अपने स्टार्टअप के लिए फंडिंग चाहिए? POD World करेगा आपकी मदद

POD World एक फुल-स्टैक फंडरेजिंग प्लेटफॉर्म है. इसकी स्थापना जनवरी, 2022 में की गई थी. यह प्लेटफ़ॉर्म कैंपेंस के जरिए अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग जुटाने के लिए स्टार्टअप्स और इन्वेस्टर्स के बीच दूरी मिटाता है.

अपने स्टार्टअप के लिए फंडिंग चाहिए? POD World करेगा आपकी मदद

Monday September 04, 2023,

6 min Read

स्टार्टअप करना उतना चुनौतिपूर्ण नहीं है जितना कि अपने स्टार्टअप के लिए फंडिंग हासिल करना. सही इन्वेस्टर ढूंढना, आइडिया पिच करने के लिए प्रजेंटेशन बनाना, रिसर्च, डेटा आदि कई अहम जानकारियां इस पूरी प्रोसेस का हिस्सा होती है. मगर अब आपको इन सब बातों की चिंता करने की जरुरत नहीं है. अब ऐसे फंडरेज प्लेटफॉर्म्स मार्केट में है जो आपके और इन्वेस्टर्स के बीच मध्यस्थ का काम करते हैं. यानि कि आपके स्टार्टअप के लिए फंडिंग जुटाने में आपकी मदद करते हैं.

Crowd Pouch Ventures Services Pvt. Ltd. के स्वामित्व वाला POD Worldऐसा ही एक फुल-स्टैक फंडरेजिंग प्लेटफॉर्म है. इसकी स्थापना जनवरी, 2022 में की गई थी. विट्ठल रामकृष्ण इसके फाउंडर और सीईओ हैं जबकि नीलेन्द्र नाथ को-फाउंडर और सीओओ हैं. यह प्लेटफ़ॉर्म कैंपेंस के जरिए अर्ली-स्टेज (शुरुआती चरण) स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग जुटाने के लिए स्टार्टअप और इन्वेस्टर्स के बीच की दूरी को पाटता है. ब्रांड स्टार्टअप्स को एंजेल इन्वेस्टर्स, HNIs (high net-worth individuals) और VCs (venture capitalists) से जोड़ता है.

POD World को स्टार्टअप फंडरेज़िंग को सहज और पारदर्शी बनाने और रिटेल इन्वेस्टर्स को आशाजनक स्टार्टअप डील्स में इन्वेस्ट करने का अवसर मुहैया करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

POD विभिन्न प्रकार की सुविधाएँ प्रदान करता है जो इसे स्टार्टअप और निवेशकों - दोनों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाती हैं. स्टार्टअप्स के लिए, POD संभावित निवेशकों के एक बड़े समूह तक पहुंच प्रदान करता है, साथ ही उन्हें फंडिंग जुटाने में मदद करने के लिए टूल और संसाधन भी मुहैया करता है. निवेशकों के लिए, POD हाई रिटर्न की संभावना वाले अर्ली-स्टेज स्टार्टअप में निवेश करने का अवसर देता है.

POD की शुरुआत करने के पीछे के मकसद के बारे में बात करते हुए फाउंडर और सीईओ विट्ठल रामकृष्ण YourStory को बताते हैं, "POD की स्थापना उन फाउंडर्स के अनुभव से प्रेरित थी जो भारत और अन्य जगहों पर अर्ली-स्टेज के स्टार्टअप में निवेश करना चाह रहे थे. जबकि पश्चिमी बाजारों में स्टार्टअप्स में इक्विटी इन्वेस्टमेंट रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए काफी परिपक्व और अपेक्षाकृत आसान है, भारत में प्राइवेट प्लेसमेंट प्रक्रिया के माध्यम से निवेश एक बोझिल अभ्यास था. इस समझ के साथ-साथ बढ़ती इंटरनेट पहुंच और खुदरा निवेशकों की पारंपरिक वित्तीय निवेश अवसरों से परे देखने की रुचि ने POD को जन्म दिया."

POD के बिजनेस मॉडल के बारे में समझाते हुए विट्ठल कहते हैं, "POD World के जरिए जो स्टार्टअप सफलतापूर्वक फंडिंग हासिल करते हैं, हम उनसे फीस लेते हैं. यह फीस स्ट्रक्चर आम तौर पर जुटाई गई कैपिटल का प्रतिशत होता है, जो 2% से 5% के बीच होता है. शुरुआत में यह एक उचित बिजनेस मॉडल की तरह लग रहा था क्योंकि अधिकांश पोर्टफोलियो स्टार्टअप अर्ली-स्टेज में थे. हालाँकि, हम आगामी तिमाही के लिए रेवेन्यू हासिल करने के नए तरीके तलाश रहे हैं."

 Startup Snapshot_POD_World

विट्ठल बताते हैं, "हम 5000+ निवेशकों के नेटवर्क की मदद से फंडिंग जुटाने की सुविधा के लिए एक टेक्नोलॉजी-बेस्ड प्लेटफॉर्म मुहैया करते हैं. कोई भी अर्ली-स्टेज स्टार्टअप पहले चरण के रूप में POD World की वेबसाइट पर फंडिंग जुटाने के लिए आवेदन कर सकता है, और फंडरेज के लिए पात्र होने के लिए उसे 10-पॉइंटर पुनरीक्षण प्रक्रिया से गुजरना होगा. इसके बाद योग्य स्टार्टअप्स को एक वर्चुअल पिच - POP Series या Pitch on POD में आमंत्रित किया जाता है, जहां स्टार्टअप्स अपने बिजनेस को POD के 5000+ निवेशकों के नेटवर्क के सामने पेश करते हैं."

