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इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन: सरकार ने तीन और सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने को मंजूरी दी

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ने बहुत ही कम समय में चार बड़ी सफलताएं हासिल की हैं. इन इकाइयों से भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम स्थापित हो जायेगा.

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन: सरकार ने तीन और सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने को मंजूरी दी

Friday March 01, 2024 , 3 min Read

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'भारत में सेमीकंडक्टर्स और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास' के अंतर्गत तीन सेमीकंडक्टर इकाइयां लगाने को मंजूरी दे दी है. अगले 100 दिन के भीतर तीनों इकाइयों का निर्माण शुरू हो जाएगा.

भारत में सेमीकंडक्टर्स और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास का कार्यक्रम 21.12.2021 को कुल 76,000 करोड़ रुपये के खर्च के साथ अधिसूचित किया गया था.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जून, 2023 में गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर इकाई लगाने के लिए माइक्रोन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की थी.

इस इकाई का निर्माण तीव्र गति से चल रहा है और इकाई के पास एक मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम उभर रहा है.

स्वीकृत की गई तीन सेमीकंडक्टर इकाइयां हैं:

50,000 wfsm क्षमता वाली सेमीकंडक्टर फैब

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL) ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्प (PSMC) के साथ साझेदारी में एक सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करेगी. इस फैब का निर्माण गुजरात के धोलेरा में किया जाएगा. इस फैब में 91,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. PSMC लॉजिक और मेमोरी फाउंड्री सेगमेंट में अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध है. ताइवान में PSMC की 6 सेमीकंडक्टर फाउंड्री हैं. इसकी क्षमता प्रति माह 50,000 वेफर स्टार्ट (WSPM) है.

असम में सेमीकंडक्टर एटीएमपी इकाई

असम के मोरीगांव में टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड (TSAT) एक सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित करेगी. इस इकाई की स्थापना 27,000 करोड़ रुपये के निवेश से की जाएगी. TSAT द्वारा सेमीकंडक्टर फ्लिप चिप और ISIP (integrated system in package) टेक्नोलॉजी सहित स्वदेशी उन्नत सेमीकंडक्टर पैकेजिंग टेक्नोलॉजी का विकास किया जा रहा है. इसकी क्षमता प्रतिदिन 48 मिलियन है.

विशिष्ट चिप्स के लिए सेमीकंडक्टर एटीएमपी इकाई

गुजरात के साणंद में सीजी पावर द्वारा रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन, जापान और स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, थाईलैंड के साथ साझेदारी में एक सेमीकंडक्टर इकाई की स्थापना की जाएगी. इस इकाई की स्थापना 7,600 करोड़ रुपये के निवेश से की जाएगी. रेनेसास एक प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनी है जो विशिष्ट चिप्स पर केंद्रित है. यह 12 सेमीकंडक्टर सुविधाओं का संचालन करती है और माइक्रोकंट्रोलर, एनालॉग, पावर और सिस्टम ऑन चिप (SoC) उत्पादों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है. इसकी क्षमता प्रतिदिन 15 मिलियन है.

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ने बहुत ही कम समय में चार बड़ी सफलताएं हासिल की हैं. इन इकाइयों से भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम स्थापित हो जायेगा.

भारत के पास पहले से ही चिप डिजाइन में गहन क्षमताएं मौजूद हैं. इन इकाइयों के साथ, हमारा देश चिप विनिर्माण (या चिप फेब्रिेकेशन) में क्षमता विकसित कर लेगा.

ये इकाइयां 20 हजार एडवांस्ड टेक्नोलॉजी कार्यों में प्रत्यक्ष रोजगार और लगभग 60 हजार अप्रत्यक्ष रोजगारों का सृजन करेंगी.

ये इकाइयां डाउनस्ट्रीम ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, दूरसंचार विनिर्माण, औद्योगिक विनिर्माण और अन्य सेमीकंडक्टर उपभोक्ता उद्योगों में रोजगार सृजन में तेजी लाएंगी.