कॉटन टीबैग्स के साथ सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा दे रहा है असम का यह चाय स्टार्टअप

By Trisha Medhi
January 19, 2022, Updated on : Wed Jul 06 2022 14:22:40 GMT+0000
कॉटन टीबैग्स के साथ सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा दे रहा है असम का यह चाय स्टार्टअप
असम के मंगलदोई की Esah Tea ने पिरामिड ऑर्गेनिक कॉटन टीबैग्स विकसित किए हैं और यह ब्रांड 60 से अधिक प्रकार की चाय की पेशकश करता है।
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

बारिश हो या धूप, मन को शांत करने के लिए एक कप चाय के जैसा कुछ भी नहीं है। भारतीयों का सबसे लोकप्रिय पेय पदार्थ चाय की बात करें तो भारत में उत्पादित 70 प्रतिशत से अधिक चाय की खपत देश के भीतर ही होती है।


Eon Market Research (EMR) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 2019 में लगभग 1.10 मिलियन टन चाय की खपत की है। चाय बाजार के 4.2 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है और यहाँ साल 2025 तक 1.40 मिलियन टन चाय की खपत होने की उम्मीद है।


यह कई स्टार्टअप के लिए चाय के क्षेत्र में आगे बढ़ने करने के लिए पर्याप्त कारण है, जहां वे प्रीमियम चाय मिश्रण से लेकर भारत भर में टी चेन या कैफे तक का संचालन कर रहे हैं।


ऐसा ही एक स्टार्टअप है Esah Tea, जिसे असम के मंगलदोई के रहने वाले 26 वर्षीय चाय व्यवसायी बिजित सरमा ने शुरू किया था। ब्रांड एकल-मूल ऑर्गेनिक चाय मिश्रणों की एक श्रृंखला प्रदान करता है जो 150 से अधिक स्थानीय उद्यानों और सीमांत चाय उत्पादकों से सावधानीपूर्वक क्यूरेट की जाती हैं।


ब्रांड वर्तमान में होल लीफ ब्लैक टी, ग्रीन टी, ओलोंग टी और व्हाइट टी जैसे ऑर्गेनिक टी वेरिएंट की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करता है। यह सुगंधित चाय उत्पादों की एक श्रृंखला भी प्रदान करता है जिसमें ऑर्गेनिक असम मसाला चाय, रोज़ ब्लैक टी, लीची ब्लैक टी, साथ ही कुछ लोकप्रिय मिश्रणों के साथ इंग्लिश ब्रेकफास्ट टी, कैमोमाइल और मोरिंगा टी शामिल हैं।

Esah Tea

Esah Tea

पर्यावरण के अनुकूल दृष्टिकोण

जहां बाजार में उपलब्ध ज्यादातर टीबैग्स नायलॉन या पॉलीमर बेस्ड मटीरियल से बने होते हैं, वहीं यह ब्रांड कॉटन टीबैग्स पेश कर अंतर पैदा कर रहा है।


बिजित के अनुसार, शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि नायलॉन टीबैग स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक हैं। यह चाय के प्याले में बहुत सारे अवांछित रेडिकल्स को छोड़ सकता है।


वे कहते हैं, “पर्यावरण के अनुकूल दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए हमने नायलॉन या पॉलीमर-आधारित सामग्री को कॉटन के साथ बदलने का फैसला किया। हमने शुद्ध ऑर्गेनिक और हाथ से बने कॉटन से बने पिरामिड ऑर्गेनिक कॉटन टीबैग्स विकसित किए हैं। इसमें केवल शुद्ध कॉटन होता है, जो सिर्फ सेल्यूलोज है। इस प्रकार यह आपके कप में कोई हानिकारक रेडिकल्स नहीं छोड़ता है और यह टीबैग्स का भविष्य है।”


बिजित के अनुसार, यह निर्णय लेते समय स्टार्टअप ने सामाजिक-आर्थिक कारकों को भी ध्यान में रखा।


