YourStory से प्रेरित होकर, स्तुति ने स्टार्टअप थीम पर लिखी रोमांचक किताब, युवाओं को करना चाहती हैं प्रेरित

By Rekha Balakrishnan
February 23, 2019, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:31:24 GMT+0000
YourStory से प्रेरित होकर, स्तुति ने स्टार्टअप थीम पर लिखी रोमांचक किताब, युवाओं को करना चाहती हैं प्रेरित
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

स्तुति चांगले

अक्सर हम अपनी उम्र के 20वें पड़ाव में आते ही बड़ी ही व्याकुलता से सोचने लगते हैं कि अपने सपनों को कैसे पूरा किया जाए। कैसे खुद को इस काबिल बनाया जाए जिससे जिंदगी में अकेलापन महसूस न हो। कबीर भी यही सोचता है कि अगर वह अपने दम पर कुछ बना पाए तो उसकी लाइफ आगे कैसी होगी। वहीं मायरा अपने ऑफिस के जंजाल से निकलना चाहती है और सैंडी अपने बड़े स्टार्टअप आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए कॉलेज ड्रॉप कर देता है। इन तीनों को एकजुट किया है रैमी ने जो अपने ट्रैवल ब्लॉग से लाखों लोगों को प्रेरित करती है। 


ऑन द ओपन रोड - थ्री लाइव्स, फाइव सिटीज, वन स्टार्टअप (On The Open Road - Three Lives. Five Cities. One Startup) में लेखिका स्तुति चांगले ने इन्हीं तीनों युवाओं की लाइफ को एक्सप्लोर किया है। ये लोग एक कंपनी शुरू करने के लिए काफी सशक्त प्रयास कर रहे हैं। क्या वे सफल होंगे? इसी की प्रेरणादायक कहानी है इस किताब में। 


HerStory के साथ इंटरव्यू में, स्तुति ने अपनी किताब, अपनी इंस्पिरेशन्स और उन्होंने स्टार्टअप पर ही लिखना क्यों चुना आदि विषयों पर खुलकर बात की। 


HerStory: हमें अपने बारे में थोड़ा बताएं।

स्तुति चांगले: मैं इंदौर से हूं और भारत भर में कई स्कूलों से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है। मैं इंटरनेशनल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली से मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट हूँ, और कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएट किया है। बचपन से ही एक लेखक बनने का सपना था। 2016 में, जब मैं 23 साल की थी तो एक दिन अचानक मैंने खुद की तलाश में, निकलने का फैसला किया और मुंबई छोड़ दी। मैं असाधारण कहानियों वाले लोगों - यात्रियों, उद्यमियों, कलाकारों, दूरदर्शी और संतों से मिली, जिन्होंने मुझे कुछ नई दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित दिया। जिसके बाद मैंने अपना पहला नोवेल- ऑन द ओपन रोड - थ्री लाइव्स, फाइव सिटीज एंड वन स्टार्टअप लिखा। मुझे खुशी है कि अब इसे पाठकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। यह मेरे वास्तविक जीवन के अनुभवों से प्रेरित है। मैं अपने पाठकों से इतना ही कहूंगी कि वे अपने दिल की सुनें और अपने सपनों को जीने के लिए प्रेरित रहें। 


HerStory: वो क्या चीज थी जिसने आपको किताब लिखने के लिए प्रेरित किया और और क्यों?

