Twitter से निकाले गए कर्मचारियों की मदद के लिए आगे आई भारतीय कंपनी Koo

By रविकांत पारीक
November 21, 2022, Updated on : Mon Nov 21 2022 11:29:58 GMT+0000
Twitter से निकाले गए कर्मचारियों की मदद के लिए आगे आई भारतीय कंपनी Koo
Koo के को-फाउंडर मयंक बिदावतका ने पूर्व-ट्विटर कर्मचारियों को हायर करने के अपने इरादे साझा किए क्योंकि ट्विटर ट्रेंडस में #RIPTwitter ट्रेंड ने जोर पकड़ लिया है.
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स्वदेशी माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म, कू (Koo App) ने एलन मस्क (Elon Musk) द्वारा Twitter के कर्मचारियों की बड़ी संख्या में छंटनी किए गए कर्मचारियों को नौकरी देने का ऐलान किया है. कंपनी ने यह घोषणा ऐसे वक्त में की है जब ट्विटर कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर पलायन को देख रहा है क्योंकि ईलॉन मस्क ने अपने ज्यादातर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है.


Koo के को-फाउंडर मयंक बिदावतका ने पूर्व-ट्विटर कर्मचारियों को हायर करने के अपने इरादे साझा किए क्योंकि ट्विटर ट्रेंडस में #RIPTwitter ट्रेंड ने जोर पकड़ लिया है.


बिदावतका ने दावा किया कि वह उन ट्विटर कर्मचारियों को लेने को तैयार हैं जिन्हें या तो हटा दिया गया है या जो मस्क द्वारा 'कट्टर' जाने या छोड़ने के लिए कहने के बाद स्वेच्छा से चले गए हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “#RIPTwitter और इससे संबंधित हैशटैग को नीचे जाते हुए देखकर बहुत दुख हुआ. जैसे-जैसे हम विस्तार करते रहेंगे और अपने बड़े, अगले दौर को बढ़ाएंगे, हम इनमें से कुछ ट्विटर के पूर्व-कर्मचारियों को नियुक्त करेंगे. वे काम करने के लायक हैं जहां उनकी प्रतिभा को महत्व दिया जाता है."


एलन मस्‍क द्वारा ट्विटर का अधिग्रहण करने के बाद कंपनी में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की गई. टॉप लेवल से लेकर एक आम कर्मचारी पर तक छंटनी की गाज गिरी. भारत में भी बड़े पैमाने पर ट्विटर कर्मचारियों को नौकरी गंवानी पड़ी है. करीब 3700 लोगों को ई-मेल भेजकर यह बताया गया कि उन्‍हें निकाला गया है. हाल में ट्विटर के स्टाफ को मस्क ने एक मैसेज दिया. उन्होंने वर्कर्स से यह बताने को कहा कि वे कंपनी में अधिक घंटों तक काम करना चाहते हैं या तीन महीने की सेवरेंस पे लेकर इस्तीफा देंगे.


Koo के को-फाउंडर्स ने हाल ही में बताया है कि ट्विटर को कड़ी टक्कर देने के लिए वह दूसरे देशों में भी अपने प्लेटफॉर्म को लॉन्च करेंगे. इसमें बांग्लादेश, फिलिपींस, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका जैसे देशों के नाम शामिल होंगे.


Koo को सिर्फ 3 साल पहले लॉन्च किया गया था. ऐप ने हाल ही में 5 करोड़ डाउनलोड्स के आंकड़े को पार कर लिया है. देश में जब कोविड-19 महामारी अपने चरम पर थी, तब कू ने शुरुआत की थी. क्षेत्रीय भाषाओं में अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर बहुत जल्द यह प्लेटफॉर्म लोकप्रिय हो गया है और उसके बाद केंद्र सरकार व उसके मंत्रियों ने भी बड़ी संख्या में इस प्लेटफॉर्म को जॉइन किया है.


वर्तमान में, Koo 10 भाषाओं में उपलब्ध है और इसके 100+ देशों के यूजर्स हैं जिनमें यूनाइटेड स्टेट्स, यूनाइटेड किंगडम, सिंगापुर, कनाडा, नाइजीरिया, UAE, अल्जीरिया, नेपाल, ईरान और भारत शामिल हैं. लॉन्च के बाद से Koo ने 7,500+ येलो टिक ऑफ एमिनेंस (ट्विटर ब्लू टिक के बराबर) और एक लाख ग्रीन सेल्फ वेरिफिकेशन टिक देने का दावा किया है.