अब दुनिया का हर एक इंसान कोरोना संक्रमित है, जानिए कैसे? साथ ही जानिए कैसे इससे बचा जा सकता है

By रविकांत पारीक
April 01, 2020, Updated on : Thu Apr 08 2021 10:04:58 GMT+0000
अब दुनिया का हर एक इंसान कोरोना संक्रमित है, जानिए कैसे? साथ ही जानिए कैसे इससे बचा जा सकता है
झुठी ख़बरें और अफवाहें दुनिया भर के लोगों के दिलों-दिमाग में घर कर रही है। जैसे-जैसे कोरोनावायरस (कोविड-19) के मामले बढ़ते जा रहे हैं वैसे-वैसे ही लोगों में कोरोनावायरस एंग्जाइटी (Coronavirus Anxiety) भी बढ़ती जा रही है और लोग Passively कोरोनावायरस से संक्रमित हो रहे हैं।
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अमेरिका के सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों (Public health officials) ने पूर्वानुमान लगाया है कि अमेरिका की 70% आबादी कोरोनावायरस के संपर्क में आ सकती है, जो घातक बीमारी COVID-19 का कारण बनता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका का हॉस्पिटल सिस्टम कोरोनोवायरस रोगियों से भर सकता है।


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सांकेतिक चित्र (फोटो क्रेडिट: cnbc.com)



इस कठिन समय में झूठी ख़बरें और अफवाहें दुनिया भर के लोगों के दिलों-दिमाग में घर कर रही है।


मेंटल हेल्थ अमेरिका के अध्यक्ष और सीईओ पॉल जियोफ्रिडो (Paul Gionfriddo) कहते हैं,

‘‘जैसे-जैसे कोरोनावायरस (कोविड-19) के मामले बढ़ते जा रहे हैं वैसे-वैसे ही लोगों में कोरोनावायरस एंग्जाइटी (Coronavirus Anxiety) भी बढ़ती जा रही है।’’


उनकी इस बात का दुसरा साफ मतलब ये है कि लोग Passively कोरोनावायरस से संक्रमित हो रहे हैं। लोगों में मानसिक तौर पर कोरोनावायरस के प्रति चिंता (Anxiety) बढ़ती जा रही है।


जियोफ्रिडो ने अपने इस तथ्य का समाधान बताते हुए आगे कहा,

‘‘आम जनता के लिए, COVID -19 के मानसिक स्वास्थ्य प्रभाव को शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावों के रूप में संबोधित करना जरूरी है, और हर 5 व्यक्तियों में से 1 जो कि पहले से ही मानसिक तनाव की स्थिति में है - या जिन्हें इसके बढ़ने का खतरा है, हमें उन्हें संबोधित करने के लिए अब व्यक्तिगत, पेशेवर और नीतिगत उपाय करने की आवश्यकता है।’’


क्या है कोरोनावायरस एंग्जाइटी

यह एक भयावह समय है। हम दुनिया भर में फैल रही इस महामारी से घिरे हुए हैं। दुनिया के कई देशों और शहरों में लॉकडाउन की स्थिति है। जहां नज़र पड़े, सब बंद है। हम में से कुछ लोग ऐसे क्षेत्रों में हैं जो पहले से ही कोरोनोवायरस से प्रभावित या अतिप्रभावित हैं और आज हम सब हर जगह (टीवी, रेडियो, अख़बार, इंटरनेट, फोन कॉल्स, सोशल मीडिया आदि) सुर्खियों में देख रहे हैं और सोच रहे हैं कि "आगे क्या होने वाला है?"


