ऑटिज्म से पीड़ित 19 साल के प्रणव ने मॉडलिंग में बनाया नाम

By yourstory हिन्दी
June 05, 2019, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:32:07 GMT+0000
ऑटिज्म से पीड़ित 19 साल के प्रणव ने मॉडलिंग में बनाया नाम
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pranav bakhsi

प्रणव बख्शी (तस्वीर साभार- डिश डैश)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में प्रत्येक 160 बच्चों में से एक बच्चा ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (एएसडी) से प्रभावित है। एएसडी यह एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति होती है, जिसमें अधिकांश बच्चों को बोलने में मुश्किल होती है इससे वे अत्यधिक अंतर्मुखी या बहिर्मुखी हो जाते हैं। ऑटिज्म से प्रभावित लोगों को कुछ दिक्कतें और कठिनाईयां होती हैं, लेकिन कुछ चीजों में वे खास रुचि लेते हैं। दिल्ली में रहने वाले 19 वर्षीय प्रणव बख्शी ऑटिज्म से प्रभावित हैं, लेकिन उन्होंने मॉडलिंग में करियर बनाकर देश भर में सुर्खियां बटोरीं।


प्रणव भारत के पहले ऑटिज्म से प्रभावित मॉडल हैं। उन्होंने कई फेमस लेबल के रैंप वॉक भी किया है। अपने मॉडलिंग स्किल्स के बारे मं बात करते हुए उनकी माँ अनुपमा बख्शी कहती हैं, 'मुझे प्रणव को रैंप वॉक करते हुए बहुत आश्चचर्य होता है। वह बड़ी सहजता से रैंप पर चलता है। उसके पास कोई अनुभव नहीं था, उसने अपनी स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों का मुकाबला किया और काफी कुछ किया। मुझे उस पर गर्व है। उससने बहुत कुछ किया है और वह अब हमेशा इसी फील्ड में रहना चाहता है।'




प्रणव ने अपने इंस्टाग्राम बायो में लिखा है: 'ऑटिज्म ही मेरी महाशक्ति है।' प्रणव 40 फीसदी विकलांग हैं। उन्हें इकोलिया और व्यग्रता की समस्या भी है, लेकिन उन्हें लक्ष्य हासिल करने से ये मुसीबतें रोक नहीं पाईं। हाल ही में, प्रणव ने बेंगलुरु के यूबी सिटी मॉल में अपनी पहली रैंप वॉक का वीडियो पोस्ट किया।


वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा था, 'क्षमा करें अगर आपको वीडियो की क्वॉलिटी अच्छी नहीं लगे। 2016 में बेंगलुरु में 'वॉक विद ए डिफरेंस' के लिए यह मेरा पहला रैंप वॉक था। मुझे मिस्टर चार्मिंग का खिताब मिला। ऐसे कई प्रतियोगी थे जिनसे मैं रैंप वॉक करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहा था। मैंने वॉच मी फॉर सिल्टो के पहले टैलेंट राउंड के लिए डांस किया क्योंकि यह उस समय मेरा पसंदीदा गीत था। मेरी बहन ने मुझे कुछ स्टेप्स सिखाए। मुझे यूबी सिटी मॉल में जाना बहुत पसंद है।'


प्रणव जन्म से ऑटिज्म से पीड़ित नहीं थे। दो साल की उम्र में उन्हें इस समस्या का सामना करना पड़ा। इसके बाद अचानक ही उनकी स्थिति गंभीर होती चली गई। उनकी मां अनुपमा कहती हैं, 'मैं उस वक्त भगवान से प्रणव के लिए दुआएं मांगती थी। वह हमेशा से जुझारू किस्म का इंसान रहा है और आज उसने ये साबित भी कर दिया है। मॉडलिंग के साथ ही उसे डांस करने का भी काफी शौक है। अब वह फोटोग्राफी में भी हाथ आजमाना चाहता है।'