कोरोनावायरस पेंडेमिक के दौर में अगले चार से छह महीने हो सकते हैं बहुत खराब : बिल गेट्स

बिल गेट्स ने साल 2015 में दी थी ऐसी महामारी की चेतावनी।

कोरोनावायरस पेंडेमिक के दौर में अगले चार से छह महीने हो सकते हैं बहुत खराब : बिल गेट्स

Monday December 14, 2020,

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"माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने आगाह किया कि कोरोनावायरस पेंडेमिक के दौर में अगले चार से छह महीने बहुत बुरे हो सकते हैं। गेट्स की संस्था कोविड-19 टीका विकसित करने और उनकी आपूर्ति के प्रयासों में हिस्सा ले रही है।अमेरिका में कोरोना से बिगड़ते हालातों के मद्देनज़र गेट्स ने लोगों को आगाह किया।"

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बिल गेट्स, सांकेतिक फोटो, साभार : BBC

दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 290,000  के पार पहुंच गई है। देश के कई राज्यों में फाइजर की वैक्सीन पहुंचाने का काम तेज हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के ऑपरेशन वार्प स्पीड के प्रमुख गुस्टावे पेरना ने बताया कि सोमवार को 145 जगहों पर फाइजर वैक्सीन की पहली डोज पहुंचाई जाएगी और मंगलवार को 425 और बुधवार को 66 जगहों पर वैक्सीन पहुंचाने की योजना है। आपको बता दें, कि 11 दिसंबर को फाइजर की वैक्सीन को इमरजेंसी में इस्तेमाल की इजाजत दी गई थी।


माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने रविवार को चेतावनी दी कि अगले 4 से 6 महीने कोरोनोवायरस महामारी के सबसे खराब महीने हो सकते हैं। गौरतलब है कि गेट्स का फाउंडेशन COVID-19 टीकों को विकसित और वितरित करने के प्रयास का हिस्सा रही है।


बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष गेट्स ने सीएनएन से कहा,

"दुर्भाग्य से, महामारी के दौरान अगले चार से छह महीने बहुत बुरे हो सकते हैं। IHME (इंस्टिट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड एवेल्यूएशन) का अनुमान बताता है कि अभी दो लाख से ज्यादा लोगों की मृत्यु होगी। यदि हम मास्क पहनने, भौतिक दूरी बनाए रखने जैसे नियमों का पालन करें तो इन संभावित मौतों में से ज्यादातर को रोका जा सकता है।"

हाल के हफ्तों में, अमेरिका के अस्पतालों में मरीज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है। लेकिन गेट्स का मानना है कि अमेरिका इससे निपटने के लिए बेहतर काम करेगा।


वह कहते हैं,

"कुल मिलाकर, जब मैंने 2015 में भविष्यवाणी की थी, तब मैंने मृतकों की संख्या अधिक रहने की आशंका पर बात की थी। लिहाजा, यह वायरस जितना घातक अभी है, उससे भी अधिक जानलेवा हो सकता है। अभी हमने बहुत बुरा दौर नहीं देखा है। जिस बात ने मुझे आश्चर्यचकित किया वह अमेरिका और दुनियाभर में पड़ा आर्थिक प्रभाव था, जो उससे भी बड़ा था जिसका अनुमान मैंने पांच साल पहले लगाया था।"


गेट्स ने कहा कि उनका फाउंडेशन टीकों के लिए काफी शोध कर रहा है। वह कहते हैं,

"हम पूरी तरह से तैयार और फिट हैं इस चुनौती का सामना करने के लिए। हम CEPI नामक एक चीज़ में भी भागीदार हैं, जो अमेरिकी सरकार के बाद दूसरा सबसे बड़ा धन का स्त्रोत है।"


साथ ही गेट्स कहते हैं,

"तो इस बिमारी का निदान चिकित्सा और वैक्सीन में। हम जानते हैं कि विज्ञान कहां है। हम जानते हैं कि टुकड़ों को एक तत्काल तरीके से एक साथ आने की आवश्यकता है और इसलिए संक्रामक बीमारी में हमारी विशेषज्ञता, जो आमतौर पर केवल विकासशील देशों से संबंधित है, इस संकट के लिए पूरी दुनिया में लागू होती है।"


गेट्स ने मानवता की मिसाल देते हुए कहा, कि अमेरिका को सभी की मदद करने की जरूरत है। जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश के बारे में पूछा गया था जो अन्य देशों में लोगों को जाने से पहले अमेरिकियों को वैक्सीन के वितरण को प्राथमिकता देता है।


वह कहते हैं,

"हम चाहते हैं कि विश्व की अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। मौत का सिलसिला हम पूरी तरह कम करना चाहते हैं। और जैसा कि आप जानते हैं, कि बेसिक टेक्नोलॉजी एक जर्मन कंपनी है। और इसलिए अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और सहयोग को अवरुद्ध करना इस पूरी महामारी को विघटनकारी रूप देना है।"


गौरतलब है, कि कोरोनावायरस का टीका फाइजर ने अपनी जर्मन साझेदार बायोएनटेक के साथ विकसित किया है, जिसे प्रत्येक राज्य की वयस्क आबादी के आधार पर दिया जाएगा। इस टीके को बेहद कम तापमान यानि के शून्य से करीब 94 डिग्री सेल्सियस नीचे पर रखा जा रहा है, जिसके लिए फाइजर ड्राइ आइस से लैस कंटेनर और जीपीएस सेंसर का इस्तेमाल कर रहा है।


सूत्रों की मानें, तो तीन हफ्ते में यह टीका अमेरिका की स्थानीय दवाइयों की दुकानों पर उपलब्ध होगा।