भारत की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने को लेकर हुआ NCX India का आयोजन

By रविकांत पारीक
April 19, 2022, Updated on : Tue Apr 19 2022 05:37:24 GMT+0000
भारत की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने को लेकर हुआ NCX India का आयोजन
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय ने भारत की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में सरकारी अधिकारियों और महत्वपूर्ण क्षेत्र के संगठनों के लिए राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया अभ्यास (NCX India) का आयोजन किया गया।
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केसी, ने सोमवार को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संयोजक लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पंत और DRDO के सचिव डॉ. सतीश रेड्डी के साथ राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया अभ्यास का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय साइबर अभ्यास (NCX) इंडिया का आयोजन दस दिनों की अवधि यानि 18 से 29 अप्रैल 2022 तक एक हाइब्रिड अभ्यास के रूप में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य सरकार/महत्वपूर्ण क्षेत्र के संगठनों और एजेंसियों के वरिष्ठ प्रबंधन तथा तकनीकी कर्मियों को समकालीन साइबर खतरों एवं साइबर घटनाओं व प्रतिक्रिया के प्रबंधन पर प्रशिक्षण देना है।


कार्यक्रम का संचालन, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS), भारत सरकार द्वारा ज्ञान भागीदार के रूप में भारतीय डेटा सुरक्षा परिषद (DSCI) के सहयोग से तथा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के समर्थन से किया जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए प्लेटफार्म CyberExer Technologies द्वारा प्रदान किया जा रहा है, जो एस्तोनिया की साइबर सुरक्षा कंपनी है और इसे विश्व स्तर पर कई बड़े साइबर अभ्यास आयोजित करने की मान्यता मिली हुई है।

Cyber Security

प्रशिक्षण सत्र, लाइव फायर और सामरिक अभ्यास के माध्यम से 140 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रतिभागियों को प्रमुख साइबर सुरक्षा क्षेत्रों जैसे घुसपैठ का पता लगाने की तकनीक, वायरस (मैलवेयर) सूचना साझाकरण प्लेटफॉर्म (MISP), जोखिम प्रबंधन और प्रवेश परीक्षण, नेटवर्क प्रोटोकॉल और डेटा प्रवाह, डिजिटल फोरेंसिक, आदि के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।


NCX इंडिया, अग्रणी रणनीतिक कर्मियों को साइबर खतरों को बेहतर ढंग से समझने, तैयारी का आकलन करने और साइबर संकट प्रबंधन व सहयोग करने के क्षेत्र में कौशल को विकसित करने में मदद करेगा। यह साइबर सुरक्षा कौशल, टीम वर्क, योजना, संचार, महत्वपूर्ण सोच और निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करने में और इनका परीक्षण करने में भी मदद करेगा।


राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केसी, ने अपने मुख्य भाषण में देश में चल रही डिजिटल क्रांति और सरकार द्वारा बड़ी संख्या में डिजिटल सेवाओं के शुभारंभ विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे कहा कि साइबर सुरक्षा किसी भी सफल डिजिटल बदलाव की आधारशिला है। साइबर दुनिया में कोई भी खतरा सीधे तौर पर हमारी सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करता है और इसलिए हमें अपने साइबर दुनिया की सुरक्षा करने की आवश्यकता है।


राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संयोजक लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पंत ने भारत की साइबर दुनिया के महत्व और इसे नागरिकों, व्यवसायों तथा सरकारों के लिए सुरक्षित रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने पूरे विश्व में और हमारे देश में फिरौती के वायरस (रैंसमवेयर) की घटनाओं और आपूर्ति श्रृंखला पर हमलों की वृद्धि के बारे में बात की और इन हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए सभी संगठनों के बीच तालमेल हासिल करने के महत्‍व पर चर्चा की। उन्होंने ऑयल इंडिया लिमिटेड पर हाल के रैंसमवेयर हमले और वैश्विक परिदृश्य में साइबर युद्ध के महत्व पर भी प्रकाश डाला।


भारत सरकार, साइबर सुरक्षा में क्षमता निर्माण और कौशल बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है।


Edited by Ranjana Tripathi

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें