‘इज ऑफ डूइंग हज’ के सपने को लेकर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दिया ये बड़ा बयान

By yourstory हिन्दी
February 18, 2020, Updated on : Tue Feb 18 2020 04:01:30 GMT+0000
‘इज ऑफ डूइंग हज’ के सपने को लेकर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दिया ये बड़ा बयान
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, सरकार ने भारतीय मुस्लिमों के लिए ‘इज ऑफ डूइंग हज’ का सपना पूरा कर दि‍या है। नकवी ने मुम्‍बई स्थित हज हाउस में ‘हज 2020’ के लिए प्रशिक्षकों के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बात कही।
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मुंबई, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहां कहा कि भारत में डिजिटल/ऑनलाइन व्यवस्था ने हज यात्रियों के ‘इज ऑफ डूइंग हज’ का सपना पूरा कर दिया है।


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हज हाउस, मुंबई में ‘हज 2020’ के सम्बन्ध में ट्रेनिंग कैंप को सम्बोधित करते हुए नकवी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा उठाये गए अभूतपूर्व कदम से जहां एक ओर हज की सम्पूर्ण व्यवस्था डिजिटल और पारदर्शी हो गई है वहीं दूसरी ओर हज यात्रा सस्ती एवं सुगम हुई है। हज की संपूर्ण प्रक्रिया को शत-प्रतिशत डिजिटल/ऑनलाइन करने से बिचौलियों का सफाया हो गया है और हज यात्रा पारदर्शी हुई है। हज सब्सिडी खत्म होने के बावजूद हज यात्रियों पर बिना कोई अतिरिक्त बोझ डाले हज यात्रा पिछले कई दशकों के मुकाबले बहुत सस्ती हुई है।


नकवी ने कहा कि भारत विश्‍व का ऐसा पहला देश बन गया है जहां हज 2020 शत-प्रतिशत डिजिटल प्रक्रिया से हो रहा है। ऑनलाइन आवेदन, ई-वीजा, हज पोर्टल, हज मोबाइल एप, ‘ई-मसीहा’ स्वास्थ्य सुविधा, मक्का-मदीना में ठहरने के भवन/आवाजाही की जानकारी भारत में ही देने वाली ‘ई-लगेज टैगिंग’ व्यवस्था के जरिये भारत से मक्का-मदीना जाने वाले हज यात्रियों को जोड़ा गया है।


नकवी ने कहा कि एयरलाइन्स द्वारा हज यात्रियों के सामान की डिजिटल प्री-टैगिंग की व्यवस्था की गई है जिससे भारत से जाने वाले हज यात्रियों को यहीं सभी प्रकार की जानकारियां मिल जाएंगी जैसे- हज यात्रियों को मक्का-मदीना में किस भवन के किस कमरे में ठहरना है, हवाई अड्डे पर उतरने के बाद किस नंबर की बस में जाना है, इत्यादि।


नकवी ने कहा कि इसके अलावा हज यात्रियों के सिम कार्ड को हज मोबाइल एप से लिंक करने की व्यवस्था की गई है जिससे हज यात्रियों को मक्का-मदीना में हज से संबंधित नवीनतम जानकारियां तत्काल प्राप्त होती रहेंगी। ‘ई-मसीहा’ स्वास्थ्य सुविधा दी गई है जिसमें प्रत्येक हज यात्री की सेहत से जुड़ी सभी जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी। इससे किसी भी आपात स्थिति में फौरन किसी हज यात्री को मेडिकल सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी।


नकवी ने कहा कि पहली बार पारदर्शिता और हज यात्रियों की सहूलियत के लिए हज समूह आयोजकों का भी पोर्टल http://haj.nic.in/pto/ बनाया गया है जिसमे सभी अधिकृत एचजीओ के पैकेज इत्‍यादि सभी जानकारियां दी गई हैं।


नकवी ने कहा कि भारत सरकार, जेद्दाह स्थित भारतीय वाणिज्‍य दूतावास, सऊदी अरब की सरकार एवं अन्य सम्बंधित एजेंसियां सभी ‘हज 2020’ को सफल एवं सुगम बनाने के लिए आपस में सहयोग कर रहे हैं। वर्ष 2020 में 2 लाख भारतीय मुसलमान बिना किसी हज सब्सिडी के हज यात्रा पर जायेंगे। इनमें से लगभग 1 लाख 23 हजार लोग हज कमेटी ऑफ इंडिया के जरिये और बाकि हज समूह आयोजकों के जरिये हज पर जायेंगे। इस वर्ष 2100 से अधिक महिलाएं बिना "मेहरम" (पुरुष रिश्तेदार) के हज पर जाएंगी जिन्हें लाटरी सिस्टम से बाहर रखा गया है।


इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में लगभग 650 प्रशिक्षक शामिल हुए जो अपने-अपने राज्यों में हज पर जाने वालों को हज से सम्बंधित विभिन्न प्रक्रियाओं, मक्का-मदीना में हाजियों के आवास, यातायात, स्वास्थ्य, सुरक्षा से सम्बंधित मुद्दों की जानकारियां देंगे। इन प्रशिक्षकों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। हज कमेटी ऑफ इंडिया, सीमा शुल्‍क विभाग, एयर इंडिया, बृहन मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, विभिन्न बैंकों, आपदा प्रबंधन, इत्‍यादि विभागों के अधिकारियों ने इन प्रशिक्षकों को विभिन्न जानकारियां दीं।


इस अवसर पर नकवी ने हज हाउस में सिविल सेवा परीक्षा लर्निंग सेंटर; गेस्ट रूम; ट्रेनिंग हॉल इत्‍यादि का उद्घाटन भी किया।


(सौजन्य से: PIB_Delhi)