स्तुति चांगले: ऑन द ओपन रोड - थ्री लाइव्स, फाइव सिटीज, वन स्टार्टअप लिखने का आइडिया एक बड़े कॉर्पोरेट में मेरे कार्यकाल के दौरान आया। एक बार ऑफिस में बैठे मैं कॉफी पी रही थी और अपने कैरियर के अगले कदम के बारे में सोच रही थी। मैं जहां काम कर रही थी वहां उस नौकरी से काफी सारा पैसा कमा रही थी लेकिन किसी तरह अंदर से खालीपन महसूस करती थी। मेरा दिल मुझे कहानीकार बनने के अपने लंबे खोए सपने को आगे बढ़ाने के लिए कहता था, जबकि मेरा मन मुझे रिस्क और इसके रिजल्ट्स के बारे में वॉर्निंग देता था। बाद में, मैंने महसूस किया कि मेरे फ्रैंड्स और कलीग्स सहित कई सफल लोगों ने अपने लाइफ की मीनिंग को ढूंढ़ने के लिए पहले संघर्ष जरूर किया है। इस सब ने मुझे कैरेक्टर्स डेवलप करने और कहानी के प्लॉट को लिखने में मदद की। यही कारण है कि मेरे बहुत से पाठकों ने मुझे बताया कि वे कहानी की हर लाइन से खुद को जोड़ा हुआ महसूस करते हैं। मैं अपनी कहानियों के साथ युवाओं को प्रेरित करने की आशा करती हूं। उम्मीद है कि लोग इससे प्रेरित होंगे, कठिन विकल्प चुनेंगे, अपने सपनों को फॉलो करेंगे व कभी हार न मानने और अपने सच्चे आत्म की खोज करने के लिए आगे बढ़ेंगे। 


HerStory: क्या आप हमें किताब के बारे में थोड़ा अधिक बता सकती हैं कि कैसे आपने कैरेक्टर्स को चुना, आदि?

स्तुति चांगले: यह किताब दिल को छू लेने वाली तीन लोगों की प्रेरणादायक यात्रा है जो एक कंपनी शुरू करने के लिए अपने सपनों और सभी बाधाओं के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प करते हैं। मायरा, कबीर और सैंडी, कहानी के मुख्य पात्र हैं। तीनों अपनी उम्र के लगभग 20वीं में हैं जो सामाजिक वर्जनाओं के साथ-साथ अपने अंदर के शैतानों को मारते हुए जीवन जीने के लिए लड़ते हैं। मायरा अपनी कॉरपोरेट जॉब में स्ट्रगल कर रही है, जबकि कबीर को आश्चर्य है कि लाइफ अपने दम पर कैसे बनाई जाए। सैंडी स्टार्टअप शुरू करने के लिए उत्साही है, जो असफल होने से डरता नहीं है, और अपने विजन पर अडिग है। इन तीनों को एक ट्रैवल ब्लॉगर - रैमी ने इकट्ठा किया है जो 'ऑन द ओपन रोड' नामक ब्लॉग चलाती हैं। कहानी नए रोजमर्रा की जिंदगी से अलग होकर नए लोगों को गले लगाने के बारे में है। अपने उपन्यास के माध्यम से, मैं यह बात जोर से कहना चाहती हूं कि हम, युवा, राष्ट्र का भविष्य हैं, और यह समय है जब हम साहसपूर्वक अपनी च्वाइस का पीछा कर सकते हैं। आइए हम उद्यमिता के माध्यम से भविष्य के भारत का निर्माण करें, क्योंकि हम में से हर कोई, चाहे वह कहीं से भी हो, सभी के पास एक ऐसा आइडिया है जो लाखों जीवन को छूने की क्षमता रखता है।


HerStory: आपने स्टार्टअप की दुनिया और 20 साल के युवाओं को उस विषय के रूप में क्यों चुना, जिस पर आपकी पुस्तक बेस्ड है?