कई लोगों के लिए, कोरोनोवायरस के आसपास की अनिश्चितता को संभालना सबसे मुश्किल काम है। आज हमें नहीं पता है कि हम वास्तव में इससे कैसे प्रभावित होंगे या आगे और भी बुरी चीजें / स्थिति कैसी हो सकती हैं। लेकिन ऐसी कई चीजें हैं जो आप कर सकते हैं - यहां तक कि इस भारी संकट के सामने भी- अपनी चिंता (Anxiety) और भय को कंट्रोल / कम या बिल्कुल खत्म कर सकते हैं।





क्यों जरूरी है एंग्जाइटी को मैनेज करना

न्यूयॉर्क सिटी के Weill Cornell Medical College में मनोचिकित्सा विभाग के क्लीनिकल असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ज़िव कोहेन (Dr. Ziv Cohen) कहते हैं,

‘‘सभी गंभीर समाचारों को देखते हुए, चिंतित और चिंतित महसूस करना स्वाभाविक है - लेकिन उन भावनाओं को आप पर हावी नहीं होने देना और अपने तनाव को मैनेज करने के तरीके ढूंढना बेहद महत्वपूर्ण है।’’


डॉ. कोहेन कहते हैं,

‘‘कोरोनोवायरस महामारी के साथ, यथार्थवादी चिंताएं हैं जो हमारे स्वास्थ्य और हमारे प्रियजनों के स्वास्थ्य के बारे में हैं। लोग अपने शारीरिक स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा के बारे में चिंतित हैं। यदि आप चिंता कर रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको कोई विकार या कोई बिमारी है। यह एक स्वस्थ प्रतिक्रिया हो सकती है। चिंता महसूस करने की हमारी क्षमता वास्तव में चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होने में सहायक है।’’


डॉ. कोहेन इस पर आगे बात करते हुए कहते हैं,

‘‘बहुत ज्यादा चिंता... जब आप इसे हर समय महसूस कर रहे होते हैं और यह तीव्रता के स्तर तक पहुँच जाता है, तो चिंता का विषय बन जाता है।’’


एंग्जाइटी के लक्षण

यहां चार लक्षण या व्यवहार हैं जो इस बात का संकेत हो सकते हैं कि आपकी चिंता (Anxiety) लगातार बढ़ती जा रही है:


  • साँस लेने में कमी (Shortness of breath)


  • दिल की घबराहट (Heart palpitations)


  • लोगों से बात करने का डर (Fear of talking to people)


  • दहशत भरी खरीदारी (Panic shopping / buying)



साँस लेने में कमी

डॉ. कोहेन के अनुसार, बहुत जल्दी या उथली सांस लेना चिंता (anxiety) का physiological response हो सकता है।


दिल की घबराहट

कोहेन कहते हैं, जब आप आराम करते हैं तो आप आमतौर पर अपने दिल की धड़कन को महसूस नहीं करते हैं। यदि आप अपने दिल की धड़कन पर ध्यान देते हैं, तो यह चिंता का एक और शारीरिक लक्षण हो सकता है।


लोगों से बात करने का डर

जब तक आप भीड़ और ऐसे लोगों से दूर रहते हैं, जो COVID-19 से संक्रमित हैं, तब तक लोगों से बात करने में डरने की कोई जरूरत नहीं है, जब तक कि आप स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई social distancing की प्रैक्टिस नहीं करते हैं। इसका मतलब है कि आपको लगभग 6 फीट दूर रहना चाहिए।


दहशत भरी खरीदारी

डॉ. कोहेन कहते हैं कि दुनिया भर में कहीं पर भी सामान की कमी होने के कोई संकेत नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि पेनिक बाइंग ना करें। अपने दिल को तसल्ली दें।





एंग्जाइटी को मैनेज करने के तरीके

अब जब आप इन ख़बरों के बारे में कुछ नहीं कर सकते, तो ऐसे कदम हैं जो आप कोरोनोवायरस संबंधी चिंता (Coronavirus Anxiety) को मैनेज करने के लिए उठा सकते हैं।


हेल्थ एक्सपर्ट कोरोनोवायरस महामारी पर चिंता से निपटने में मदद करने के लिए इन रणनीतियों की सलाह देते हैं:


  • ख़बरों और सोशल मीडिया से ब्रेक लें


  • खुद की देखभाल करें


  • व्यायाम (Exercise) करें


  • लोगों से बात करें


  • फैक्ट्स को समझें और याद रखें


  • खुलकर साँस लें


  • किसी प्रोफेशनल से बात करें



ख़बरों और सोशल मीडिया से ब्रेक लें

न्यू जर्सी के एटलांटिकेयर रीजनल मेडिकल सेंटर में मनोचिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. इनुआ ए. मोमोदु (Dr. Inua A. Momodu) कहते हैं,

