स्विस बैंकों में 14 साल के हाई पर पहुंची भारतीयों की जमा

स्विट्ज़रलैंड के केंद्रीय बैंक (SNB) की तरफ से गुरुवार को वार्षिक आंकड़े जारी किए गए. इन आंकड़ों के अनुसार, सिक्योरिटी समेत इससे जुड़े साधनों के जरिए हिस्सेदारी और ग्राहकों की जमा बढ़ने से स्विस बैंकों में भारतीयों का धन बढ़ा है.

स्विस बैंकों में 14 साल के हाई पर पहुंची भारतीयों की जमा

Friday June 17, 2022,

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स्विट्ज़रलैंड के बैंकों में भारतीय कंपनियों और भारतीय लोगों का पैसा 2021 के दौरान 50 प्रतिशत बढ़ गया. अब स्विस बैंकों (Swiss Banks) में भारतीय लोगों और भारतीय कंपनियों की जमा का आंकड़ा 3.83 अरब स्विस फ्रैंक (30,500 करोड़ रुपये से अधिक) है, जो कि 14 साल का उच्च स्तर है. इसमें भारत में स्विट्ज़रलैंड के बैंकों की शाखाओं और अन्य वित्तीय संस्थानों में जमा धन भी शामिल है. इससे पहले वर्ष 2020 के आखिर तक स्विट्ज़रलैंड के बैंकों में भारतीय का धन 2.55 अरब स्विस फ्रैंक (20,700 करोड़ रुपये) था.

स्विट्ज़रलैंड के केंद्रीय बैंक (SNB) की तरफ से गुरुवार को वार्षिक आंकड़े जारी किए गए. इन आंकड़ों के अनुसार, सिक्योरिटी समेत इससे जुड़े साधनों के जरिए हिस्सेदारी और ग्राहकों की जमा बढ़ने से स्विस बैंकों में भारतीयों का धन बढ़ा है. भारतीय ग्राहकों के बचत या जमा खातों में जमा राशि दो साल की गिरावट के बाद 2021 में लगभग 4,800 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो 7 साल का उच्च स्तर है.

आंकड़ों के अनुसार, स्विट्ज़रलैंड के बैंकों पर 2021 के अंत तक भारतीय ग्राहकों की कुल देनदारी के रूप में उल्लिखित की गई धनराशि 383.19 करोड़ स्विस फ्रैंक है. इसमें से 60.20 करोड़ स्विस फ्रैंक ग्राहकों की जमा राशि के रूप में हैं, जबकि 122.5 करोड़ स्विस फ्रैंक अन्य बैंकों के माध्यम से रखे गए हैं. 30 लाख स्विस फ्रैंक ट्रस्ट आदि के जरिए हैं.

स्विस बैंकों में जमा सारा पैसा काला धन नहीं

ये आंकड़े स्विट्ज़रलैंड की बैंकों ने एसएनबी को दिए हैं. ध्यान रहे कि ये स्विस बैंकों में कथित रूप से भारतीयों के काले धन को नहीं दर्शाते हैं. इन आंकड़ों में वह धन भी शामिल नहीं है, जो भारतीयों, प्रवासी भारतीयों या अन्य लोगों के पास स्विस बैंकों में किसी तीसरे देश की इकाइयों के नाम पर हो सकता है. स्विस सरकार हालांकि स्विट्ज़रलैंड के बैंकों में जमा भारतीयों के धन को ‘काला धन’ नहीं मानती है.

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच टैक्स मामलों में सूचना का ऑटोमेटिक आदान प्रदान साल 2018 से हो रहा है. स्विट्जरलैंड, वित्तीय गड़बड़झालों में संलिप्त संदिग्ध भारतीयों के खातों की जानकारी की डिटेल भारत से सक्रिय तौर पर साझा करता रहा है. लेकिन इसके लिए उसे प्रथम दृष्टया सबूत सौंपने होते हैं. सैकड़ों मामलों में इस सूचना को साझा किया जा चुका है.

सबसे ज्यादा पैसा किस देश से है जमा

स्विस बैंकों में सबसे ज्यादा पैसा ब्रिटेन से जमा है. इसके बाद दूसरे नंबर पर अमेरिका है. टॉप 10 देशों के अन्य लोगों में वेस्ट इंडीज, जर्मनी, फ्रांस, सिंगापुर, हॉन्ग कॉन्ग, लग्जमबर्ग, बहामास, नीदरलैंड, केमैन आयलैंड और साइप्रस हैं. भारत इस मामले में 44वें नंबर पर है. पाकिस्तान के नागरिकों की जमा राशि स्विस बैंकों में बढ़कर 71.2 करोड़ स्विस फ्रैंक और बांग्लादेश के ग्राहकों की जमा राशि बढ़कर 87.2 करोड़ स्विस फ्रैंक हो गई.