HDFC का होम लोन हुआ महंगा, कर्ज दरें 0.35% बढ़ाईं; एक्सिस बैंक ने भी बढ़ाए रेट

By Ritika Singh
December 20, 2022, Updated on : Tue Dec 20 2022 08:16:33 GMT+0000
HDFC का होम लोन हुआ महंगा, कर्ज दरें 0.35% बढ़ाईं; एक्सिस बैंक ने भी बढ़ाए रेट
मई से अब तक HDFC अपनी ऋण दरों में 2.25 प्रतिशत की वृद्धि कर चुका है.
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आवास वित्त कंपनी HDFC ने अपनी रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट (Retail Prime Lending Rate) में 0.35 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है. नई दरें मंगलवार 20 दिसंबर 2022 से लागू होंगी. एचडीएफसी ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि हाउसिंग लोन्स पर रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट को 0.35 प्रतिशत बढ़ाकर 8.65 प्रतिशत कर दिया गया है. रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट पर ही एडजस्टेबल रेट वाले होम लोन बेंचमार्क्ड होते हैं.


मई से अब तक HDFC अपनी ऋण दरों में 2.25 प्रतिशत की वृद्धि कर चुका है. एचडीएफसी ने कहा कि 8.65 प्रतिशत की नई होम लोन रेट सिर्फ उन ग्राहकों के लिए ही होगी जिनका ‘क्रेडिट स्कोर’ 800 या उससे अधिक होगा. कंपनी के मुताबिक, यह उद्योग में न्यूनतम दर है.

एक्सिस बैंक ने MCLR बढ़ाई

एक्सिस बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स यानी MCLR में 0.30 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. नई दरें 17 दिसंबर 2022 से प्रभावी हैं. बढ़ोतरी के बाद बैंक में 1 साल वाली MCLR 8.75 प्रतिशत हो गई है, जो पहले 8.45 प्रतिशत थी. वहीं 2 साल और 3 साल वाली MCLR क्रमश: 8.85 प्रतिशत और 8.90 प्रतिशत हो गई है. पहले ये क्रमश: 8.55 और 8.60 प्रतिशत थीं. 6 माह वाली MCLR 8.40 प्रतिशत से बढ़कर 8.70 प्रतिशत, 3 माह वाली MCLR 8.35 प्रतिशत से बढ़कर 8.65 प्रतिशत और एक माह व ओवरनाइट वाली दोनों MCLR 8.25 प्रतिशत से बढ़कर 8.55 प्रतिशत हो गई हैं.

SBI भी महंगा कर चुका है लोन

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR), एक्सटर्नल बेंचमार्क बेस्ड लेंडिंग रेट (EBLR), रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट (RLLR), बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (BPLR) और बेस रेट समेत सभी लोन रेट्स में बढ़ोतरी की है. सभी लेंडिंग रेट्स के तहत नई ब्याज दरें 15 दिसंबर 2022 से प्रभावी हुई हैं.


बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुख्य रूप से महंगाई को काबू में लाने के मकसद से दिसंबर माह की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर रेपो को 0.35 प्रतिशत और बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया है. रेपो दर वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी फौरी जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं. इसके बाद से एसबीआई के अलावा भी कई अन्य बैंक अपनी लोन रेट्स में इजाफा कर चुके हैं. उदाहरण के तौर पर इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक आदि.

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