Forbes की एशिया के ‘परोपकारी’ नायकों की लिस्ट जारी, गौतम अडानी सहित 3 भारतीयों को मिली जगह

By yourstory हिन्दी
December 06, 2022, Updated on : Tue Dec 06 2022 11:38:36 GMT+0000
Forbes की एशिया के ‘परोपकारी’ नायकों की लिस्ट जारी, गौतम अडानी सहित 3 भारतीयों को मिली जगह
बिना किसी रैंकिंग वाली इस सूची में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अग्रणी परोपकारी कार्य करने वाले लोगों को शामिल किया जाता है.
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फोर्ब्स एशिया (Forbes Asia) की परमार्थ कार्य करने वाले नायकों (Heroes of Philanthropy) की सूची का 16वां एडिशन रिलीज हो गया है. इस लिस्ट में भारत के सबसे अमीर व्यक्ति अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी (Gautam Adani) समेत, शिव नादर और अशोक सूता, मलेशियाई-भारतीय कारोबारी ब्रह्मल वासुदेवन और उनकी अधिवक्ता पत्नी शांति कंडिया को शामिल किया गया है.


फोर्ब्स ने बयान में कहा कि बिना किसी रैंकिंग वाली इस सूची में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अग्रणी परोपकारी कार्य करने वाले लोगों को शामिल किया जाता है. अडानी ने इस साल जून में 60 साल की उम्र पूरी होने पर 60,000 करोड़ रुपये (7.7 अरब डॉलर) परमार्थ कार्यों पर खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई. इसके बाद उन्हें इस सूची में शामिल किया गया है. इसके साथ ही वह परोपकारी कार्य करने वाले भारत के प्रमुख व्यक्तियों में शामिल हो गए हैं.

कहां खर्च होगा अडानी का दान

अडानी के दान का पैसा स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कौशल विकास पर खर्च किया जाएगा. परमार्थ कार्यों पर यह राशि अडानी फाउंडेशन के माध्यम से खर्च की जाएगी. अडानी फाउंडेशन का गठन 1996 में किया गया था. हर साल यह फाउंडेशन भारत में 37 लाख लोगों की मदद करती है.

शिव नादर ने इस साल कितना किया दान

अपनी मेहनत से अरबपति बने शिव नादर देश के प्रमख दानदाताओं में गिने जाते हैं. उन्होंने शिव नादर फाउंडेशन के माध्यम से एक दशक के दौरान 1 अरब डॉलर परमार्थ कार्यों में लगाए हैं. इस साल उन्होंने फाउंडेशन को 11,600 करोड़ रुपये (14.2 करोड़ डॉलर) का दान दिया है. इस फाउंडेशन की स्थापना 1994 में हुई थी. नादर ने एचसीएल टेक्नोलॉजीस की सह-स्थापना की थी. उन्होंने फाउंडेशन की मदद से कई शैक्षणिक संस्थानों...मसलन स्कूलों और विश्वविद्यालयों की स्थापना की है.

बाकी दानवीरों का स्टेटस

प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज अशोक सूता ने चिकित्सा अनुसंधान क्षेत्र के ट्रस्ट को 600 करोड़ रुपये (7.5 करोड़ डॉलर) देने की प्रतिबद्धता जताई है. इस ट्रस्ट का गठन उन्होंने 2021 में किया था. क्वालालंपुर की निजी इक्विटी कंपनी क्रिएडर के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मलेशियाई-भारतीय ब्रह्मल वासुदेवन और उनकी अधिवक्ता पत्नी शांति कंडिया क्रिएडर फाउंडेशन की मदद से मलेशिया और भारत में स्थानीय समुदायों को समर्थन देते हैं. यह एक गैर-लाभकारी संगठन है जिसकी सह-स्थापना 2018 में की गई थी.


इस साल मई में उन्होंने एक शिक्षण अस्पताल के निर्माण के लिए 5 करोड़ मलेशियाई रिंगिट (1.1 करोड़ डॉलर) देने की प्रतिबद्धता जताई है. वासुदेवन का कहना है, ‘‘हमें खुशी है कि और लोग भी हमारे साथ इस काम में आगे आ रहे हैं. अब इस परियोजना के लिए पूरा वित्तपोषण मिल गया है.’’


Edited by Ritika Singh