दवाखाने से लेकर 15 करोड़ रेवेन्यु वाली कंपनी तक, आयुर्वेद की मदद से Royal Bee Natural यूं संवार रही सेहत

आयुर्वेद के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रखने की कोशिश में गाजियाबाद की एक कंपनी भी लगी हुई है. इसका नाम है Royal Bee Natural Products Pvt. Ltd.

दवाखाने से लेकर 15 करोड़ रेवेन्यु वाली कंपनी तक, आयुर्वेद की मदद से Royal Bee Natural यूं संवार रही सेहत

Friday February 10, 2023,

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आयुर्वेद की मदद से लोगों का इलाज वर्षों से होता आ रहा है. कहा जाता है कि यह एक अहम चिकित्सा प्रणाली है, जो बीमारी के लक्षणों के साथ-साथ इसकी जड़ पर वार करती है. यह प्राकृतिक रूप से मौजूद चीजों या तत्वों के इस्तेमाल से लोगों को सेहतमंद रखने में मदद करती है. आयुर्वेद की ताकत को आधुनिक मेडिकल साइंस भी मानती है और कोरोना महामारी के दौर में तो इसमें कोई दोराय नहीं रह गई. आज के टाइम में कई कंपनियों ने आयुर्वेद पर भरोसा जताया है और इस पर बेस्ड प्रॉडक्ट्स को लगातार मार्केट में उतार रहे हैं. आयुर्वेद के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रखने की कोशिश में गाजियाबाद की एक कंपनी भी लगी हुई है. इसका नाम है Royal Bee Natural Products Pvt. Ltd.

Royal Bee Naturals Products का हेडक्वार्टर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में है. कंपनी बिजनेस टू कंज्यूमर यानी B2C बिजनेस मॉडल पर काम करती है. Royal Bee Natural Products अपनी आयुर्वेदिक दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग Myra Life Sciences के तहत करती है. कंपनी को एक ब्रांड Royal Bee Natural Products के तौर पर अंजनेय अग्रवाल ने साल 2006 में स्थापित किया. वह इसके फाउंडर व मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. लेकिन Royal Bee Natural Products की नींव साल 1953 में ही पड़ गई थी.

यूं हुई थी शुरुआत

राजस्थान के सीकर जिले से ताल्लुक रखने वाले अंजनेय ने को बातचीत में बताया कि आयुर्वेद से उनके परिवार का जुड़ाव काफी पुराना है. उनके दादा चांदमल पंसारी एक वैद्य थे और आयुर्वेदिक दवाओं की मदद से लोगों का इलाज करते थे. यहीं से सफर शुरू हुआ. उनकी एक दुकान थी. वहां शहद के साथ-साथ बाकी की दवाएं भी मिलती थीं. इसके बाद अंजनेय के पिता ने साहिबाबाद में ट्रेडिंग का बिजनेस शुरू किया. कई बड़ी फार्मा कंपनियों को सप्लाई होती थी. उसके बाद साल 2006 में अंजनेय ने कारोबार का रुख बी2बी से बी2सी की ओर मोड़ा और कंज्यूमर प्रॉडक्ट लॉन्च किए. इसी के साथ ही Royal Bee Natural Products ब्रांड नेम सामने आया.

सबसे पहला पैकेज्ड प्रॉडक्ट शहद

अंजनेय का कहना है कि हम बल्क में और कच्चे माल की ट्रेडिंग में हमेशा से थे. उस वक्त भी शहद की बिक्री होती थी लेकिन बल्क में. जब कंपनी ने कंज्यूमर के लिए पैकेज्ड प्रॉडक्ट लॉन्च करना शुरू किया तो उसमें भी सबसे पहला प्रॉडक्ट शहद ही था. पहले कंपनी थर्ड पार्टी की मदद से प्रॉडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग करती थी. लेकिन फिर 2014 में Royal Bee Natural Products ने खुद की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू की, जो इस वक्त गाजियाबाद के मोहन नगर में स्थित है. इस फैसिलिटी की प्रॉडक्शन कैपेसिटी 4000 टन प्रतिमाह है.

मधुमक्खी पालकों के साथ किया हुआ है टाईअप

अंजनेय बताते हैं कि उनके पिता के टाइम में उनके अपने फार्म थे, जहां मधुमक्खी पालन किया जाता था. लेकिन मधुमक्खी पालन बेहद ही सावधानी भरा काम है और कंपनी उसमें अपना 100 प्रतिशत नहीं दे पा रही थी. इसलिए वर्तमान में कंपनी ने दूसरे मधुमक्खी पालकों के साथ टाई अप किया हुआ है और ​शहद की सप्लाई उन्हीं के माध्यम से कंपनी को प्राप्त होती है. शहद की क्वालिटी को मेंटेन करना, रॉयल बी की जिम्मेदारी होती है.

