राजस्थान: मतदान के समय घूंघट नहीं करने के लिए महिलाओं को किया जाएगा प्रोत्साहित

By भाषा पीटीआई
January 15, 2020, Updated on : Wed Jan 15 2020 03:31:31 GMT+0000
राजस्थान: मतदान के समय घूंघट नहीं करने के लिए महिलाओं को किया जाएगा प्रोत्साहित
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पंचायत चुनावों में ग्रामीण महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे मतदान के समय घूंघट न निकालें। राज्य के महिला व बाल विकास विभाग ने जागरुकता अभियान के तहत यह पहल की है।


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फोटो क्रेडिट: Jagran



जयपुर, राजस्थान में इसी महीने होने वाले पंचायत चुनावों में ग्रामीण महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे मतदान के समय घूंघट न निकालें।


उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य के विभिन्न हिस्सों विशेषकर गांव-ढाणियों में महिलाओं द्वारा अब भी घूंघट निकाले जाने की प्रथा के उन्मूलन की बात कह चुके हैं। मुख्यमंत्री के आह्वान को ध्यान में रखते हुए राज्य के महिला व बाल विकास विभाग ने जागरुकता अभियान के तहत यह पहल की है।


एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत जिला प्रशासन के अधिकारियों, जमीनी कार्यकर्ताओं, जन प्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी के साथ विभिन्न गतिविधियां करने की योजना है।


निदेशक (महिला सशक्तिकरण) पीसी पवन ने पीटीआई भाषा से कहा,

‘‘हमने सभी जिलों में 'घूंघट' प्रथा के खिलाफ अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस प्रथा को समाप्त किया जाना चाहिए। इसलिए हमने हाल ही में अभियान शुरू किया है।’’



महिलाओं को घूंघट नहीं करने के वास्ते प्रेरित करने के लिए विभिन्न तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।


जयपुर में महिला शक्तिकरण विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य में इस माह होने वाले पंचायत चुनाव के दौरान वोट डालते समय ग्रामीण महिलाओं को घूंघट नहीं करने को प्रेरित किया जाएगा।


उल्लेखनीय है कि राज्य में पंचायती चुनाव चार चरणों में होने हैं। पहले चरण में मतदान 17 जनवरी को होगा।


इसी तरह सीकर में भी अधिकारी पंचायत चुनावों के दौरान ग्रामीण महिलाओं को इस प्रथा से दूर रहने को प्रेरित करने की योजना बना रहे हैं।


महिला एवं बाल विकास विभाग-सीकर की सहायक निदेशक अनुराधा सक्सेना ने कहा,

‘‘महिलाओं और पुरुषों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए अभियान के तहत कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है। यह प्रथा काफी हद तक ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित है और हम उन्हें वोट डालने समय घूंघट नहीं करने को कहेंगे।’’


इसको लेकर जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं व अन्य भागीदारों से चर्चा की जा रही है। सक्सेना ने बताया कि पोस्टर तैयार किए गए हैं जो गांवों में चिपकाए जाएंगे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल इस बारे में जागरूकता के लिए भी किया जाएगा।


उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री गहलोत ने कई कार्यक्रमों में घूंघट प्रथा को खत्म करने का आह्वान करते हुए इसे महिला सशक्तीकरण में बाधा बताया है।


(Edited by रविकांत पारीक )


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