वे कहते हैं, “हम एक बिचौलिए के हस्तक्षेप के बिना छोटे चाय उत्पादकों की मदद करना चाहते थे। हम विक्रेता और खरीदार के बीच पारदर्शिता लाकर इन छोटे उत्पादकों को सशक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हम उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए उचित मूल्य पर चाय बेचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।”


वर्तमान में, स्टार्टअप असम के चाय बागानों के 150 से अधिक छोटे चाय उत्पादकों के साथ काम करता है।


इसी के साथ कंपनी को Amazon Launchpad के साथ साझेदारी करने के लिए चुना गया था, जो स्टार्टअप और ब्रांडों के लिए अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने के लिए एक प्लेटफॉर्म है।

अब तक की यात्रा

एक उत्साही चाय प्रेमी बिजित ने हरियाणा के अंबाला कैंट स्थित एमएम यूनिवर्सिटी से बीटेक पूरा किया और 2017 में असम लौट आए। बाजार को समझते हुए और चाय क्षेत्र में काफी संभावनाएं देखते हुए बिजित ने साल 2017 के मध्य में अपना स्टार्टअप रुलोई टी ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड लॉन्च किया। उन्होंने छोटे चाय उत्पादकों को जैविक चाय की खेती में बदलने के लिए काम शुरू करने में कोई समय बर्बाद नहीं किया और एक बाज़ार भी बनाया।


बिजित ने छोटे से शुरुआत की और असम में डिपार्टमेंट स्टोर में अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया और इसे देश के बाहर रहने वाले दोस्तों के बीच वितरित किया। जल्द ही वह असम में स्थित एक बड़े खाद्य और पेय (एफ एंड बी) व्यापार समूह एसआरडी के कुछ सदस्यों से मिले, जो जैविक चाय बेचने के विचार से प्रभावित थे।


यह स्टार्टअप के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था।

बिजित सरमा, फाउंडर,  Esah Tea

बिजित सरमा, फाउंडर, Esah Tea

साल 2018 में एसआरडी समूह ने बिजित को पूंजी के साथ-साथ कार्यालय की जगह प्रदान की और बाद में उनकी 10 सदस्यीय टीम के साथ किसानों के साथ सक्रिय रूप से काम करना शुरू कर दिया और ब्रांडिंग पर भी ध्यान केंद्रित किया।


एक साल बाद स्टार्टअप ने खुद को Esah Tea में बदल दिया। उन्होंने अपने उत्पादों को विभिन्न देशों में निर्यात करना भी शुरू कर दिया, पहला निर्यात बैच दक्षिण कोरिया में जा रहा था। स्टार्टअप ने धीरे-धीरे उद्योग में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना शुरू कर दिया था और दुनिया भर से संभावित उपभोक्ताओं को प्राप्त करना शुरू कर दिया था।


साल 2020 में Esah ने सरल और सुविधाजनक ग्राहक अनुभव प्रदान करने के इरादे से अपना पहला D2C ईकॉमर्स स्टोर लॉन्च किया।


बिजित कहते हैं, "D2C ब्रांड के लिए एक अनूठी मार्केटिंग योजना विकसित करना आसान बनाता है जो उन्हें बिचौलियों या थर्ड पार्टी प्रोवाइडर्स के उपयोग के बिना सीधे बाजार तक पहुंचने की अनुमति देता है।"


ब्रांड अब अपनी वेबसाइट के साथ-साथ Amazon, Flipkart और Snapdeal जैसे ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर सीधे असम के चाय बागानों से चाय के 60 से अधिक प्रकारों को बेंचता है। शुरुआत में निर्माताओं ने यह सुनिश्चित किया है कि उत्पाद क्षेत्र में ऑफ़लाइन स्टोर पर उपलब्ध हों और अब इसके ऑनलाइन स्टोर के माध्यम से उत्पाद 25 से अधिक देशों में वितरित किए जाते हैं।