‘‘हम पहले से कहीं अधिक चिंता महसूस करते हैं, लेकिन एक ही जानकारी को देखने और सुनने से हम ओवरलोड हो सकते हैं और भयभीत हो सकते हैं। इससे बचने के लिए जानकारी के निरंतर बैराज से दूर जाना आपकी हेल्थ के लिए जरुरी हो जाता है।’’


खुद की देखभाल करें

डॉ. मोमोदु सलाह देते हैं कि आपको जो चीजें अच्छी लगती हैं, उन्हें करके न्यूज से डिकम्प्रेस करें। किताबें पढ़ें, क्राफ्टिंग करें, शब्द पहेली (word puzzle) को सॉल्व करें या अपने पसंदीदा संगीत सुनें।


वे कहते हैं,

‘‘मेडिटेशन करना भी सहायक हो सकता है। अपने दिमाग का ध्यान केंद्रित करने के लिए कुछ भी करें।’’



व्यायाम करें

व्यायाम करना आपके मूड को ठीक कर सकता है और आपकी मदद कर सकता है।


डॉ. मोमोदु कहते हैं,

‘‘वॉक पर जाएं या रनिंग करें। यह आपको ताजी हवा पाने और आपके Blood Circulation को बरकरार रखने में मदद करेगा।’’


लोगों से बात करें

किसी दोस्त या रिश्तेदार से फोन पर बातचीत करें।


डॉ. मोमोदु सलाह देते हैं,

‘‘कुछ भी बात करें लेकिन COVID-19 के बारे में बात नहीं करें। गॉसिपिंग करें, खूब हंसे-मुस्कुराएं। हँसना अक्सर आपकी आत्मा को सुकून देता है और आपको बेहतर मूड में डाल सकता है।’’





फैक्ट्स को समझें और याद रखें

कैलिफोर्निया के San Juan Capistrano की रहने वाली क्लीनिकल सोशल वर्कर लिंडा स्नेल (Linda Snell) कहती हैं,

‘‘ध्यान रखें कि कोरोनावायरस महामारी एक संकट है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप इसमें डूब रहे हैं।’’


वे आगे कहती हैं,

‘‘विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के कोरोनोवायरस से संक्रमित होने की संभावना कम है अगर सावधानी बरती जाए, तो भी यह एक महामारी है। सतर्क रहना और सावधानी बरतना बेहद महत्वपूर्ण है।’’


खुलकर साँस लें

डॉ. ज़िव कोहेन कहते हैं,

‘‘यदि आपको तनाव महसूस होने लगे, तो अपने पेट से सांस लें। सीधे बैठें और अपने पेट को हवा से भरें। अपने डायाफ्राम (diaphragm) से सांस लें, और अपने पेट को हवा छोड़ने दें। यदि आप ऐसा लगातार 10 बार करते हैं, तो आप बेहतर महसूस करेंगे।’’


किसी प्रोफेशनल से बात करें

डॉ. मोमोदु कहते हैं,

‘‘यदि आप अपने मानसिक स्वास्थ्य में काफी गिरावट महसूस कर रहे हैं, तो सपोर्ट के लिए किसी पेशेवर को फोन करें। एक प्रशिक्षित पेशेवर आपकी भावनाओं को मैनेज करने में आपकी मदद कर सकता है।’’


और अंत में हमारी सलाह यही है कि चिंता ना करें, सुखी रहें, खुद को और अपने आस-पास जीवन ब़शर करने वाले लोगों को जागरूक करें। हमारे डॉक्टर्स, हेल्थ एक्सपर्ट, हमारी सरकारें और अन्य अधिकारी दिन-रात इस महामारी से निपटने में लगे हुए हैं। उनका धन्यवाद अदा करें।


उम्मीद है ये लेख आपकी चिंता को कम करने में मददगार साबित होगा। शुक्रिया!!!