Amazon 10 हज़ार कर्मचारियों को निकालेगी; Twitter, Meta, Microsoft पहले ही खा चुके नौकरियां

अमेज़न 10,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी कर रही है. यह अमेज़न के इतिहास में सबसे बड़ी छंटनी होगी. अमेज़न दुनियाभर में 1.6 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार देता है. जिसमें कंपनी सिर्फ 1 प्रतिशत कर्मचारी को निकालने जा रहा है.

Amazon 10 हज़ार कर्मचारियों को निकालेगी; Twitter, Meta, Microsoft पहले ही खा चुके नौकरियां

Tuesday November 15, 2022,

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ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी Amazon इस हफ्ते अपने 10,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने सोमवार को मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का हवाला देते यह दावा किया है. (Amazon layoffs) रिपोर्ट के अनुसार, नौकरी में कटौती ई-कॉमर्स दिग्गज की डिवाइस यूनिट पर होगा, जिसमें वॉयस-असिस्टेंट एलेक्सा आता है. साथ ही इसके रिटेल डिवीजन और ह्यूमन रिसोर्सेज में भी छंटनी की संभावना है. हालांकि, कंपनी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स के सवालों का अब तक जवाब नहीं दिया.

इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर (Twitter) फिर फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) और बाद में माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने अपने हज़ारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है. इसके बाद अब अमेज़न (Amazon) भी अपने वर्किंग स्टाफ में छंटनी करने का फैसला लेने जा रही है. ख़बर है कि इसी हफ्ते कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Amazon के पास 31 दिसंबर, 2021 तक लगभग 1,608,000 फुलटाइम और पार्ट-टाइम कर्मचारी है. अमेज़न ने 1 महीने की लंबी समीक्षा के बाद ऐसा करने का फैसला लिया है. अगर अमेज़न 10,000 कर्मचारियों को निकालता है, तो यह अमेज़न के इतिहास में सबसे बड़ी छंटनी होगी. अमेज़न दुनियाभर में 1.6 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार देता है. जिसमें कंपनी सिर्फ 1 प्रतिशत कर्मचारी को निकालने जा रहा है.

अमेज़न लागत को कम करने के लिए अपने ऑपरेशन में रोबोट का इस्तेमाल बढ़ाने में लगी है. इस समय अमेज़न की ओर से डिलीवर किए जाने वाले लगभग 3 चौथाई पैकेट किसी न किसी रोबोटिक सिस्टम से होकर गुजरे हैं. इस बारे में अमेज़न रोबोटिक्स के चीफ टाई ब्राडी का कहना है कि अगले 5 साल में पैकेजिंग में 100 फीसदी रोबोटिक सिस्टम हो सकता है. ये रोबोट कितनी जल्दी इंसानी कर्मचारियों की जगह ले लेंगे, अभी यह नहीं कहा जा सकता है. उन्होंने कहा कि, काम जरूर बदलेगा, लेकिन इंसान की जरूरत तो हमेशा ही रहेगी.

अमेरिका, यूरोप जैसे कई बड़े देशों की अर्थव्यवस्थाओं में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है. जिसका सीधा असर बाजार की मांग और बड़ी कंपनियों की नौकरियों पर दिखने को मिल रहा है. एक तरह से कंपनियां अपना खर्चा घटाने में जुटी हैं. कंपनी लागत को काबू करने के लिए अपने कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा रही है.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के वर्षों के दौरान अपने रिकॉर्ड पर सबसे अधिक लाभदायक समय का अनुभव करने के बाद अमेज़न की वृद्धि दो दशकों में सबसे कम दर तक धीमी हो गई. महामारी के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा ऑनलाइन शॉपिंग में तेजी देखी गई थी. यह रिपोर्ट ई-कॉमर्स दिग्गज द्वारा व्यस्त छुट्टियों के मौसम में विकास में मंदी की चेतावनी के कुछ ही हफ्तों बाद आई है. यह ऐसी अवधि थी, जब सबसे अधिक बिक्री होती थी. अमेज़न ने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि बढ़ती कीमतों के कारण उपभोक्ताओं और व्यवसायों के पास खर्च करने के लिए पैसा कम है.

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