कैंसर पीड़ितों के लिए सिर मुड़वाकर लड़कियों में मिसाल बनीं अपर्णा लवकुमार

By जय प्रकाश जय
November 18, 2019, Updated on : Mon Nov 18 2019 11:31:33 GMT+0000
कैंसर पीड़ितों के लिए सिर मुड़वाकर लड़कियों में मिसाल बनीं अपर्णा लवकुमार
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हमारे देश में कैंसर के मामलों में करीब 324 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले साल देश में कैंसर से करीब आठ लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। ऐसी स्थितियों में त्रिशूर (केरल) की सीनियर पुलिस अधिकारी अपर्णा लवकुमार और बिहार की शहजादी परवीन अपने साहस और नेकदिली से लोगों की प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।

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अपर्णा लवकुमार


कैंसर को मात देने वाली जहानाबाद (बिहार) की शहजादी परवीन की कहानी मरीजों को सुनाकर डॉक्टर उनका हौसला बढ़ाते हैं। पटना के महावीर कैंसर संस्थान में आज भी शहजादी जाती हैं तो डॉक्टर अन्य रोगियों के बीच उन्हे ले जाकर लोगों की हिम्मत बढ़ाते हैं। दिल्ली में पराली के प्रदूषण से कैंसर का भी खतरा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, दुनिया भर में हर साल 9 लाख से ज़्यादा लोग वायु प्रदूषण के कैंसर से मरते हैं। नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2019 (एनएचपी) के मुताबिक, हमारे देश में कैंसर के मामलों में करीब 324 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 


नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च के गए एक अध्ययन में पता चला है कि भारत में कैंसर के 11 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। पिछले साल देश में कैंसर से करीब 8 लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उधर, अमेरिकी वैज्ञानिक प्रोफेसर यूमान फॉन्ग ने अपनी ताज़ा खोज में दावा किया है कि सर्दी-जुकाम का वायरस 100 तरह के कैंसर का खात्मा कर देगा। ऐसी स्थितियों में फिलहाल, हम बात कर रहे हैं त्रिशूर (केरल) के इरिजलक्कुडा के महिला थाने की सीनियर पुलिस अधिकारी अपर्णा लवकुमार की, जिन्होंने कैंसर पीड़ितों के लिए अपना सिर मुंडवा लिया और अपने घने-लंबे बाल दान कर दिए। 


अपर्णा के साथ काम करने वाले अधिकारी उन्हें अपने रोल मॉडल मानते हैं। 44 वर्षीय अपर्णा लवकुमार कहती हैं कि उन्होंने जो किया, उसमें कोई प्रशंसा जैसी बात नहीं है। सिर पर बाल तो दो साल में आ ही जाएंगे। महिलाओं को उनके लंबे बाल बहुत प्यारे होते हैं और उनकी सुंदरता में बालों का अहम स्थान होता है, इसके बावजूद उन्होंने अपना सिर मुंडवा लिया।





वैसे तो अपर्णा हमेशा अपने थोड़े-थोड़े बाल दान करती रहती हैं लेकिन इस बार उन्होंने तब अपना पूरा सिर मुंड़वा लिया, जब उनके सामने एक कैंसर का मरीज लड़का बिना बालों के दिखाई पड़ा। उन्होंने कहा कि वह उस बच्चे के दर्द को महसूस कर पा रही थीं। उनका केश-दान अन्य लोगों के लिए प्रेरणा प्रेरणा का स्रोत बन गया है, विशेषकर कॉलेज की लड़कियों के लिए। 


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दो बच्चों की मां एवं वरिष्ठ सिविल पुलिस अधिकारी अपर्णा लवकुमार कहती हैं कि उन्होंने किसी बदलाव के लिए अपने केश नहीं मुड़वाए बल्कि कैंसर से लड़ रहे बच्चों की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए ऐसा किया।


उन्होंने त्रिशूर के एक ब्यूटी पार्लर में अपना मुंडन कराया और अपने लंबे बाल त्रिशूर के कैंसर रिसर्च सेंटर को दान दे दिए जहां गरीब कैंसर रोगियों के लिए विग (नकली बाल) तैयार किए जाते हैं और उन्हें निःशुल्क दिया जाता है।


वह कहती हैं, प्राकृतिक बालों से बने विग उन गरीब कैंसर रोगियों के लिए खरीदना बस की बात नहीं होती है, जिनके बाल विकिरण या किमोथेरेपी के चलते खत्म हो जाते हैं। कृत्रिम विग से कई मरीजों को एलर्जी होती है। 


अपर्णा ने सत्तर सेंटीमीटर लंबे अपने बालों को कटाने से पहले अपने वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति ले ली थी। ब्यूटी पॉर्लर में अपर्णा के सिर मुड़ाते समय वहीं किसी ने मोबाइल से उनका विडियो बना लिया। विडियो वायरल होते ही विधवा हो चुकीं आदर्श पुलिस अधिकारी अर्पणा ने संदेश दिया कि 'वह कोई अमीर नहीं हैं।


गरीब कैंसर रोगियों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए उनके पास बस यही एकमात्र उपाय था। विडियो से कई लड़कियों को इस नेक कार्य के लिए कुछ करने की प्रेरणा मिली है। उन्हे कॉलेज जाने वाली किशोरियों के फोन आ रहे हैं। वे इससे प्रेरित हुई हैं।


अपर्णा कहती हैं,

'मेरी नकल मत कीजिए। समाज में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए कोई भी अन्य संभव कार्य कीजिए।'