भारत में एप्पल प्लांट: फॉक्सकॉन 60 हजार कर्मचारियों के लिए बना रही मेगा हॉस्टल

By yourstory हिन्दी
December 16, 2022, Updated on : Fri Dec 16 2022 08:45:41 GMT+0000
भारत में एप्पल प्लांट: फॉक्सकॉन 60 हजार कर्मचारियों के लिए बना रही मेगा हॉस्टल
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

चीन में आईफोन (iPhone) की फैक्ट्री में प्रोटेस्ट के कारण आईफोन मेकर फॉक्सकॉन (Foxconn) के मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट को अपना प्रोडक्शन को रोकना पड़ा था. प्रोडक्शन बाधित होने के कारण आईफोन का वेटिंग टाइम बढ़ता गया. ब्लूमबर्ग (Bloomberg) की रिपोर्ट के मुताबिक आईफोन मेकर Zhengzhou ने इस सीजन में 6 मिलियन कम आईफोन तैयार किए हैं. प्रोडक्शन में आ रही परेशानी के कारण एप्पल (Apple) अब चीन के बाहर मैन्युफैक्चरिंग के लिए बड़े बाजार की तलाश में भारत पर अपना फोकस बढ़ा रही है. इस महीने की शुरुआत में फॉक्सकॉन ने अपनी भारतीय इकाई में 50 करोड़ डॉलर डालने की घोषणा की थी. इसी क्रम में कुछ वक्त पहले एप्पल ने iPhone14 का निर्माण चेन्नई के श्रीपेरंबदुर स्थित फॉक्सकॉन यूनिट में शुरू करने का ऐलान किया था.


रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्च्रर कंपनी फॉक्सकॉन इस कैंपस में दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बना रही है, जहां पर स्मार्टफोन बनाए जाएंगे. इन प्लांट के पास ही वर्कर्स के रहने के लिए फॉक्सकॉन मेगा हॉस्टल (Foxconn Building Mega Hostels) का निर्माण भी किया जा रहा है. यह वही मॉडल है जो फॉक्सकॉन ने चीन में भी अपनाया था. ईटी (The Economic Times) में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह मेगा हॉस्टल करीब 20 एकड़ की जमीन पर बनाई जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों छात्रावास निर्माणाधीन हैं और दोनों के बीच यह करीब 60 हजार कर्मचारियों के रहने के लिए पर्याप्त होगा. करीब 20 हजार बेड वाला एक छात्रावास करीब दस महीने में तैयार हो सकता है.

बड़ी संख्या में हो सकती है हायरिंग

जेपी मॉर्गन (JPMorgan) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, आईफोन मैन्युफैक्चरिंग को रफ्तार देने के लिए एप्पल साल 2025 तक अपने प्रोडक्शन का 25 फीसदी हिस्सा भारत में शिफ्ट करने की योजना पर काम कर रहा है. एप्पल की सप्लायर कंपनियां इस रणनीति के साथ काम कर रही हैं जिससे साल 2025 तक भारत में प्रोडक्शन लाइन इस स्तर तक पहुंच जाएं कि चीन जैसी स्थिति फिर आने पर एप्पल के पार्ट्स की सप्लाई लगातार बनी रहे. इंडस्ट्री से जुड़े जानकार कयास लगा रहे हैं कि अगले तीन से चार वर्षों में स्थानीय रूप से निर्मित iPhones का हिस्सा 5 फीसदी के मौजूदा स्तर से बढ़कर कुल उत्पादन का पांचवां हिस्सा हो जाएगा. ईटी के खबर के मुताबिक़, प्रोडक्शन को बढाने के लिए आने वाले समय में बड़ी संख्या में हायरिंग हो सकती है.

भारत में क्यों कैपेसिटी विस्तार कर रहा है Apple

जियो पॉलिटिकल वजहों से इतर भारत की ओर बढ़ रहे एप्पल के आकर्षण की वजह भारत में सस्ते लेबर कॉस्ट, अनुकूल सरकारी योजना जैसे सरकार की पीएलआई (PLI) स्कीम है. इस स्कीम के कारण भारत में आईफोन निर्माण को तेजी मिलेगी. आईफोन निर्माण में जुटी फॉक्सकॉन, पेगाट्रॉन और विस्ट्रॉन को भारत सरकार की 41000 करोड़ रुपए की PLI स्कीम का लाभ मिलेगा.


Edited by Prerna Bhardwaj