हसबैंड-वाइफ ने सिर्फ 5 लाख से शुरू किया ये बिजनस, आज हर महीने कमाते हैं 50 लाख रुपये

By Anuj Maurya
October 21, 2022, Updated on : Mon Nov 28 2022 09:47:08 GMT+0000
हसबैंड-वाइफ ने सिर्फ 5 लाख से शुरू किया ये बिजनस, आज हर महीने कमाते हैं 50 लाख रुपये
अंगद और कनिका ने कोरोना काल में ब्यूटी प्रोडक्ट का बिजनस शुरू किया. इसके लिए उन्होंने खुद सिर्फ 5 लाख रुपये लगाए थे. आज उनके स्टार्टअप का रेवेन्यू प्रति माह करीब 50 लाख रुपये तक जा चुका है.
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आज के वक्त में बाजार हजारों तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स से पटा हुआ है. कोई गोरा करने की गारंटी दे रहा है तो चंद महीनों में बाल उगा रहा है. बहुत से छोटे-मोटे ब्रांड तो पैकेट पर कुछ भी लिखकर सिर्फ सामान बेचने में लगे हुए हैं. खैर, इन सबके बीच एक पति-पत्नी ने CosIQ नाम का एक कॉस्मेटिक स्टार्टअप (Startup) शुरू किया है. उनका दावा है कि वह अपने प्रोडक्ट्स पर जो लिखते हैं, वह उनका कमिटमेंट होता है, जिसे वह पूरा करते हैं. यानी अगर पैकेट पर लिखा है कि इस प्रोडक्ट में 10 फीसदी विटामिन-सी है, तो आपको पैकेट में वही मिलेगा.

ब्रांड का नाम CosIQ क्यों रखा?

दिल्ली में रहने वाले अंगद तलवार और कनिका तलवार ने इस बिजनस का नाम CosIQ इसलिए रखा,क्योंकि वह कहते हैं कि इसका मतलब है इंटेलिजेंट कोशंट (Intelligence quotient) वाले कॉस्मेटिक प्रोडक्ट. यानी इस कॉस्मेटिक का एक आईक्यू है, इसलिए इसमें आपको गलत चीजें बिल्कुल नहीं मिलेंगी. जब अंगद और कनिका शार्क टैंक में आए थे, तब उनसे ब्रांड नेम को बदलने के लिए कहा गया था. हालांकि, अंगद-कनिका कहते हैं कि वह अपने इसी ब्रांड नेम के साथ आगे बढ़ेंगे, क्योंकि ग्राहकों को यह ब्रांड नेम समझ आ रहा है और उनके प्रोडक्ट ब्रांड नेम CosIQ को जस्टिफाई भी कर रहे हैं.

कैसे आया CosIQ का आइडिया?

कनिका ब्यूटी प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करती थीं और उनके पास प्रोडक्ट डिजाइनिंग की जिम्मेदारी थी. उस दौरान उन्हें पता चला जो बातें प्रोडक्ट के लेबल पर लिखी जाती थीं, वह सब ग्राहकों को मिलता ही नहीं था. तब उन्हें आइडिया आया कि क्यों ना ऐसा प्रोडक्ट बनाया जाए, जिसके तहत ग्राहकों को वह मिले जो क्लेम किया जा रहा है. जब उन्होंने अपने इस आइडिया पर पति अंगद से बात की तो दोनों ने साथ मिलकर बिजनस शुरू कर दिया.


कनिका तलवार सर्विस बैकग्राउंड से आती हैं, जबकि अंगद पहले से ही बिजनसमैन हैं. इससे पहले उनका पेट ग्रूमिंग का बिजनस था और कनिका बार-बार ह्यूमन बिजनस में आने के लिए कहती थीं. वह कहती थीं कि ह्यूमन मार्केट बहुत बड़ी है, जबकि पेट मार्केट काफी छोटी है. कोरोना के दौरान पेट ग्रूमिंग बिजनस सर्वाइव नहीं कर पाया, जिसके बाद दोनों ने नया बिजनस शुरू किया. खुद को बेहतर बिजनस वुमेन बनाने के लिए कनिका ने आईआईएम-बेंगलुरु और गोल्डमैन सैक्स के एक प्रोग्राम में हिस्सा लिया है. वह इस प्रोग्राम के जरिए 10 हजार महिलाओं को लीडरशिप के गुर सिखाते हैं.


अंगद ग्रेजुएशन के बाद से ही एक आंत्रप्रेन्योर रहे हैं. अंगद ने अमेरिका से पढ़ाई की है. वहां पर उन्होंने कई बड़े बिजनसमैन के बच्चों के साथ पढ़ाई की. वहां से उन्हें बिजनस चलाने का हुनर मिला. उन्होंने 17 साल की उम्र में ही क्रिएटिव राइटिंग शुरू कर दी थी. बाद में उन्होंने प्रोटीन सप्लिमेंट का बिजनस भी शुरू किया था, लेकिन कुछ ही समय में अमेजन-फ्लिपकार्ट आया और उनका बिजनेस बर्बाद हो गया. अंगद बताते हैं कि उन्हें बिजनस में दिक्कत इसलिए भी हुई, क्योंकि उन्हें काफी हेल्थ इश्यू हो गए थे. ब्रेन ट्यूमर की वजह से उनकी 3 बार सर्जरी हुई और बिजनस सर्वाइव नहीं कर पाया.