विट्ठल आगे बताते हैं, "पिच के बाद टीम निवेशकों से फीडबैक और सवाल लेती है और फिर फीडबैक के आधार पर स्टार्टअप को प्लेटफॉर्म पर शामिल करती है. हर एक स्टार्टअप के लिए एक कैंपने चलाया जाता है फिर इसे इच्छुक निवेशकों के समक्ष पेश किया जाता है. एक बार जब कैंपेन अपने लक्ष्य तक पहुंच जाता है, तो अनुपालन (compliance) पूरा हो जाता है, जिसके बाद स्टार्टअप्स को फंड डिस्ट्रीब्यूशन और निवेशकों को प्रमाणपत्र जारी किया जाता है."

POD World के फाउंडर और सीईओ विट्ठल रामकृष्ण ने कंपनी में 25,000 डॉलर का निवेश किया है और एक ऐंजल राउंड में फंडिंग जुटाई है. हालांकि, उन्होंने आंकड़ों का खुलासा नहीं किया.

परन्तु रेवेन्यू के आंकड़ों का खुलासा करते हुए, वे कहते हैं, "हमने वित्तीय वर्ष 2022 में 20 लाख रुपये कमाए. हमारा लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक 2 करोड़ रुपये का लक्ष्य हासिल करना है."

इस बिज़नेस को खड़ा करने में क्या कठिनाइयाँ आई? इसके जवाब में विट्ठल कहते हैं, "हमारी कंपनी ने अपनी अब तक की यात्रा में जिन प्रमुख चुनौतियों का सामना किया है उनमें से कुछ नियामक (regulatory) परिदृश्य को समझना और विश्वास हासिल करना शामिल है."

विट्ठल बताते हैं, "नियामक परिदृश्य को समझना एक जटिल कार्य रहा है. चूंकि हमारी कंपनी एक विनियमित उद्योग में काम करती है, इसलिए हमें काम शुरू करने से पहले ही विभिन्न कानूनी और अनुपालन आवश्यकताओं को समझने और उनका पालन करने की आवश्यकता थी. यद्यपि यह चुनौतीपूर्ण था, हमें गर्व है कि हमने एक अनुपालन प्रणाली तैयार की है जो पूरी तरह से रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के भीतर है.

विट्ठल आगे बताते हैं, "विश्वास कायम करना एक और महत्वपूर्ण चुनौती रही है. बाज़ार में अपेक्षाकृत नए खिलाड़ी के रूप में, हमें ग्राहकों, भागीदारों और हितधारकों का विश्वास अर्जित करना था. विशेष रूप से, यह देखते हुए कि हम निवेश के क्षेत्र में हैं और प्रत्येक लेनदेन उच्च विचारणीय है. विश्वास कायम करने के लिए हमें उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ पारदर्शी और नैतिक प्रथाओं को बनाए रखने में निरंतर बने रहने की आवश्यकता है. सुविचारित प्रक्रियाएं स्थापित करने, नियमित ऑडिट करने और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए अपने ग्राहकों से फीडबैक लेने से हमें एक भरोसेमंद मंच बनने के अपने लक्ष्य में काफी मदद मिली है. हम अपने हितधारकों के साथ खुले और ईमानदार संचार को भी प्राथमिकता देते हैं, उन्हें हमारी प्रगति, चुनौतियों और उपलब्धियों के बारे में सूचित रखते हैं, जिसने हमें कुछ दीर्घकालिक संबंध स्थापित करने में सक्षम बनाया है."

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POD World की टीम

POD का दावा है कि इसके पास 5000 से अधिक निवेशकों का नेटवर्क है और इसे 1400 से अधिक स्टार्टअप आवेदन प्राप्त हुए हैं. अब तक, 27 स्टार्टअप को सफलतापूर्वक 20 करोड़ रुपये के कुल लेनदेन मूल्य के साथ फंड किया गया है.

भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए सीईओ विट्ठल रामकृष्ण कहते हैं, "2023-24 में POD के लिए प्राथमिक फोकस प्लेटफॉर्म को सर्वव्यापी बनाना है, जिससे उपयोगकर्ताओं के दोनों पक्षों - स्टार्टअप और निवेशकों के लिए मूल्य में वृद्धि होगी, हमारा मानना है कि इससे प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाली बड़ी फंडरेज एक्टिविटीज को बढ़ावा मिलेगा. POD नई सुविधाओं का आविष्कार और विकास करना जारी रखेगा जिससे स्टार्टअप के लिए फंडिंग जुटाना और निवेशकों के लिए निवेश के लिए स्टार्टअप ढूंढना आसान हो जाएगा.

इसके अलावा, POD नए बाज़ारों में विस्तार करने पर विचार करेगा. POD वर्तमान में केवल भारत में उपलब्ध है. संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप जैसे नए बाजारों में विस्तार से POD को स्टार्टअप और निवेशकों के व्यापक दर्शकों तक पहुंचने की अनुमति मिलेगी.

हाल ही में POD ने अपना शानदार SaaS (Software-as-a-Service) टूल PitchPager लॉन्च किया है. इसे ऑन्त्रप्रेन्योर्स और इन्वेस्टर्स - दोनों को सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह व्यावसायिक जानकारी प्रस्तुत करने के तरीके को बदल देता है और एक संक्षिप्त और दृश्यमान मनोरम OnePage पिच प्रारूप की पेशकश करता है जो निवेशकों की भागीदारी और रुचि को बढ़ाता है.

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