भारतीय क्रिकेट के इन महारथियों को मिली सरकारी नौकरी

By रविकांत पारीक
October 27, 2022, Updated on : Thu Oct 27 2022 15:31:35 GMT+0000
भारतीय क्रिकेट के इन महारथियों को मिली सरकारी नौकरी
आज हम आपको भारतीय क्रिकेट की दुनिया के उन महारथियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें सरकारी नौकरी मिली...
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भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है, लेकिन क्रिकेट को लेकर लोगों में दीवानगी जग जाहिर है. अभी ऑस्ट्रेलिया में टी20 वर्ल्ड कप (ICC Men’s T20 World Cup) खेला जा रहा है. टीम इंडिया का प्रदर्शन काबिल-ए-तारीफ़ है. ऐसे में आज हम आपको भारतीय क्रिकेट की दुनिया के उन महारथियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें सरकारी नौकरी मिली... जरा एक नज़र - (indian cricketers having government job)

कपिल देव

कपिल देव किसी परिचय के मोहताज नहीं है. साल 1983 में कपिल देव के नेतृत्व और शानदार प्रदर्शन की बदौलत ही भारत वर्ल्ड कप जीत पाया था. वैसे कपिल ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और लेकिन इंडियन टेरिटोरियल आर्मी ने उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का पद दिया है. साल 2008 में कपिल देव को सम्मानित करके उन्हें भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल बनाया. यह पहली बार था जब किसी क्रिकेटर को इतनी बड़ी उपाधि दी गयी हो. बाद में, 2019 में कपिल देव को हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का चांसलर भी नियुक्त किया गया था. उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 131 टेस्ट और 225 एकदिवसीय मुकाबले खेले. उन्होंने कुल 687 विकेट हासिल किये और नौ हज़ार से अधिक रन भी बनाये.

सचिन तेंदुलकर

भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने न केवल भारतीय क्रिकेट में बल्कि विश्व क्रिकेट में भी अपनी एक खास छाप छोड़ी है. क्रिकेट का शायद ही ऐसा कोई रिकॉर्ड हो जो मास्टर ब्लास्टर के नाम न हो. सचिन को उनकी सफलता के लिए भारतीय वायु सेना ने सम्मानित करते हुए साल 2010 में उन्हें भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन बनाया. वायु सेना में ग्रुप कैप्टन बनने वाले सचिन पहले भारतीय खिलाड़ी हैं. वे राज्यसभा में सांसद भी हैं. क्रिकेट प्रेमियों के बीच 'क्रिकेट के भगवान' कहे जाते हैं. सचिन ने महज 23 साल की उम्र में ही भारत के लिए क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था. सचिन ने भारत के लिए 200 टेस्ट मैच खेले हैं, 463 वनडे मैच और 1 टी-20 मैच भी खेले हैं.

महेंद्र सिंह धोनी

कैप्टन कूल, माही के नाम से मशहूर धोनी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे सफल कप्तानों में शुमार हैं. 15 अगस्त 2020 को धोनी ने क्रिकेट के हर फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था. धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीता. बाद में, 2011 में वर्ल्ड कप जीता और 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी भी अपने नाम की थी. धोनी ने भारत के लिए 90 टेस्ट मैच खेले हैं, 350 वनडे मैच और 98 टी-20 मैच भी खेले हैं.


हालांकि, धोनी क्रिकेट खेलने से पहले भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी कर रहे थे, लेकिन अपने सपने को पूरा करने के लिए माही ने सरकारी नौकरी छोड़ दी थी. धोनी को 2015 में भारतीय सेना ने लेफ्टिनेंट कर्नल का पद दिया है. बताया जाता है कि वे बचपन से ही आर्मी में जाना चाहते थे.

हरभजन सिंह

हरभजन सिंह भारत के सफलतम स्पिन गेंदबाजों में शुमार रहे हैं. वे पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखते हैं. हरभजन को पंजाब पुलिस ने साल 2013 में डीएसपी की जॉब ऑफर की थी. ऑफ़ स्पिनर रहे भज्जी ने भारत के लिए 103 टेस्ट मैच खेले हैं, 236 वनडे मैच और 28 टी-20 मैच भी खेले हैं.

केएल राहुल

कर्नाटक के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले केएल राहुल एक विस्फोटक बल्लेबाज के रूप में जाने जाते हैं. केएल राहुल ने अपना पहला अंतराष्ट्रीय क्रिकेट साल 2014 में खेला था, तब से वह निरंतर भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं. के एल राहुल के बेहतरीन प्रदर्शन के कारण साल 2018 में केएल राहुल को रिज़र्व बैंक के गवर्नर एस.एस मुंधरा के कहने पर असिस्टेंट मैनेजर के पद पर नियुक्त किया गया था. वे अब तक देश के लिए 43 टेस्ट, 45 वनडे मैच और 68 टी-20 मैच खेल चुके हैं.

जोगिंदर शर्मा

देश को साल 2007 में टी-20 विश्व कप की जीत दिलाने में खिलाड़ी जोगिंदर शर्मा का अहम योगदान रहा है. हालांकि, वे इस मैच के बाद मैदान में दोबारा नज़र नहीं आए. उन्होंने इसके बाद क्रिकेट से सन्यास ले लिया था. वे वर्तमान समय में वो हरियाणा पुलिस में डीसीपी हैं.

युजवेंद्र चहल

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं. क्रिकेट में आने से पहले युजवेंद्र चहल नेशनल लेवल के चेस चैंपियन भी रह चुके हैं. अपनी फिरकी से अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों को चकमा देने वाले चहल टैक्स चोरी करने वालों को भी धर दबोचते हैं. चहल अब तक देश के लिए 67 वनडे मैच और 69 टी-20 मैच खेल चुके हैं.

उमेश यादव

उमेश यादव ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार साल 2010 में कदम रखा था. उन्होंने टेस्ट मैच में साल 2011 में कदम रखा रखा. उमेश आज की तारीख में टेस्ट टीम के एक अहम् हिस्सा हैं. वे एक राइट आर्म पेसर हैं. बताया जाता है कि वे पुलिस कांस्टेबल बनना चाहते थे मगर लिखित परीक्षा में फेल हो जाने के कारण वह ऐसा करने में असफल रहे थे. बाद में साल 2017 में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने उन्हें नागपुर ब्रांच में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर नियुक्त किया. उन्हें यह नौकरी खेल कोटा के तहत मिली थी. उमेश यादव अब तक 52 टेस्ट मैच, 75 अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैच, 9 टी-20 मैच खेल चुके हैं.


आपको बता दें कि इन खिलाड़ियों ने न सिर्फ इस खेल को खेला बल्कि इसे भारत में बुलन्दियों तक पहुंचाया है.