स्तुति चांगले: मेरे हीरो या रोल मॉडल हमेशा से कलाकार और उद्यमी रहे हैं। जब मैंने अपनी जॉब छोड़ी, तो कई उद्यमी लोग थे जिनसे मैंने अपने करियर के बारे में सलाह ली। उसी समय, मैंने YourStory पर भारत से तकनीकी स्टार्टअप संस्थापकों की यात्रा को फॉलो किया। भारत में स्टार्टअप कल्चर सभी प्रमुख शहरों में डेवलप हो रहा है; छात्र या प्रोफेशनल्स कोई भी हों सभी जोखिमों उठाने के लिए तैयार हैं। वे असफलताओं को पीछे छोड़कर किसी दिन लाखों जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। यह सच में काफी प्रेरणादायक है। मुझे लगता है कि भारत में पुस्तकों और फिल्मों में एक मजबूत काल्पनिक कथा का अभाव है। फिक्शन में मैजिक के जरिए लोगों को स्थानांतरित करने की पॉवर है जो शब्दों का उपयोग करके बुनी जा सकती है। हमारे पास बहुत सारे नए आर्टिकल थे जिनमें स्टार्टअप के गैर-भावनात्मक पहलुओं का उल्लेख किया गया था। 20 के आस-पास ये युवा भारत में अभूतपूर्व उद्यम का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा, हमारी उस सेगमेंट में एक बड़ी आबादी है, इसलिए मुझे लगता है कि मैंने उन्हें अपनी कहानी के माध्यम से "एक कदम" आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया और उद्यमिता के माध्यम से भविष्य के भारत का निर्माण करने में मदद की।


HerStory: आप कहती हैं कि आपकी किताब वास्तविक जीवन के अनुभवों से ली गई है। क्या आप हमें इस बारे में और अधिक बता सकते हैं?

स्तुति चांगले: हां, यह सच है। यह मेरे खुद अनुभवों से बहुत मेल खाती है जब मैंने नौकरी छोड़ी थी और कुछ अलग करने का फैसला किया। मैं मायरा से सबसे ज्यादा रिलेट करती हूं क्योंकि उसकी यात्रा मेरी खुद की यात्रा की तरह है। कैरेक्टर, सामान्य, सापेक्ष या आकांक्षात्मक, कहानी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कैरेक्टर्स की यात्रा के माध्यम से पाठक विभिन्न भावनाओं का अनुभव करते हैं। पाठक चुनौतियों, संघर्षों और कैरेक्टर्स की उपलब्धियों के माध्यम से डेवलप होते हैं। यदि वे अपने पसंदीदा कैरेक्टर की यात्रा से रोमांचित हैं, तो वे खास कदम उठाने के लिए खुद को प्रेरित महसूस करते हैं। सभी किरदार उन लोगों पर आधारित हैं जिनसे मैं मिली हूं। एक मजबूत सपोर्टिंग कैरेक्टर, श्री कश्यप, आशीष कश्यप (गोइबिबो और रेडबस के संस्थापक) से प्रेरित है। मैं अपनी किताब के पूरा होने तक उनसे कभी नहीं मिली थी, लेकिन जैसा कि मैंने स्टार्टअप दुनिया में एक रोल मॉडल के रूप में उन्हें देखा है, मैंने कुछ जरूरी रिसर्च और अपनी स्वयं की कल्पना के माध्यम से कैरेक्टर का निर्माण किया है। किताब के पूरा होने पर, मैं उनके पास गई और उन्हें उन्हीं के बारे में बताया। उन्होंने स्टार्टअप्स पर एक काल्पनिक कहानी के आइडिया को काफी पसंद किया और मुझे मेरे क्रिएटिव काम को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।


HerStory: आपकी भविष्य की क्या योजनाएं हैं?

SC: लेखन के अलावा, मैं बोलने में भी काफी बिजी रहती हूं और उन जगहों की यात्रा करती हूं जो अपने दर्शकों के लिए मूल्य जोड़ने वाली कहानियां बताते हैं। मेरा मिशन मेरी कहानियों के माध्यम से लोगों को खुद का सबसे अच्छा संस्करण बनने के लिए प्रेरित करना है। मैं अगली कहानी पर भी काम कर रही हूं। यह ऑन द ओपन रोड सीरीज का एक हिस्सा है। यह कोई प्रीक्वल या सीक्वल नहीं है। रैमी - द ट्रैवल ब्लॉगर, ऑन द ओपन रोड का पसंदीदा कैरेक्टर, अगली किताब का भी हिस्सा है।


यह भी पढ़ें: सरकार का बड़ा फैसला: अब अर्धसैनिक बलों के सभी जवान कर सकेंगे हवाई सफर