[स्टार्टअप भारत] IIT गुवाहाटी के इस पूर्व छात्र ने बनाया एक सुरक्षित ईमेल प्लेटफॉर्म, ताकि हमेशा सेफ रहे यूजर प्राइवेसी
गुवाहाटी स्थित लेटर का फोकस यूजर की प्राइवेसी को बढ़ाने वाले उत्पादों और सेवाओं को बनाने पर हैं। इसका पहला प्रोडक्ट एक सिक्योर ईमेल प्लेटफॉर्म है, जो यूजर की प्राइवेसी की रक्षा करता है।
टेक्नो डिजिटल मीडिया के संस्थापक, सुनीत कुमार नंदी के लिए एक सकुशल सुरक्षित ईमेल सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर को खोजना हमेशा से चुनौतीपूर्ण काम रहा। 26 वर्षीय तकनीकी उद्यमी नंदी ने महसूस किया कि ईमेल सुरक्षित रूप से स्टोर नहीं किए जाते हैं, और उनके नियम और शर्तों में अक्सर यह कहा जाता था कि बातचीत तीसरे पक्ष के लिए उपलब्ध हो सकती है। इसके अलावा उनमें स्पैम की समस्याएं थी। ईमेल की डिलीवरी को लेकर एक समस्या थी। साथ ही उन फीचर्स तक पहुंच सीमित थी, जिनका इस्तेमाल आप मेलबॉक्स में कर सकते हैं।
ऐसे में आईआईटी गुवाहाटी के पूर्व छात्र नंदी ने इस समस्या को खुद से ठीक करने का फैसला किया। उन्होंने सितंबर 2020 में असम के गुवाहाटी में 'लेटर' की नींव रखी। यह टेक्नो डिजिटल मीडिया का एक हिस्सा थी, जिसे 2012 में शुरू किया गया था। अब यह स्टार्टअप ऐसे उत्पादों और सेवाओं को बना रहा है, जिसका मकसद यूजर्स की प्राइवेसी को बढ़ाना है। कंपनी का पहला प्रोडक्ट एक मेलकाउ-आधारित ईमेल प्रोवाइडर है। लेटर का उद्देश्य एक ऐसा सुरक्षित ईमेल प्लेटफॉर्म बनना है, जो यूजर्स की प्राइवेट की रक्षा करे। इसके लिए यह फ्रांस में होस्टिंग और स्विट्जरलैंड व आइसलैंड में रिले का इस्तेमाल कर रही है।

सुनीत कुमार नंदी, फाउंडर, Letter
यह प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है?
सुनीत बताते हैं, "हमारा पहला फ्लैगशिप प्रोडक्ट एक ईमेल सर्विस है, जो प्राइवेसी को सबसे अधिक प्राथमिकता देती है। यह उस समस्या का समाधान है, जिसमें ईमेल कम्युनिकेशन को एक बाद में किए विचार के रूप में देखा जाता है, जबकि आज पूरी दुनिया में ईमेल ही हर चीज का आधार है।"
उन्होंने बताया, “ज्यादातर बड़े ईमेल प्रोवाइडर अक्सर अपने ग्राहकों के ईमेल डेटा से उपयोगी जानकारी निकालने का काम करते हैं, चाहें वे भुगतान कर रहे हों या नहीं। इनमें से कम लोकप्रिय वालों को उस पड़ाव तक खराब तरीके से रखा जाता है, जहां ईमेल की डिलीवरी और स्पैम एक प्रमुख मुद्दा है। कई प्रोवाइडर तो मेलबॉक्स तक पहुंचने के लिए मानक तरीके नहीं मुहैया कराते हैं और आपको अपने स्वयं के ऐप्स का उपयोग करने के लिए मजबूर करते हैं। यदि आप किसी दूसरे प्रोवाइडर के पास जाना चाहते हैं, तो वे वेंडर लॉक-इन लगा देते हैं, जिससे आपके डेटा को ट्रांसफर करना असंभव बन जाता है। लेटर का उद्देश्य इन सभी मुद्दों को हल करना है।”
लेटर ईमेल होस्टिंग मुहैया कराती है, जो प्रत्येक मेलबॉक्स और संगठन के अनुसार इनक्रिप्टेड किया जाता है। इससे ईमेल सेवा ऑपरेटर के लिए बातचीत से उपयोगी जानकारी को जुटाना असंभव हो जाता है। लेटर सभी इंटरनेट और ईमेल मानकों का पालन करती है ताकि आप अपने ईमेल, कैलेंडर मनचाहे तरीके से इस्तेमाल कर सकें और किसी भी ईमेल क्लाइंट को अपने पसंद की डिवाइस पर संपर्क कर सकें।