कितना खास है ये प्रोडक्ट?

अंगद-कनिका बताते हैं कि उनके प्रोडक्ट की पैकेजिंग एयरलेस है, इसलिए उसे इस्तेमाल करते वक्त उसमें हवा नहीं जाती. हवा के संपर्क में आने से तमाम प्रोडक्ट के बहुत सारे न्यूट्रिएंट्स खराब हो जाते हैं. वह अपने प्रोडक्ट के लेबल पर सिर्फ इतना ही नहीं लिखते कि उसमें क्या-क्या है, बल्कि यह भी बताते हैं कि उसका इस्तेमाल कैसे करना है. हर बोतल पर एक यूनीक कोड भी है, जिससे ये पता चल सकता है कि किसने कौन सा सामान कब खरीदा है. इसके लिए एक प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है, जहां ग्राहकों को रजिस्टर करना होगा. उसके जरिए कंपनी ग्राहकों को बता सकेगी कि अगर किसी ने विटामिन-सी लिया है तो अब उसे क्या लेना है. साथ ही इस बात को लेकर भी गाइड कर सकेगी कि किस प्रोडक्ट के बाद क्या लगाना है. अभी इंस्टाग्राम के जरिए अंगद और कनिका अपने ग्राहकों को इस तरह की जानकारियां देते हैं और उन्हें एजुकेट करते हैं.

क्या है कंपनी का बिजनस मॉडल?

अभी तक तो कंपनी का बिजनस मॉडल सिर्फ प्रोडक्ट पर आधारित ही है और लंबे वक्त तक ऐसा ही रहेगा. फिलहाल कंपनी ऑनलाइन मार्केट में है, जो करीब साल भर बाद शायद ऑफलाइन जा सके. कंपनी अपने प्रोडक्ट खुद की वेबसाइट और अमेजन-फ्लिपकार्ट जैसे तमाम मार्केट प्लेस के जरिए डी2सी मॉडल पर लोगों को बेच रही है. उनकी कोशिश है कि अभी पहले ऑनलाइन मार्केट के जरिए लोगों में इसकी अवेयरनेस और डिमांड पैदा की जाए. अगर लोगों को प्रोडक्ट पसंद आता है तो फिर वह खुद ही ऑफलाइन स्टोर पर जाकर प्रोडक्ट मांगेगे, जिससे डिमांड पैदा होगी.

चैलेंज भी कम नहीं

CosIQ के बिजनस में अंगद और कनिका को बहुत सारी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा. सबसे बड़ा चैलेंज तो लोगों को जागरूक करना ही है. लोग सालों से कई ऐसे ब्रांड्स को भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनसे वह निकलना नहीं चाहते. ऐसे में लोगों को प्रोडक्ट के बारे में बताना, उन्हें ये समझाना कि यह दूसरों से बेहतर क्यों है, काफी मुश्किल काम है. वहीं ऑफलाइन में ना होना भी एक चैलेंज है. हालांकि, अंगद कहते हैं कि अभी ऑफलाइन जाना आसान भी नहीं है क्योंकि ऑफलाइन में काफी दिक्कतें होंगी. ऑफलाइन चैनल के जरिए लोगों को एजुकेट करने में भी दिक्कत होगी, जिससे ब्रांड इमेज पर सवाल उठ सकते हैं.

कितनी मिली है फंडिंग?

कुछ महीने पहले ही शार्क टैंक में अंगद और कनिका ने फंडिंग हासिल की थी. उन्होंने अपने स्टार्टअप की 25 फीसदी हिस्सेदारी 50 लाख रुपये में दी थी. इस स्टार्टअप को अंगद और कनिका ने करीब 5 लाख रुपये खर्च कर के शुरू किया था. उस वक्त कंपनी 4 महीने पुरानी थी और अब करीब 1 साल पुरानी हो चुकी है. जब कंपनी शार्ट टैंक में आई थी, उस वक्त इनका प्रति माह का रेवेन्यू करीब 4-5 लाख रुपये था. अंगद कहते हैं कि कंपनी तब से अब तक करीब 10 गुना बढ़ चुकी है. यानी कहा जा सकता है कि इस वक्त उनका रेवेन्यू हर महीने 50 लाख रुपये तक जा पहुंचा है.

भविष्य की क्या है प्लानिंग?

अंगद-कनिका कहते हैं कि अभी वह बहुत ही कम प्रोडक्ट्स के साथ मार्केट में हैं. सबसे पहले उनका टारगेट फेस रूटीन को कवर करने का है. इसके बाद वह बॉडी रूटीन कवर करेंगे और फिर हेयर रूटीन कवर करेंगे. यानी आने वाले वक्त में CosIQ पूरे पर्सनल केयर में उतरेगा. अंगद बताते हैं कि उनकी ग्रोथ थोड़ी स्लो है, क्योंकि वह अपना बहुत सारा वक्त फॉर्मूला बनाने और उसे टेस्ट करने में भी लगा रहे हैं.