Spicejet के एमडी अजय सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज, गुड़गांव के कारोबारी ने लगाया आरोप

By Vishal Jaiswal
July 12, 2022, Updated on : Tue Jul 12 2022 05:44:25 GMT+0000
Spicejet के एमडी अजय सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज, गुड़गांव के कारोबारी ने लगाया आरोप
अमित अरोड़ा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि स्पाइसजेट के प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने उन्हें प्रदान की गई सेवाओं के लिए 10 लाख रुपये के शेयरों की फर्जी डिपॉजिटरी इंस्ट्रक्शन स्लिप (डीआईएस) दी.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

स्पाइसजेट के प्रबंध निदेशक अजय सिंह के खिलाफ एक कारोबारी के साथ कंपनी के शेयर आवंटित करने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी.


शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि सिंह ने इसी तरह दूसरों के साथ धोखाधड़ी की है. अमित अरोड़ा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि सिंह ने उन्हें प्रदान की गई सेवाओं के लिए 10 लाख रुपये के शेयरों की फर्जी डिपॉजिटरी इंस्ट्रक्शन स्लिप (डीआईएस) दी.


उन्होंने कहा कि सिंह ने उनसे स्पाइसजेट के 10 लाख रुपये के शेयर देने का वादा किया था. अरोड़ा को ये शेयर उनके द्वारा दी गई सेवाओं के एवज में दिए जाने थे. अरोड़ा ने ये सेवाएं प्रवर्तकों से एयरलाइन का नियंत्रण लेने के दौरान दी थीं.


अरोड़ा ने अपनी शिकायत में कहा, ‘‘अजय सिंह ने एक डिपॉजिटरी इंस्ट्रक्शन स्लिप दी थी, जो बाद में अमान्य और पुरानी करार दी गई. इसके बाद मैंने उनसे कई बार संपर्क किया और उनसे अनुरोध किया कि या तो वैध डिपॉजिटरी इंस्ट्रक्शन स्लिप प्रदान करें या सीधे शेयर स्थानांतरित करें. हालांकि, कोई बहाना लगाकर या किसी अन्य कारण से उन्होंने ‘‘मुझे शेयर हस्तांतरित करने से इनकार कर दिया.’’


उन्होंने कहा कि मेरे पास सिंह के खिलाफ आरोप लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था. पुलिस ने सुशांत लोक थाने में आईपीसी की धारा 406, 409, 415, 417, 418, 420 के तहत मामला दर्ज किया है.


सुशांत लोक की थाना प्रभारी (एसएचओ) पूनम हुड्डा ने कहा, ‘‘एफआईआर दर्ज कर ली गई है और हम तथ्यों की पुष्टि कर रहे हैं और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.’’


बता दें कि, स्पाइसजेट पिछले तीन साल से घाटे में चल रही है. इसका शुद्ध घाटा 2018-19 में 316 करोड़ रुपये से बढ़कर 2019-20 में 934 करोड़ रुपये और 2020-21 में 998 करोड़ रुपये हो गया. दिसंबर 2021 को समाप्त नौ महीनों के लिए शुद्ध घाटा 1,267 करोड़ रुपये था.