RBI ने 17 फाइनेंस कंपनियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट कैंसिल किए, जानिए वजह...

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India - RBI) ने शुक्रवार को 17 नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (CoR) को रद्द कर दिया. केंद्रीय बैंक ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-IA (6) के तहत उसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उसने NBFCs के CoR को रद्द कर दिया है.

RBI ने अपने बयान में कहा, “निम्नलिखित 17 नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा उन्हें दिए गए पंजीकरण प्रमाणपत्र (CoR) को सरेंडर कर दिया है. भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-IA (6) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, RBI ने उनके CoR को रद्द कर दिया है."

RBI ने 10 नॉन-बैंकिंग फाइनेंस इंस्टीट्यूट्स (NBFI) को सूचीबद्ध किया है जो बिजनेस से बाहर हो गए हैं. इस सूची में Dhanbad Properties Private Ltd, Soorya Vanijya & Investment Ltd., Jainex India Ltd, Jayam Vyapaar Pvt Ltd, and JM Holdings Pvt Ltd, Wide Range Sales Pvt. Ltd, Syn Pack Finance Pvt Ltd, B D Vanijya Udyog Pvt Ltd, Quency Consultancy Pvt Ltd, S G Projects Private Limited (पहले S.G. Credit Ltd) के नाम शामिल हैं.

इसमें ऐसी दो कंपनियाँ शामिल हैं जिन्हें अनरजिस्टर्ड कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के लिए निर्धारित किया गया है जिन्हें रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है. इसमें New Age Import Pvt Ltd और Jubilant Securities Private Limited शामिल हैं.

जबकि पांच NBFCs थी जो समामेलन/विलय/विघटन/स्वैच्छिक हड़ताल आदि के कारण एक कानूनी इकाई नहीं रह गए हैं. इस सूची में Shriram City Union Finance Limited, Shriram Capital Limited, Antriksh Commerce Pvt Ltd, DRP Trading & Investment Pvt Ltd और Jalsagar Sales Agency Pvt Ltd के नाम शामिल हैं.

पिछले साल तीन NBFCs ने 13 दिसंबर को अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट आरबीआई को सरेंडर कर दिया था.

इससे पहले, RBI ने कर्जदाताओं की बिगड़ती वित्तीय स्थिति के मद्देनजर निकासी (withdrawals) सहित पांच सहकारी बैंकों पर कई प्रतिबंध लगाए. RBI ने अलग-अलग बयानों में कहा कि प्रतिबंध छह महीने तक लागू रहेंगे. प्रतिबंधों के साथ, बैंक, आरबीआई की पूर्व स्वीकृति के बिना, लोन नहीं दे सकते हैं, कोई निवेश नहीं कर सकते हैं, कोई देयता (liability) नहीं उठा सकते हैं, और अपनी किसी भी संपत्ति का हस्तांतरण या निपटान नहीं कर सकते हैं.

HCBL सहकारी बैंक, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के ग्राहक; आदर्श महिला नगरी सहकारी बैंक मर्यादित, औरंगाबाद (महाराष्ट्र); और कर्नाटक में शिमशा सहकारा बैंक नियमिथा, मद्दुर, मंड्या जिला तीन उधारदाताओं की वर्तमान तरलता (liquidity) स्थिति के कारण अपने खातों से धनराशि नहीं निकाल सकते हैं. हालांकि, उरावकोंडा को-ऑपरेटिव टाउन बैंक, उरावकोंडा, (अनंतपुर जिला, आंध्र प्रदेश) और शंकरराव मोहिते पाटिल सहकारी बैंक, अकलुज (महाराष्ट्र) के ग्राहक 5,000 रुपये तक निकाल सकते हैं.

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