अब ज्वेलरी कारोबार में भी बड़े-बड़ों की नींद उड़ाने वाले हैं मुकेश अंबानी

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"रिलायंस ग्रुप के सर्वेसर्वा मुकेश अंबानी ने अमेरिकी टिफनी एंड कंपनी के साथ मिलकर जीयो की अकूत कामयाबी की तरह, अब ज्वेलरी कारोबार में एक और बड़ी हलचल मचा दी है। इतना ही नहीं, वह ब्रिटिश पेट्रोल कंपनी की साझेदारी के साथ पेट्रोलियम सेक्टर में भी 5500 पेट्रोल पंप खोलकर बड़े-बड़ों की नींद उड़ाने वाले हैं।"



मुकेश अंबानी

रिलायंस ग्रुप के सर्वेसर्वा मुकेश अंबानी



भारत के शीर्ष धनाढ्य (63.2 अरब डॉलर के मालिक) रिलायंस ग्रुप के सर्वेसर्वा मुकेश अंबानी ने जब जीयो लांच किया था, तभी अटकलें कमोबेश साफ थीं कि अब तो इस फील्ड में बाकी कंपनियों, यहां तक कि बीएसएनएल-एमटीएनएल की भी खैर नहीं। इस समय रिलायंस जियो भारत की सबसे बड़ी टेलीकम्युनिकेशन सर्विस प्रोवाइडर बन चुकी है। महज तीन साल में ही उसके 33.13 करोड़ लोग ग्राहक बन गए हैं। इसलिए अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के ज्वेलरी कारोबार में अमेरिका की टिफनी एंड कंपनी का ब्रांड लेकर आने की सुर्खी भारतीय ज्वेलरी बाजार में आगे कितनी बड़ी हलचल मचाने वाली है, आसानी से इसका कयास लगाया जा सकता है।


रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक और धमाकेदार एंट्री ब्रिटिश पेट्रोल कंपनी बीपी की साझेदारी के साथ पेट्रोलियम सेक्टर में भी हो जाने जा रही है, जिसके तहत भारत में उनके 5500 पेट्रोल पंप खुलने वाले हैं। उनकी जाइंट वेंचर कंपनी विमान कंपनियों को भी एविएशन टर्बाइन फ्यूल की आपूर्ति करेगी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि निकट भविष्य में मुकेश अंबानी का अम्पायर हमारे देश में कितनी बड़ी महाशक्ति बनने जा रहा है। 


उल्लेखनीय है कि मुकेश अंबानी का आभूषण कारोबार प्रभाग 'रिलायंस ज्वेल्स' इस समय अपने सफर के 12वें साल में है। उसकी टिफनी से जोड़ीदारी ब्रांड विस्तार की एक और नई मुहिम है। फिलहाल, रिलायंस ज्वेल्स के तीन दर्जन से अधिक शहरों में पचास से अधिक शोरूम हैं। टिफनी-रिलायंस कंपनियां मिलकर देश में अमेरिकी लग्जरी ज्वेलर्स के स्टोर्स खोलना चाहती है। रिलायंस ब्रांड्स के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी दर्शन मेहता कहते हैं कि टिफनी को भारत में किसी परिचय की जरूरत नहीं है। हम टिफनी के प्रसिद्ध ज्वेलरी कलेक्शंस भारत लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।





इससे पहले रिलायंस ब्रांडस ने प्रतिष्ठित ब्रिटिश टॉय रिटेलर हेमलेज का भी पिछले महीने जुलाई में ही 6.8 करोड़ पाउंड में अधिग्रहण किया है। गौरतलब है कि पिछले साल ननंबर में जब न्यू यॉर्क में अपनी ब्राइडल सेरिमनी पार्टी में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने इसी टिफनी एंड कंपनी की 9.5 करोड़ रुपए से ज्यादा की जूलरी पहन रखी थी। गौरतलब है कि अमेरिकी लग्जरी ब्रांड टिफनी अपनी ज्वैलरी, स्टर्लिंग सिल्वर, चाइना क्रिस्टल, स्टेशनरी, इत्र, वॉटर बॉटल, घड़ी, पर्सनल एसेसरीज और लेदर के सामान के लिए दुनिया भर में मशहूर है। दुनिया भर में इसकी डायमंड इंगेजमेंट रिंग की भारी डिमांड रहती है। अमेरिकी बाजार में इसकी कीमत 11 हजार डॉलर (लगभग 7 लाख 70 हजार रुपये) से शुरू होती है। 


टिफ़नी एंड कंपनी के प्रोडक्ट्स की रिकॉर्ड बिक्री पूरी दुनिया में मशहूर है। कुछ महीने पहले ही ‘बिलीव इन लव, बिलीव इन ड्रीम्स’ के साथ उसकी दो अरब डॉलर ताज़ा कमाई में सात प्रतिशत का और इजाफा हुआ है। कंपनी के लिए यह किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं कि उसकी समग्र बिक्री में लगातार सकारात्मक रुझान बना हुआ है।


अमेरिकी गहना व्यापार में उन्नीसवीं सदी के कारोबारी ब्रिटेन मूल के चार्ल्स लुईस टिफ़नी ने पहली बार 1837 में अपने स्कूल मित्र जॉन बी यंग से एक हजार डॉलर उधार लेकर न्यू यॉर्क सिटी में टिफ़नी एंड कंपनी की स्थापना की थी। अपने गहनों की विशेषज्ञता के लिए जाने जाने वाले टिफ़नी ने देश की पहली खुदरा सूची बनाई और 1851 में आयातित गहनों में स्टर्लिंग चांदी के अंग्रेजी मानक को पेश किया। आज वही टिफनी और रिलायंस ग्रुप्स भारत में आभूषणों का एक नया इतिहास लिखने की तैयारी में है। इससे देश के आभूषण कारोबारी क्षेत्र में अभी से भारी हलचल मचना भी एकदम स्वाभविक है।






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