खास दिव्यांगों के लिए लॉन्च हुई MatchAble ऐप, लोगों से जुड़ने में मिलेगी मदद

By रविकांत पारीक
September 14, 2022, Updated on : Thu Sep 15 2022 04:34:20 GMT+0000
टेक्नोलॉजी और एल्गोरिदम का लाभ उठाते हुए मैचएबल ऐप दिव्यांग लोगों को प्रभावी ढंग से पेश करता है. इस ऐप पर पुरुष, महिलाएं और LGBTQIA+ समुदाय के लोग कनेक्शन बना सकते हैं.
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दिल्ली स्थित Periwinkle Peafowl Pvt. Ltd. ने अपनी फ्लैगशिप मोबाइल ऐप MatchAble app के लॉन्च की घोषणा की है. यह एक डेटिंग, मैचमेकिंग और नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म है जो दिव्यांगों को ऑनलाइन (वर्चुअल) और ऑफलाइन (रियल वर्ल्ड में) दोनों में लोगों से जुड़ने और कनेक्शन बनाने में मदद करता है.


टेक्नोलॉजी और एल्गोरिदम का लाभ उठाते हुए मैचएबल ऐप दिव्यांग लोगों को प्रभावी ढंग से पेश करता है. इस ऐप पर पुरुष, महिलाएं और LGBTQIA+ समुदाय के लोग कनेक्शन बना सकते हैं.


MatchAble की शुरुआत मीनल सेठी ने की थी. यह एक ऐसा मंच है जो विशेष रूप से दिव्यांग लोगों के लिए डेटिंग और सामाजिक संस्कृति को सामान्य बनाता है. इस प्रकार यह हमारे देश में दिव्यांगों को अलग-थलग महसूस नहीं होने देता. उन्हें सामान्य तौर पर लोगों से जुड़ने में मदद करता है.

Minal Sethi, Founder, MatchAble

मीनल सेठी, फाउंडर, MatchAble

आज के दौर के दूसरे लोकप्रिय डेटिंग ऐप्स के उलट, मैचएबल का एल्गोरिदम दो विशेष रूप से विकलांग व्यक्तियों के वैरिफाइड प्रोफाइल को एक-दूसरे के साथ जोड़ने का प्रयास करता है, उनकी प्राथमिकताओं, उम्र, लिंग, रुचियों, आदि के आधार पर. ऐप 'डेटिंग ऐप' के नियमित पैटर्न से परे है, उदाहरण के लिए, मैचएबल ने रेटिना (आंख) विकार वाले लोगों के फ़ॉन्ट आकार को समायोजित करने के लिए एक यूनिक फीचर लेकर आया है.


निकट भविष्य में, ऐप की योजना इंटरैक्टिव और विशेष रूप से दिव्यांगों के लिए और नए फीचर्स लॉन्च करने की है. इन फीचर्स में वॉयस नोट इंटीग्रेशन (उन लोगों के लिए जिन्हें टाइप करना मुश्किल लगता है), स्क्रीन रीडर, स्क्रीन स्पीकर और वीडियो कॉलिंग आदि शामिल हैं. ये सभी फीचर्स विभिन्न प्रकार की अक्षमताओं वाले लोगों/दिव्यांगों को ऐप का उपयोग करने और बेहतर तरीके से फायदा पहुंचाने में मदद करेंगे.


इसके अलावा, मैचएबल जल्द ही ऑफलाइन मीट अप भी होस्ट (मेजबानी) करेगा ताकि अपने उपयोगकर्ताओं को मिलने और नेटवर्क के साथ-साथ अपने उपयोगकर्ताओं को लाभान्वित करने के लिए बोर्ड चिकित्सक, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और संबंध सलाहकारों को भी लाया जा सके.


मैचएबल ऐप एंड्रॉइड यूजर्स के लिए मुफ्त में उपलब्ध है. कंपनी जल्द ही Apple Appstore पर इसका iOS वर्जन लॉन्च करेगी.


हमारे देश में विकलांगता को अभिशाप के रूप में देखा जाता है. लेकिन उसके प्रति सरकारी-गैरसरकारी अथवा चिकित्सकीय उपेक्षा का आलम ये है कि 2011 की जनगणना के मुताबिक, 2.68 करोड़ (2,68,10,557) लोग दिव्यांग हैं. डब्ल्यूएचओ ने पूरी दुनिया की आबादी में दिव्यांगों की तादाद लगभग 15 फीसदी मानी है. एक सर्वे के मुताबिक, भारत में करीब 10 करोड़ दिव्यांगजन हैं. ऐसे में MatchAble ऐप इन लोगों के लिए मददगार साबित हो सकता है.