LinkedIn ने बताया - जॉब मार्केट में इन स्किल्स की है डिमांड...

रिपोर्ट में कहा गया है, "कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद, किसी भी जॉब मार्केट में अधिक रोजगार योग्य बनने और 2023 में अपने कैरियर के लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए जिन स्किल्स की डिमांड है उन्हें सीखना महत्वपूर्ण होगा."

LinkedIn ने बताया - जॉब मार्केट में इन स्किल्स की है डिमांड...

Thursday February 09, 2023,

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लिंक्डइन की हालिया लॉन्च हुई 'वर्कप्लेस लर्निंग रिपोर्ट' (LinkedIn’s ‘Workplace Learning Report) के अनुसार, साल 2023 में कंपनियों और पेशेवरों के लिए बिजनेस, मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी जैसी स्किल्स की डिमांड सबसे अधिक रही.

रिपोर्ट में कहा गया है, "कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद, किसी भी जॉब मार्केट में अधिक रोजगार योग्य बनने और 2023 में अपने कैरियर के लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए जिन स्किल्स की डिमांड है उन्हें सीखना महत्वपूर्ण होगा."

डिमांड में हैं ये टॉप 10 स्किल्स

रिसर्च के अनुसार, भारत में इस साल की टॉप 10 सबसे अधिक डिमांड वाली स्किल्स में बिजनेस और मार्केटिंग स्किल्स का मिश्रण था. इसमें मैनेजमेंट, कम्यूनिकेशन और सेल्स शामिल है. इनके बाद बारी आती है सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, SQL और Java जैसी टेक्निकल स्किल्स की.

इनके अलावा, लीडरशिप और एनालिटिकल स्किल्स को भी लिस्ट में शामिल किया गया है अलग-अलग जॉब फंक्शंस में सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्ट स्किल्स के रूप में जोड़ा गया है.

टॉप 10 इन-डिमांड स्किल्स (लिस्ट descending order में) हैं मैनेजमेंट, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, SQL, कम्यूनिकेशन, Java, लीडरशिप, इंजीनियरिंग, एनालिटिकल स्किल्स, पायथन (प्रोग्रामिंग लैंग्वेज), और सेल्स है.

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स्किल्स पर है ज्यादा फोकस

जैसे-जैसे नौकरियों में गिरावट आ रही हैं, भारत में कंपनियां हायरिंग के लिए कौशल-फर्स्ट अप्रोच अपना रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार, लिंक्डइन पर 50 प्रतिशत से अधिक इंडियन रिक्रूटर सीधे तौर पर अपनी कंपनी में नौकरी देने के लिए स्किल्स का डेटा देखते हैं. यह वैश्विक औसत 45 प्रतिशत से अधिक है.

अकेले 2022 में, भारत में पेशेवर कुल 4.6 मिलियन घंटे इस प्लेटफॉर्म पर सीखने में बिताते हैं. यह संयुक्त राज्य अमेरिका में लिंक्डइन उपयोगकर्ताओं द्वारा बिताए गए सीखने के घंटों की संख्या से दोगुना है.

रिपोर्ट के अनुसार, 'अपस्किलिंग एम्पलॉई' भारत में सर्वोच्च प्राथमिकता है. यह देखा गया है कि 'सीखने के अवसर प्रदान करना' प्रतिधारण में सुधार के लिए उनका शीर्ष समाधान है.

रिसर्च में सर्वे किए गए 1,579 L&D लीडर्स में से 85 प्रतिशत ने कहा कि उनकी कंपनियों में शिक्षार्थियों की व्यस्तता बढ़ी है.

बढ़ता यूजर बेस

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब लिंक्डइन ने भारत में 100 मिलियन सदस्यों का मील का पत्थर पार कर लिया है. यह पिछले तीन वर्षों में सदस्य आधार में 56 प्रतिशत की वृद्धि है.

भारत दुनिया भर में लिंक्डइन के लिए अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा बाजार है. सदस्यों का सबसे बड़ा हिस्सा सॉफ्टवेयर और आईटी से है, इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग, कॉर्पोरेट सर्विसेज (कंसल्टिंग, अकाउंटिंग और ह्यूमन रिसॉर्स), फाइनेंस और एजुकेशन इंडस्ट्री हैं.

लिंक्डइन के इंडिया कंट्री मैनेजर आशुतोष गुप्ता ने कहा, "इन हाल के वर्षों में हमारे काम करने के तरीके में काफी बदलाव आया है. भारत में हमारे 100 मिलियन सदस्य समुदाय को अब नौकरियों परे बड़े पैमाने पर प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए देखना खुशी और संतुष्टि की बात है."

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