क्या अब बिज़नेस वाले सम्भालने लगे हैं देशों की सत्ता?

ब्रिटेन में ऋषि सुनक के पीएम बनने से पहले भी अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप, इटली में सिल्वियो बर्ल्युसोनी, थाईलैंड में यिन्गलुक शिनावात्रा और यूक्रेन में पेट्रो पोरोशेनको उन बिजनेसमैन की लिस्ट में शामिल हैं जिन्होंने पीएम या प्रेजिडेंट पद संभाला है.

क्या अब बिज़नेस वाले सम्भालने लगे हैं देशों की सत्ता?

Tuesday October 25, 2022,

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एशिया, यूरोप से लेकर अमेरिका तक एक बिजनेसमैन का पीएम या प्रेसिडेंट जैसे पदों पर नियुक्त होना कोई नई बात नहीं है. ऋषि सुनक और डोनाल्ड ट्रंप से पहले भी कई ऐसे बिजनेसमैन रहे हैं जिन्हें पीएम या प्रेसिडेंट बनने का मौका मिला है. मगर हाल के सालों में इस ट्रेंड में कुछ तेजी देखने को मिली है. आइए जरा नजर डालते हैं कुछ प्रमुख बिजनेसमैन पर जो प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति जैसे पदों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.

डोनाल्ड ट्रंप

इस लिस्ट में सबसे प्रमुखता से नाम लिया जाता है डोनाल्ड ट्रंप का. ट्रंप ने 2017 से 2021 तक अमेरिका के राष्ट्रपति पद को संभाला, वो अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति थे. ट्रंप के कारोबारी दौर को देखा जाए तो उनके हिस्से कई सफल और असफल वेंचर आए हैं.


ट्रंप वोडका, ट्रंप एयरलाइंस और ट्रंप कैसिनो जहां सफल नहीं हो पाए वहीं उनके ट्रंप टावर, ट्रंप प्लेस, ट्रंप इंटरनैशनल टावर शिकागो, 40 वॉल स्ट्रीट जैसे वेंचर उनके लिए लाइफ चेंजिंग साबित हुए. ट्रंप से पहले भी हर्बर्ट हूवर, जॉर्ज H.W. बुश, जॉर्ज W बुश, जिमी कार्टर भी प्रेजिडेंट की लिस्ट में है जो पहले बिजनेसमैन रहे थे.

ऋषि सुनक

अमेरिका के बाद अब यूनाइटेड किंगडम में भी ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने के साथ उनका नाम इस लिस्ट में जुड़ गया है. ऋषि ऑक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड के अलुमनाई हैं. उनके पास इकनॉमिक्स और फिलॉसफी में डिग्री है और एमबीए भी. ऋषि जॉनसन के कार्यकाल में ब्रिटेन के वित्त मंत्री भी थे.


हाल ही में नव निर्वाचित लिज ट्रस के इस्तीफा देने के बाद ऋषि को ब्रिटेन का नया पीएम चुना गया है. ऋषि भारत में आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति के दामाद भी हैं. खुद नारायण मूर्ति को भारत का राष्ट्रपति बनाने की कई बार चर्चा उठ चुकी है.

सिल्विओ बर्ल्युसोनी

इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्विओ बर्ल्युसोनी, जो चार बार इस पद को संभाल चुके हैं वो भी राजनीति में आने से पहले बिजनेसमैन ही थे. बर्ल्युसोनी ने रियल एस्टेट के साथ अपना बिजनेस करियर शुरू किया था. बाद में मीडिया और टेलीविजन इंडस्ट्री में भी कदम रखा. 1994 में पहली बार उनका नाम राजनीतिक क्षेत्र में जोड़ा गया.


हालांकि बर्ल्युसोनी पर 23 न्यायिक जांच के मुकदमे चल रहे हैं जिनमें से अधिकतर तो करप्शन से जुड़े हैं. इसके बाद भी बर्ल्युसोनी 17 सालों से ईटली की राजनीति में सक्रिय रूप से प्रखर हैं.

यिन्ग्लुक शिनावात्रा

इस सूची में अगला नाम आता है यिन्ग्लुक शिनावात्रा का. यिन्गलक थाइलैंड की न सिर्फ पहली महिला बल्कि सबसे युवा पीएम बनीं. यिन्गलुक भी पीएम बनने से पहले बिजनेस क्षेत्र का एक जाना माना नाम थीं. पीएम बनने से पहले वो एक टेलीकम्यूनिकेशन फर्म AIS में मैनेजिंग डायरेक्टर की तरह नियुक्त थीं.


इसके अलावा एक अन्य एससी असेट कंपनी की भी एमडी बनी हुई थीं. 2011 में पीएम पद पर चुने जाने से पहले उनके पास कभी भी किसी सरकारी पद पर बैठने का कोई तजुर्बा नहीं था. लेकिन उन्होंने पीएम पद को संभाला और 2014 तक थाईलैंड की पीएम बनी भी रहीं.

पेट्रो पोरोशेनको

इस सूची में अलगा नाम आता है यूक्रेन के पांचवे राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेनको ने भी 2014 से 2019 तक यूक्रेन की बागडोर संभाली. 1993 में पोरोशेनको ने अपने पिता और सहकर्मियों के साथ मिलकर Ukrप्रॉमइनवेस्ट यूक्रेनियन इंडस्ट्री एंड इनवेस्टमेंट कंपनी बनाई थी. जो कनफेक्शनरी और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में काम करती थी. पोरोशेनको इस कंपनी की शुरुआत से लेकर 1998 तक इस कंपनी के डायरेक्टर जनरल बने रहे.


संसद में जब इस बारे में बहस उठी तो उन्होंने यह पद अपने पिता को दे दिया और खुद ऑनररी प्रेजिडेंट बने रहे. उन्होंने 1998 से ही अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत की. पहले वो यूनाइटेड सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ यूक्रेन के सदस्य बने . बाद में 2000 में पार्टी ऑफ यूक्रेन्स सॉलिडैलिरीटी नाम से अपनी ही पार्टी बना ली.पोरोशेनको यूक्रेन के वित्त मंत्री बने रहने के साथ व्यापार मंत्री और नैशनल सिक्योरिटी और डिफेंस काउंसिल के भी सदस्य रहे.


Edited by Upasana