150 से ज्यादा हर्बल प्रॉडक्ट्स की बिक्री

आज Royal Bee Natural Products की निर्माण विशेषज्ञता केवल कच्चे शहद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह नेचुरल प्रॉडक्ट्स की एक विस्तृत रेंज में भी विस्तारित हुई है. रॉयल बी की जॉइंट केयर, चूर्ण, इम्युनिटी केयर, डाइजेशन ऐड्स, स्टमक ऐड्स, हेयर केयर, हार्ट केयर, शहद, लिवर केयर, पर्सनल केयर, डायबिटिक केयर, वायटैलिटी, वेट मैनेजमेंट, वुमन केयर कैटेगरीज के तहत प्रॉडक्ट रेंज उपलब्ध है. Royal Bee 150 से ज्यादा हर्बल प्रॉडक्ट्स की बिक्री करती है. कंपनी के 1 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं. यह भारत में तो बिक्री करती ही है, साथ ही 10 से ज्यादा देशों को अपने प्रॉडक्ट एक्सपोर्ट भी करती है. हाल ही में कंपनी की जॉइंट पेन मेडिसिन और कफ सीरप, घाना में भी रजिस्टर हुए हैं. कंपनी यूनाइटेड नेशंस के पीस कीपिंग मिशन्स के तहत भी शहद की रजिस्टर्ड और रेगुलर सप्लायर है.

पिछले 10 वर्षों में रॉयल बी ने आधुनिक प्रबंधन अवधारणाओं को पेश करके क्षमता को सालाना 10% से बढ़ाकर 15% कर लिया है. कंपनी भारत में प्रमुख शहद उत्पादकों में से एक है. यह यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए टॉप 10 निर्यातकों में शामिल है. कंपनी का दावा है कि उसके प्रॉडक्ट, 100 प्रतिशत ऑथेंटिक और नेचुरल इन्ग्रीडिएंट्स से बने हुए हैं.

रेवेन्यु और वर्कफोर्स

Royal Bee Natural Products का वर्तमान रेवेन्यु लगभग 15 करोड़ रुपये और वर्कफोर्स 71 लोगों की है. फिलहाल एक्सपोर्ट की Royal Bee Natural Products के रेवेन्यु में हिस्सेदारी लगभग 10 प्रतिशत है. कंपनी इस आंकड़े को अगले साल तक बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक ले जाने की कोशिश में है. कंपनी साल दर साल ग्रोथ दर्ज कर रही है.

सर्टिफाइड हैं प्रॉडक्ट

अंजनेय ने बताया कि Royal Bee Natural Products के प्रॉडक्ट आयुष मंत्रालय से ​सर्टिफिकेशन प्राप्त हैं. शहद, FSSAI से लाइसेंस प्राप्त है और उसी के तय मानकों के आधार पर इसका एक्सपोर्ट होता है. शहद की ​टेस्टिंग और सर्टिफिकेट एनालिसिस इनटैक्ट लैब करती है. लैब से सर्टिफिकेशन मिलने के बाद ही प्रॉडक्ट को एक्सपोर्ट किया जाता है.

कहां से खरीद सकते हैं प्रॉडक्ट

Royal Bee के प्रॉडक्ट, कंपनी की वेबसाइट के अलावा सभी प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. वहीं ऑफलाइन चैनल की बात करें तो कंपनी के 200 के आसपास डिस्ट्रीब्यूटर हैं. इन डिस्ट्रीब्यूटर्स की मदद से जिन-जिन इलाकों में संभव हो सकता है, ऑफलाइन स्टोर्स में Royal Bee प्रॉडक्ट उपलब्ध कराए जाते हैं. कंपनी के प्रॉडक्ट्स की पहुंच अभी ज्यादातर टीयर 1 और टीयर 2 शहरों तक ही है. हालांकि छोटे शहरों तक पहुंच विकसित करने की प्रक्रिया भी जारी है.

फॉर्म्युलेशंस किसके

अंजनेय ने बताया कि जिन फॉर्म्युलेशंस की मदद से उनकी कंपनी प्रॉडक्ट बना रही है, उनमें से कई उनके परिवार के सालों से चले आ रहे प्रूवन फॉर्मूले हैं. इसके अलावा कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में कुछ वैद्य भी मौजूद हैं, जिनकी मदद से कई अन्य फॉर्म्युलेशंस को वि​कसित किया गया है. लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और रिसर्च की मदद ली गई है.

रॉयल बी अपने प्रॉडक्ट्स के लिए कई जड़ी-बूटियां बुंदेलखंड से मंगाती है, इसके अलावा गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र के साथ-साथ नेपाल से भी खरीद करती है. इसके अलावा अगर कोई जड़ी-बूटी या औषधि ऐसी है, जो किसी खास इलाके में ही उगती या मिलती है तो उसकी खरीद वहीं से की जाती है. अंजनेय अग्रवाल ने आयुर्वेद में डिप्लोमा किया हुआ है.

क्या हैं फ्यूचर प्लान्स

अंजनेय ने यह भी बताया कि कंपनी 2024 में अपने रिटेल आउटलेट्स खोलने की योजना बना रही है. इन्हें फ्रेंचाइजी मॉडल के आधार पर भी खोला जा सकता है. अगले साल एसएमई आईपीओ लाने की भी तैयारी है. अंजनेय ने यह भी कहा कि कंपनी कुछ फॉर्म्युलेशंस पर काम कर रही है. जैसे ही उनका क्लीनिकल ट्रायल पूरा हो जाएगा, उनकी मदद से बने प्रॉडक्ट्स को लॉन्च कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि रॉयल बी की कोशिश यही रहती है कि ट्रायल्स के बाद ही प्रॉडक्ट को लॉन्च किया जाएगा, ताकि ग्राहकों का भरोसा बना रहे.

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