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इस बार ऑस्कर अवार्ड में भारत की उम्मीद बनी ये फिल्म, नॉमिनेशन सूची में मिली जगह

इस बार का ऑस्कर अवार्ड भारत के लिहाज से भी खास बन गया है क्योंकि डॉक्यूमेंट्री श्रेणी के लिए इस बार भारत की एक फिल्म को भी नॉमिनेशन सूची में स्थान हासिल हुआ है।

इस बार ऑस्कर अवार्ड में भारत की उम्मीद बनी ये फिल्म, नॉमिनेशन सूची में मिली जगह

Thursday February 10, 2022 , 3 min Read

फिल्मों की दुनिया के सबसे बड़े सम्मान में ऑस्कर अवार्ड का नाम शामिल है, जहां अंग्रेजी भाषा में बनी फिल्मों के अलावा विदेशी फिल्मों को भी अवार्ड दिया जाता है। इस बार का ऑस्कर अवार्ड भारत के लिहाज से भी खास बन गया है क्योंकि डॉक्यूमेंट्री श्रेणी के लिए इस बार भारत की एक फिल्म को भी नॉमिनेशन सूची में स्थान हासिल हुआ है।

इस डॉक्यूमेंट्री का नाम ‘Writing With Fire’ है, जिसे रिंटू थॉमस और सुष्मिता घोष ने बनाया है। साल 2022 के ऑस्कर पुरस्कारों के लिए नॉमिनेट होने वाली एक मात्र भारतीय फिल्म है।

कई अवार्ड जीत चुकी है यह डॉक्यूमेंट्री

यह डॉक्यूमेंट्री एक ग्रामीण अखबार के बारे में है, जिसका संचालन एक दलित महिला द्वारा किया जाता है। फिल्म समय के साथ अखबार के प्रिंट से डिजिटल होने और महिला पत्रकार और उनके साथियों द्वारा जाति और लिंग हिंसा पीड़ितों की कहानियों की रिपोर्टिंग के बारे में है।

WRITING WITH FIRE OSCAR

Writing With Fire डॉक्यूमेंट्री का वर्ल्ड प्रीमियर साल 2021 में सनडांस फिल्म फेस्टिवल में हुआ था और वहाँ पर इस डॉक्यूमेंट्री ने द ऑडियन्स अवार्ड और द ज्यूरी अवार्ड जीते थे। हालांकि उसके बाद से यह डॉक्यूमेंट्री देश-विदेश में 20 से अधिक अवार्ड अपने नाम कर चुकी है।

ऑस्कर अवार्ड के लिए नॉमिनेट होने की सूचना मिलने के साथ ही डॉक्यूमेंट्री की निर्माता रिंटू थॉमस ने ट्विटर पर एक भावनात्मक संदेश के साथ अपनी खुशी का इज़हार भी किया था।

ये फिल्में नहीं बना पाई जगह

इस बार के ऑस्कर अवार्ड में बेस्ट इंटेरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए फिल्म जय भीम और मराक्कर का नाम शामिल था। जय भीम को भारत में दर्शकों से मिले बेहतरीन रेस्पॉन्स के बाद यह माना जा रहा था कि फिल्म नॉमिनेशन लिस्ट में अपनी जगह बना लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जय भीम के साथ मराक्कर को लेकर भी भारतीय सिने प्रेमियों के हाथ निराशा ही लगी है। नॉमिनेशन की घोषणा बीते मंगलवार की गई थी, जबकि अवार्ड सेरेमनी 27 मार्च को होनी है।

इन फिल्मों ने दिखाई थी उम्मीद

इसके पहले कई भारतीय फिल्में ऑस्कर नॉमिनेशन में अपनी जगह बना चुकी हैं। सबसे पहले यह कारनामा साल 1957 में आई फिल्म मदर इंडिया ने किया था, उसके बाद साल 1988 में आई सलाम बॉम्बे और साल 2001 में आई लगान ने बेस्ट इंटेरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए नॉमिनेशन हासिल किया था।

मालूम हो कि साल 2008 में आई ब्रिटिश ड्रामा फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर के लिए देश के जाने-माने संगीतकार एआर रहमान और गीतकार गुलज़ार को बेस्ट ऑरिजिनल स्कोर और बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग के लिए ऑस्कर अवार्ड से नवाजा गया था। गौरतलब है कि साल 1992 में लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए देश के सबसे बेहतरीन निर्देशकों में गिने जाने वाले सत्यजीत रे को ऑस्कर ने मानद पुरस्कार से सम्मानित किया था।


Edited by रविकांत पारीक