करवाचौथ पर सेंसेक्स 390 अंक लुढ़ककर बंद, Wipro 7% टूटा

By Ritika Singh
October 13, 2022, Updated on : Thu Oct 13 2022 11:41:43 GMT+0000
करवाचौथ पर सेंसेक्स 390 अंक लुढ़ककर बंद, Wipro 7% टूटा
गुरुवार सुबह सेंसेक्स 57,512.74 पर खुला. पूरे दिन में इसने 57,568.14 का उच्च स्तर और 57,055.75 का निम्न स्तर छुआ.
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बिकवाली दबाव के कारण गुरुवार को शेयर बाजार (Stock Markets) गिरावट के साथ बंद हुए. महंगाई और वृद्धि को लेकर चिंता के बीच बैंक, वित्तीय और पूंजीगत सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का सिलसिला चलने से बाजार नीचे आया. डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट और कच्चे तेल के दाम में तेजी से भी बाजार धारणा पर असर पड़ा. तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स (BSE Sensex) 390.58 अंकों की गिरावट के साथ 57,235.33 पर बंद हुआ.


गुरुवार सुबह सेंसेक्स 57,512.74 पर खुला. पूरे दिन में इसने 57,568.14 का उच्च स्तर और 57,055.75 का निम्न स्तर छुआ. सेंसेक्स शेयरों में विप्रो (Wipro) सबसे अधिक 7.03 प्रतिशत नुकसान में रहा. इसके अलावा SBI, L&T, ICICI बैंक, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, HDFC बैंक और HDFC लि. भी नुकसान में रहे. दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में HCL टेक, सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल हैं. बीएसई पर सबसे ज्यादा 3.19 प्रतिशत की तेजी एचसीएल टेक्नोलॉजीस में दर्ज की गई. सेंसेक्स पर लिस्टेड 30 कं​पनियों में से केवल 8 कंपनियों के शेयर चढ़े हैं.

Nifty50 का हाल

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) 109.25 अंकों की गिरावट के साथ 17,014.35 पर बंद हुआ. एनएसई पर निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं. निफ्टी पर एचसीएल टेक्नोलॉजीस, सन फार्मा, कोल इंडिया, डॉ. रेड्डीज, टाटा मोटर्स टॉप गेनर्स रहे. दूसरी ओर विप्रो, अडानी पोर्ट्स, एसबीआई, एसबीआई लाइफ, आईसीआईसीआई बैंक टॉप लूजर्स रहे.

Wipro ने छुआ 52 सप्ताह का निचला स्तर

विप्रो लिमिटेड का शेयर (Wipro Stock Price) सेंसेक्स पर 7.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 379.10 रुपये पर बंद हुआ है. वहीं एनएसई पर यह 6.95 प्रतिशत टूटकर 379.60 रुपये पर बंद हुआ है. कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर बीएसई पर गिरकर 52 सप्ताह के निचले स्तर 378.10 रुपये पर आ गया था. लेकिन बाद में यह मामूली तौर पर संभलकर 379.10 रुपये पर बंद हुआ. विप्रो के शेयरों में आई इस बड़ी गिरावट की एक वजह कंपनी के दूसरी तिमाही ​के वित्तीय नतीजे हैं. विप्रो लिमिटेड का चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में शुद्ध लाभ 9.6 प्रतिशत घट गया. गैर-अमेरिकी बाजारों में आय घटने के चलते कंपनी के शुद्ध लाभ में कमी हुई. वित्त वर्ष 2022-23 की जुलाई-सितंबर तिमाही में उसे 2,649.1 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 2,930.6 करोड़ रुपये था. हालांकि समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की आय बढ़कर 22,539.7 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 19,667.4 करोड़ रुपये थी.


इसके अलावा एक अन्य प्रमुख वजह मूनलाइटिंग का मुद्दा भी बताया जा रहा है. दरअसल पिछले महीने ही विप्रो ने अपने यहां काम करने वाले 300 कर्मचारियों को प्रतिद्वंदी संस्थान के साथ भी काम करते हुए पाया और उन्हें नौकरी से निकाल दिया. हालांकि, Tata Group की कंपनी TCS द्वारा Moonlighting को गलत बताने के बावजूद कर्मचारियों को निकालने से इनकार करने बाद Wipro Ltd ने भी अपना रुख नरम कर लिया है. विप्रो ने अब कहा है नौकरी के साथ कोई छोटा काम पकड़ना ठीक है लेकिन एक प्रतिस्पर्धी कंपनी के लिए भी काम करना हितों का टकराव है. इसलिए मूनलाइटिंग वैधता का नहीं, बल्कि नैतिकता का सवाल है.

वैश्विक बाजारों में कैसा रहा ट्रेंड

एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी नुकसान में रहा. हालांकि, यूरोप के प्रमुख देशों के शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख रहा. अमेरिका में थोक महंगाई दर सितंबर महीने में सालाना आधार पर बढ़कर 8.5 प्रतिशत रही. अगस्त में यह 8.7 प्रतिशत रही थी. इसके चलते वैश्विक बाजारों की चाल प्रभावित हुई. अब निवेशकों की नजर अमेरिका की खुदरा महंगाई के आंकड़ों पर है. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.31 प्रतिशत बढ़कर 92.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 542.36 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे.

रुपया 5 पैसे टूटा

घरेलू स्तर पर व्यापक आर्थिक रुझानों में कमजोरी और शेयर बाजार में सुस्ती के बीच रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पांच पैसे टूटकर 82.38 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. दिन में रुपये ने सीमित दायरे में कारोबार किया. कारोबारियों के बीच जोखिम से बचने की प्रवृत्ति से भी रुपये पर दबाव बना. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 82.30 पर खुला और पिछले बंद भाव से पांच पैसे की गिरावट दर्ज करते हुए 82.38 पर बंद हुआ. दिन के कारोबार में रुपया 82.25 से 82.42 के दायरे में रहा.