महंगाई के बाद भी रियल एस्टेट के लिए शानदार रहा बीता साल, अब 2023 से क्या हैं इंडस्ट्री की उम्मीदें?

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक लॉकडाउन के बाद लोगों के अंदर घर की ओनरशिप की चाहत जगी है. आगे कीमतें बढ़ने का डर है इसलिए भी लोग घर खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. टॉप 8 शहरों में हाउसिंग सेल्स कई सालों के हाई पर पहुंच गई है. मिड से हाई टिकट साइज ने बाकी कैटेगरीज को आउटपरफॉर्म किया है.

महंगाई के बाद भी रियल एस्टेट के लिए शानदार रहा बीता साल, अब 2023 से क्या हैं इंडस्ट्री की उम्मीदें?

Tuesday January 03, 2023,

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कोविड और लॉकडाउन की वजह से कई इंडस्ट्रीज की ग्रोथ प्रभावित हुई थी. इनमें एक सेक्टर रियल एस्टेट भी था. हालांकि रियल एस्टेट समेत कई अन्य इंडस्ट्री के लिए 2022 वो साल रहा है जिसमें बिजनेस को फुल स्पीड से वापस पटरी पर लाने और ग्रोथ हासिल करने पर काम किया गया है.

हालांकि, स्थानीय समेत ग्लोबल मैक्रो इकॉनमिक मसलों ने इंडस्ट्रीज के लिए आगे की राह को और मुश्किल बना दिया है. आइए जानने की कोशिश करते हैं बीता हुआ साल रियल एस्टेट के लिए कैसा रहा और 2023 में इंडस्ट्री किस अनुमान और उम्मीद के साथ आगे बढ़ रही है.

नाइट फ्रैंक इंडिया के डायरेक्टर रिसर्च विवेक राठी कहते हैं, 2022 में हाउसिंग और प्रॉपर्टी सेक्टर दोनों ने सेल्स और वॉल्यूम दोनों लिहाज से काफी बेहतर परफॉर्म किया है. लॉकडाउन के बाद लोगों के अंदर घर की ओनरशिप की चाहत जगी है. आगे जाकर कीमतें बढ़ने का अनुमान है इसलिए भी लोग घर खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

टॉप 8 शहरों में हाउसिंग सेल्स कई सालों के हाई पर पहुंच गई है. हाउसिंग सेगमेंट में मिड से हाई टिकट साइज ने बाकी कैटेगरीज को आउटपरफॉर्म किया है. 

वायसरॉय प्रॉपर्टीज में मैनेजिंग पार्टनर साइरस मोदी की भी कुछ ऐसी ही राय है. उनके मुताबिक 2022 में लग्जरी मार्केट का बोलबाला रहा. तमाम चुनौतियों के बाद भी इस सेगमेंट जबरदस्त सेल्स रही है. 2023 में भी ये ट्रेंड जारी रहने वाला है.


बढ़ती डिमांड और सेक्टर में आने वाले स्थिरता के आधार पर कह सकते हैं कि FY23 भी इसी तरह मजबूत और पॉजिटिव मूमेंटम से भरा रहने वाला है. कई बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने 8 से 9 फीसदी की ग्रोथ रेट का अनुमान दिया है.

अजमेरा रियल्टी एंड इंफ्रा इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर धवल अजमेरा का कहना है कि ब्याज दरों के बढ़ने के बाद भी डिमांड आ रही है क्योंकि लोगों को मालूम है कि महंगाई अस्थाई है.

जब तक होम लोन की दरें 9 फीसदी के नीचे रहती हैं तब तक डिमांड आती रहेगी. अगर इसके ऊपर दरें जाती भी हैं तो डिवेलपर्स अपने ऑफरिंग में कुछ फेरबदल करेंगे जिससे डिमांड बनी रहेगी.

डिवेलपर्स भी दाम बढ़ाने से पहले सोचेंगे क्योंकि लोग मौजूदा प्राइसेज पर घर लेने को तैयार नजर आ रहे हैं. हालांकि रेडी टू मूव इन सेगमेंट में दाम बढ़ सकते हैं क्योंकि इनकी डिमांड अधिक है.


मौजूदा होमबायर्स का सेंटिमेंट काफी पॉजिटिव है और हमारा मानना है कि 2023 में रियल एस्टेट खासकर रेजिडेंशियल सेगमेंट में डिमांड बढ़ती रहेगी. महंगी ब्याज दरों का डिमांड पर कुछ खास असर नहीं नजर आया है.


सरकार भी रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट करने के लिए सक्रियता से कई कदम उठा रही है. हमें उम्मीद है कि मौजूदा 6 पर्सेंट की स्टैंप ड्यूटी को घटाकर 3 फीसदी पर लाया जाएगा.


नाइट फ्रैंक के विवेक राठी ने भी चुनौतियों को लेकर कहा कि महंगाई की वजह से रियल एस्टेट दो तरफ से मुश्किलों में फंसा. एक तो उसके लिए कंस्ट्रक्शन की कॉस्ट बढ़ गई दूसरा एंड बायर्स के लिए होम लोन महंगे हो गए.


अकेले होम लोन महंगा होने की वजह से घरों की अफॉर्डेबिलिटी 12.5 फीसदी घट गई. हालांकि डिवेलपर्स के पास पहले से पर्याप्त पूंजी थी इसलिए उन्हें इतना दबाव महसूस नहीं हुआ.


कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 2022 में ओवरऑल होम सेल्स में लग्जरी हाउस सेगमेंट की बड़ी हिस्सेदारी रही है. आधे से ज्यादा लग्जरी घर मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में बिके हैं. इसे खरीदने वालों में बड़ी सेलेब्रिटीज के अलावा स्टार्टअप फाउंडर्स और स्टेकहोल्डर्स भी रहे हैं.


एस रहेजा रियल्टी के एमडी राम रहेजा का कहना है कि इंडिया में बड़ी संख्या में HNI रहते हैं. इस वजह से महंगी प्रॉपर्टीज की डिमांड बढ़नी तय है. इंडियन लग्जरी मार्केट भी खुद को इंटरनैशनल मार्केट्स के स्टैंडर्ड के हिसाब से ढाल रहा है. इसलिए NRI महंगे अपार्टमेंट, विला और बंग्लो को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.


India Sotheby’s International Realty की एक रिपोर्ट के मुताबिक बड़ी संख्या में HNI अगले दो सालों में लग्जरी प्रॉपर्टी खरीदने की तैयारी में हैं. रुपया भी डॉलर के मुकाबले बढ़कर 82 पर पहुंच गया है. इसलिए एनआरआई भी इसे अपनी जगह पर अपना घर बनाने का सही मौका मान रहे हैं.


कमर्शल स्पेस में भी पॉजिटिव ट्रेंड ही नजर आया. विवेक राठी ने बताया कि ऑफिस सेगमेंट में लीज एग्रीमेंट में फ्लेक्सिबिलिटी से को-वर्किंग सेगमेंट को काफी फायदा मिला है. कमर्शल ऑफिस मार्केट के भी बीते दो सालों की तुलना में रेकॉर्ड हाई परफॉर्मेंस की उम्मीद है.