NDTV Vs Adani: मीडिया स्वामित्व का केंद्रीयकरण रोकने के लिए ट्राई करेगा सिफारिश, लोकतंत्र के लिए खतरा बताया

ट्राई चेयरमैन का यह बयान घरेलू मीडिया क्षेत्र में देश के सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी के समूह और नई दिल्ली टेलीविजन (एनडीटीवी) के प्रमोटरों के बीच अधिग्रहण की लड़ाई के बीच आया है.

NDTV Vs Adani: मीडिया स्वामित्व का केंद्रीयकरण रोकने के लिए ट्राई करेगा सिफारिश, लोकतंत्र के लिए खतरा बताया

Thursday November 17, 2022,

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मीडिया स्वामित्व का केंद्रीयकरण लोकतंत्र और दूरसंचार के लिए खतरा बन सकता है और प्रसारण नियामक ट्राई इससे संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए सिफारिशों पर काम कर रहा है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन पीडी वाघेला ने उद्योग मंडल सीआईआई के कार्यक्रम ‘बिग पिक्चर समिट' में यह बात कही.

वाघेला ने कहा, ''मीडिया स्वामित्व के केंद्रीयकरण से कई समस्याओं की पहचान हुई है. इसमें कोई शक नहीं कि सबसे महत्वपूर्ण खतरा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के लिए है. हम मीडिया स्वामित्व से जुड़े मुद्दों पर सिफारिशें तैयार कर रहे हैं.''

ट्राई ने डिजिटल प्रौद्योगिकी के आने के साथ क्षेत्र में हो रहे भारी बदलाव के मद्देनजर अप्रैल 2022 में अंतर-मीडिया स्वामित्व और नियंत्रण, प्रणाली और संबंधित मुद्दों की निगरानी की जरूरत पर एक परामर्श पत्र जारी किया था.

ट्राई चेयरमैन का यह बयान घरेलू मीडिया क्षेत्र में देश के सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी के समूह और नई दिल्ली टेलीविजन (एनडीटीवी) के प्रमोटरों के बीच अधिग्रहण की लड़ाई के बीच आया है.

अगस्त में कंपनी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने की योजना का खुलासा करने के बाद अगले सप्ताह एनडीटीवी में अतिरिक्त शेयरों के लिए अडानी समूह की खुली पेशकश को सेबी ने अपनी मंजूरी दे दी है.

8 साल में दूसरी बार सिफारिशें जारी करेगा ट्राई

आठ वर्षों में यह दूसरी बार होगा जब ट्राई मीडिया स्वामित्व पर सिफारिशें जारी करेगा. नियामक ने 2014 में मीडिया स्वामित्व पर सिफारिशें जारी की थीं, लेकिन सरकार ने अभी तक इन्हें स्वीकार नहीं किया है. ट्राई ने 2014 में राजनीतिक दलों को प्रसारण क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकने का सुझाव दिया था, जबकि इस संबंध में कॉरपोरेट घरानों पर कई प्रतिबंधों की सिफारिश की थी.

नया टैरिफ ऑर्डर फरवरी 2023 तक टला

ट्राई चेयरमैन ने नए टैरिफ ऑर्डर 2.0 (NTO 2.0) के कारण टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों की ओर भी इशारा किया, जिसमें स्टैंडअलोन चैनलों की कीमत 19 रुपये से 12 रुपये तक सीमित कर दी गई है और चैनलों के बंडल और वितरण पर नई शर्तें भी पेश की गई हैं. इसी महीने से पेश किए जाने वाले एनटीओ 2.0 के कार्यान्वयन को फरवरी 2023 तक के लिए टाल दिया गया है.

ओटीटी मंचों के लिए अगले महीने जारी होगागा परामर्श पत्र

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) इंटरनेट के जरिये कॉल करने, संदेश भेजने और मनोरंजन ऐप के नियमन पर चर्चा के लिए दिसंबर में एक सार्वजनिक परामर्श पत्र जारी करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.

दूरसंचार विभाग ने कॉल करने और संदेश सेवाएं देने वाली ‘ओवर द टॉप (ओटीटी)’ ऐप के लिए कानूनी रूपरेखा तय करने के बारे में ट्राई से अनुशंसा देने का अनुरोध किया था.

ट्राई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,‘‘ट्राई के अधिकारी 25 नवंबर को ओटीटी पर एक प्रस्तुतीकरण देंगे. इसके बाद वे मुद्दे तय किए जाएंगे जिन पर चर्चा होनी है और फिर अगले महीने एक परामर्श पत्र जारी किया जाएगा.’’

सरकार ने नए दूरसंचार विधेयक में कॉल और संदेश सेवा देने वाली ओटीटी ऐप को दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनी की श्रेणी में रखने प्रस्ताव किया है. विधेयक के मुताबिक, ओटीटी सेवाप्रदाताओं को भी ‘अपने ग्राहक को जानिए’ नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा.


Edited by Vishal Jaiswal