भारतीय रिसर्चर अमन पांडे ने टॉप किया Google का बग बाउंटी प्रोग्राम 2021

By रविकांत पारीक
February 16, 2022, Updated on : Wed Feb 16 2022 08:00:40 GMT+0000
भारतीय रिसर्चर अमन पांडे ने टॉप किया Google का बग बाउंटी प्रोग्राम 2021
अमन पांडे, इंदौर स्थित कंपनी Bugsmirror के फाउंडर और सीईओ हैं। Google के एक आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, अमन ने साल 2021 में 232 बग्स रिपोर्ट किए थे।
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दुनिया की सबसे बड़ी सर्च दिग्गज कंपनी Google के अनुसार, साल 2021 कंपनी के Vulnerability Reward Programs (VRPs) के लिए एक और रिकॉर्ड सेटर था। 2021 में कंपनी ने हज़ारों बग्स की पहचान करने और उन्हें ठीक करने के लिए सिक्योरिटी रिसर्चर कम्यूनिटी के साथ भागीदारी की - जिससे कंपनी के यूजर्स और इंटरनेट को सुरक्षित रखने में मदद मिली।


इसी सिलसिले में, Google ने एंड्रॉइड में बग्स को रिपोर्ट करने और सबमिट करने के लिए भारतीय रिसर्चर और टेकी अमन पांडे के प्रयासों की सराहना की है। Google का कहना है कि इन बग्स को फिक्स करने से ऑपरेटिंग सिस्टम सभी उपयोगकर्ताओं के लिए और भी सुरक्षित हो गया है।

Google Bug Bounty

सोमवार को Google के एक आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में, कंपनी ने खुलासा किया कि Bugsmirror के अमन पांडे को Android VRP प्रोग्राम में सबसे अधिक बग्स को रिपोर्ट करने और सबमिट करने के लिए टॉप रिसर्चर चुना गया है।


ब्लॉग पोस्ट में Vulnerability Rewards Team की Sarah Jacobus ने लिखा, "साल 2021 में, अमन पांडे ने 232 बग्स को रिपोर्ट और सबमिट किया। साल 2019 में अपनी पहली रिपोर्ट सबमिट करने के बाद से, अमन ने Android VRP के लिए 280 से अधिक वेलिड बग्स को रिपोर्ट किया है और वे हमारे प्रोग्राम को सफल बनाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं।"


Bugsmirror की वेबसाइट के अनुसार, आईटी फर्म मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित है और इसे आधिकारिक तौर पर जनवरी 2021 में रजिस्टर किया गया था, वह लेकिन पिछले 3 वर्षों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। अमन पांडे, जोकि कंपनी के फाउंडर और सीईओ हैं, ने एनआईटी भोपाल से स्नातक की है।


वेबसाइट पर आगे बताया गया है कि कंपनी Google, Apple जैसी दिग्गज कंपनियों और अन्य लोगों को उनके सिक्योरिटी सिस्टम्स को बढ़ाने और मजबूत करने में मदद करती है। यह बग्स ढूंढती है और पारिश्रमिक के बदले संबंधित टीम को इसकी रिपोर्ट करती है।


Google ने अपने ब्लॉग पोस्ट में अमन पांडे समेत दूसरे सभी रिसर्चर्स को धन्यवाद दिया है। ब्लॉग के अनुसार, कंपनी के Vulnerability Reward Programs सफल होने लगे हैं, और कंपनी ने साल 2021 में बग्स रिपोर्ट करने वाले इन सभी रिसर्चर्स को कुल मिलाकर 8.7 मिलियन डॉलर का रिवार्ड दिया है।


Google के अनुसार, 2021 में, Google ने Android VRP इतिहास में सबसे बड़ा रिवार्ड दिया है। इस साल, Chrome VRP ने एक नया रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 115 Chrome VRP विशेषज्ञों ने 333 अद्वितीय क्रोम Chrome सिक्योरिटी बग्स रिपोर्ट करने के लिए बतौर रिवार्ड 3.3 मिलियन डॉलर की राशि जीती।


आपको बता दें कि आज के डिजिटल युग में, हर कोई ऑनलाइन खतरे झेल रहा है। इसलिए, लगभग सभी बड़ी टेक कंपनियों का अपना बग बाउंटी प्रोग्राम होता है जिसके तहत रिसर्चर्स को कंपनी के सॉफ्टवेयर्स, ऐप्स और दूसरी सर्विसेज में बग्स की खोज के लिए भुगतान किया जाता है। इसी कड़ी में Google ने अमन पांडे की सराहना की है।


Edited by Ranjana Tripathi