One Nation-One Fertilizer: ‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक’ स्कीम लॉन्च, किसानों को ऐसे होगा फायदा

एक राष्ट्र-एक उर्वरक स्कीम से किसान को हर तरह के भ्रम से मुक्ति मिलने वाली है और बेहतर खाद भी उपलब्ध होने वाली है.

One Nation-One Fertilizer: ‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक’ स्कीम लॉन्च, किसानों को ऐसे होगा फायदा

Monday October 17, 2022,

3 min Read

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने सोमवार को प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना ‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक’ (One Nation-One Fertilizers) की शुरुआत की. साथ ही इसके तहत ‘भारत यूरिया बैग्स’ भी पेश किए. इससे कंपनियों को एक ही ब्रांड नाम 'भारत' के तहत उर्वरकों की मार्केटिंग में मदद मिलेगी. दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूसा मेला मैदान में यह लॉन्चिंग की गई. पूसा मेला मैदान में प्रधानमंत्री ने दो दिवसीय “PM किसान सम्मान सम्मेलन 2022” का उद्घाटन किया. इस दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना के अंतर्गत 16 हजार करोड़ रुपये की 12वीं किस्त जारी की गई.

किसानों को मिलेगी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण खाद

‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक’ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण खाद मुहैया कराएगी. उन्होंने कहा, ‘‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक स्कीम से किसान को हर तरह के भ्रम से मुक्ति मिलने वाली है और बेहतर खाद भी उपलब्ध होने वाली है. देश में अब एक ही नाम और एक ही ब्रांड से और एक समान गुणवत्ता वाले यूरिया की बिक्री होगी और यह ब्रांड है 'भारत'.’

600 PM-किसान समृद्धि केंद्रों का भी उद्घाटन

प्रधानमंत्री ने 600 प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों का भी उद्घाटन किया है. इस योजना के अन्तर्गत देश में उर्वरकों की 3.30 लाख से अधिक खुदरा दुकानों को चरणबद्ध तरीके से प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा. पीएम-किसान समृद्धि केंद्रों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये ऐसे केंद्र होंगे, जहां सिर्फ खाद ही नहीं बल्कि बीज और उपकरण भी मिलेंगे. साथ ही मिट्टी की जांच भी हो सकेगी. हर प्रकार की जानकारी भी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी.

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 'एग्री स्टार्टअप’ सम्मेलन का भी उद्घाटन किया और एक ई-पत्रिका 'इंडियन एज' का विमोचन किया. यह पत्रिका किसानों की सफलता की कहानियों सहित अभी हाल के विकास, मूल्य रुझान विश्लेषण, उपलब्धता और खपत सहित घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उर्वरक के परिदृश्यों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगी.

तेजी से बढ़ रहे हैं तरल नैनो यूरिया की ओर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नैनो यूरिया को कम खर्च में अधिक उत्पादन का माध्यम बताया और कहा कि यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए भारत तेजी से तरल नैनो यूरिया की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने इस अवसर पर किसानों से खेती में नयी व्यवस्थाओं का निर्माण करने और वैज्ञानिक पद्धतियों व प्रौद्योगिकी को खुले मन से अपनाने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ हमने कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ाने और प्रौद्योगिकी के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर बल दिया है.

उन्होंने कहा, ‘‘यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए भारत अब तेजी से तरल नैनो यूरिया की तरफ बढ़ रहा है. नैनो यूरिया, कम खर्च में अधिक पैदावार का माध्यम है। जिनको एक बोरी यूरिया की जरूरत है, वो काम अब नैनो यूरिया की एक छोटी सी बोतल से हो जाता है. ये विज्ञान और टेक्नोलॉजी का कमाल है.’’


Edited by Ritika Singh