरा किया तो तजुर्बा हुआ, वो जिंदगी ही क्या जो जलने के डर से धूप से बचकर हमेशा छांव-छांव चली।’ कुछ ऐसी ही कहानी है बिहार की इस लड़की की जिसने जी-जान से पढ़ाई की, सरकारी नौकरी की तैयारी की लेकिन किसी में भी सफलता हाथ न लगी तो खुद का चाय का व्यापार शुरू कर दिया और कुछ अलग कर गुजरने वालों की पंक्ति में अपना नाम दर्ज करा दिया। 

अर्थशास्त्र में की है पढ़ाई

कहते हैं, ‘अगर ख्वाहिश है कुछ अलग कर गुजरने की तो दिल, दिमाग, शर्म और समाज से बगावत करना लाजमी है।’ कुछ ऐसे ही समाज और लोगों का डर छोड़कर बिहार की रहने वाली प्रियंका गुप्ता ने अपने काम की शुरुआत करने का फैसला किया। उन्होंने अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन किया। सालों तक सरकारी नौकरी की तैयारी करती रहीं लेकिन नतीजा शून्य का शून्य ही रहा। तब परिवार की स्थिति और खुद की बेरोजगारी को खत्म करने के लिए इस लड़की ने कॉलेज के बाहर ही चाय का स्टॉल लगाना शुरू कर दिया।

प्रियंका गुप्ता

प्रियंका गुप्ता

शुरुआत में लोगों ने उड़ाया मजाक

वैसे तो पुराने समय की अपेक्षा आज की महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। बेटियों ने न केवल किसी एक क्षेत्र में खुद को स्थापित किया है बल्कि फाइटर प्लेन से लेकर उद्यमशीलता के क्षेत्र में अपने नाम का डंका बजाया है। लेकिन आज भी किसी लड़की को कुछ नया करने से पहले लोगों और समाज के बारे में सोचना पड़ता है और खुद को साबित करके दिखाना पड़ता है। प्रियंका को भी शुरुआत में इस तरह की कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कई दफा तो लोगों ने उनके काम को लेकर तंज भी कसा।

चायवाले प्रफुल्ल से हैं काफी प्रभावित

पटना महिला विश्वविद्यालय के से साल 2019 में पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रियंका ने हाल ही में चाय के ठेले से अपने काम की शुरुआत की है। 24 वर्षीय प्रियंका गुप्ता MBA चायवाले के नाम से मशहूर बिजनेसमैन प्रफुल्ल बिल्लोर से काफी प्रभावित हैं।

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एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि, “मेरा यह एक छोटा-सा प्रयास भारत को आत्मनिर्भर बनाने की ओर बढ़ाया गया कदम है।”

देखते ही देखते 'चायवाली' के नाम से हो गईं मशहूर

मूलरूप से बिहार में पटना जिले के पूर्णया इलाके की रहने वाली प्रियंका गुप्ता इनदिनों सोशल मीडिया में काफी छाई हुई हैं। प्रतिक्रिया देते हुए लोग उन्हें चायवाली के नाम से संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने खुद भी अपने चाय के ठेले में लगे प्रचार करने वाले बोर्ड में खुद को चायवाली के नाम से दर्शाया है। उनकी टैग लाइन है ‘पीना ही पड़ेगा’


‘इसके अलावा चाय के स्टाल पर लगे बोर्ड में उन्होंने उह भी लिख रखा है कि, ‘लोग क्या सोचेंगे, अगर ये भी हम ही सोचेंगे तो फिर लोग क्या सोचेंगे।’

प्रियंका गुप्ता

अनुमान है कि इस पंचलाइन का प्रयोग प्रियंका ने डिमोटिवेट करने वाले लोगों के लिए किया होगा जिससे निगेटिव विचारों के लोग उनके आस-पास न आएं।


Edited by Ranjana Tripathi