बिजित के अनुसार 2019 में 100 ग्राहकों के रूप में शुरू हुई, Esah Tea ने 2020 में अपने D2C ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ 6,000 ग्राहकों के साथ अपने ग्राहक आधार में जबरदस्त वृद्धि देखी, जो अब कई गुना बढ़कर 15,000 ग्राहक हो गई है।


बिजित कहते हैं, “हम चाय के पैकेट के 12,000 से अधिक मासिक शिपमेंट भी भेज रहे हैं। हम वर्तमान में अमेरिकी बाजार (कनाडा, मैक्सिको, ब्राजील, आदि जैसे देशों) को 50 प्रतिशत, यूरोपीय बाजार (फ्रांस, जर्मनी, डेनमार्क, आदि) को 20 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया को 30 प्रतिशत पर निर्यात कर रहे हैं।”

ि

ये हैं चुनौतियाँ

औसतन, चाय की पत्ती का बगीचों से चाय के प्याले तक का सफर लगभग सात से आठ महीने का होता है। महामारी के दौरान जैसा कि कई अन्य मैनुफेक्चुरिंग क्षेत्रों के साथ देखा गया, जहां एक बड़ी सूची बनाए रखना, मांग और आपूर्ति का जायजा लेना और लॉकडाउन के दौरान सामाजिक दूरी के मानदंडों को बनाए रखना स्टार्टअप के लिए एक चुनौती थी। व्यवसाय ने इसका सामना किया।


हालांकि, डिजिटलीकरण और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जाने से ब्रांड के लिए कई अवसर पैदा हुए।

फंडिंग और आगे का रास्ता

स्टार्टअप का असम में 20,000 एकड़ से अधिक भूमि को जैविक चाय की खेती में बदलने और 2023 तक 1000 से अधिक स्थानीय छोटे चाय उत्पादकों को जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।


बिजित का दावा है, "जहां तक अवसरों की बात है हम एफ एंड बी सेवाओं में शीर्ष ब्रांडों में से एक बनना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य एक ऑनलाइन चाय खुदरा ब्रांड बनना है और 1000 से अधिक सीमांत चाय उत्पादकों का नेटवर्क बनाने का लक्ष्य है। हम चाय उत्पादन के क्षेत्र में पुनर्योजी कृषि को लागू करने की भी कोशिश कर रहे हैं।”


अब तक वीसी फंडिंग जुटाने के लिए असम के पहले चाय स्टार्टअप Esah ने अपने North East Venture Fund (NEVF) के माध्यम से NEDFI Venture Capital Ltd (NVCL) से प्री-सीरीज़ ए राउंड में 3 करोड़ रुपये (लगभग $400K) जुटाए हैं।


NEVF एक उत्तर पूर्व भारत केंद्रित उद्यम कोष है जो DoNER (पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास), NEDFI और SIDBI (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक) मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है। यह क्षेत्र के उद्यमियों के लिए एक स्वस्थ स्टार्टअप ईकोसिस्टम के निर्माण के साथ-साथ इनोवेटिव और स्केलेबल व्यापार मॉडल को सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।


NEDFi वेंचर्स के अध्यक्ष पीवीएसएनएल मूर्ति कहते हैं, “Esah कुछ विश्व स्तरीय चाय उत्पादों का उत्पादन कर रही है और जैविक गुणवत्ता के साथ ही एक मजबूत बाजार और वफादार ग्राहक आधार बनाए रख रही है। ब्रांड अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और लंबे समय में आशाजनक प्रतीत होता है। विचार ब्रांड के समग्र विकास और बड़े पैमाने पर उद्योग के पुनरुद्धार की दिशा में एक साथ काम करना है।”


बिजित के अनुसार, Taj, Tata Tea, Arbor tea और Adagio Teas कुछ ऐसे ब्रांड हैं जिन्हें यह प्रतिस्पर्धा के रूप में गिना जाता है।


Edited by रविकांत पारीक