यह आपके ईमेल डेटा को एक्सपोर्ट और इंपोर्ट करने का विकल्प भी मुहैया कराती है, ताकि आपका अपने स्वयं के डेटा पर पूरी तरह से नियंत्रण हो। इसके अलावा प्लेटफॉर्म टीएलएस 1.3 और न्यूनतम 256-बिट की ताकत के साथ आधुनिक कनेक्शन इन्क्रिप्शन सपोर्ट सुनिश्चित करती है और स्कैंडेनेविया (बायपास) में स्थित यूरोपीय सर्टिफिकेट अथॉरिटी के टीएलएस (एसएसएल) सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करती है।

सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
सुनीत कहते हैं, “मेल इन्क्रिप्शन के अलावा, ईमेल डेटा को होस्ट करने वाले हार्डवेयर नोड्स (सर्वर) की स्थापना भी फुल-डिस्क इन्क्रिप्शन के साथ की जाती है, जो साइबर और शारीरिक हमलों से सुरक्षा प्रदान करता है। लेटर में एनुअल प्लान वाले ग्राहकों के लिए प्राथमिकता के आधार भी सपोर्ट मुहैया कराना भी शामिल है, और हम DNS रिकॉर्ड स्थापित करने और ईमेल डिलीवरी को प्रभावी बनाने की सीमा तक जाते हैं, जो दूसरा ईमेल प्रोवाइडर आमतौर पर सबसे महंगे प्लान लेने वालों को नहीं प्रदान करते हैं।”
वह कहते हैं कि सामान्य ईमेल होस्टिंग को डिजाइन के जरिए बढ़ाया जा सकता है, लेकिन जिस तरह से इसे व्यवहार में लागू किया जाता है, वह इसके बढ़ाने को मुश्किल बना देते हैं। यहां तक कि बड़े ईमेल प्रोवाइडर को भी इस समस्या का सामना करना पड़ता हैं। मार्केट में मौजूद सभी प्रोवाइडर ईमेल को अगले स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अपने स्वयं के मालिकाना हक में और गैर-मानक तरीके से। वहीं लेटर, ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर का उपयोग करके और एक मानक-अनुरूप तरीके से स्केल करने की कोशिश कर रहा है, जिस तरह से ईमेल को करना चाहिए।
सुनीत कहते हैं, “लेटर सुविधा के लिए सुरक्षा से समझौता नहीं करती है। यह इंडेक्सिंग का उपयोग करती है, जो ग्राहकों को सर्च बार के जरिए उनके ईमेल खोजने में मदद करता है। यह एक ऐसी चीज है, जिसे प्राइवेसी को प्राथमिकता देने वाले कई प्रोवाइडर अभी भी देने में विफल रहते हैं। लेटर ईमेल इन्क्रिप्शन के ऊपर एक और अतिरिक्त इन्क्रिप्शन जोड़ता है, जो साइबर हमलों की सूरत में ना केवल ईमेल बल्कि बुनियादी ढांचे को भी सुरक्षित रखता है।”
टीम और बिजनेस मॉडल
कोर टीम में सुनीत, मनीष गहलोत और महबूब हसन शामिल हैं। मनीष सिक्योरिटी और ऑप्टिमाइजेशन एक्सपर्ट हैं और इन्होंने अपने करियर के कई साल इंटरनेट प्राइवेसी सर्विसेज इंडस्ट्री में बिताए हैं। इस दौरान उन्होंने एजायरVPN और प्राइवेटVPN जैसे वीपीएन ऑपरेटर्स और प्राइवेसी ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर मेकर कंपनी e.foundation के साथ काम किया। वह फ्री सॉफ्टवेयर फाउंडेशन (FSF) के पूर्व सदस्य हैं और इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन (EFF) के सदस्य बने हुए हैं।
वहीं महबूब लेटर के सॉफ्टवेयर और वेबसाइट की यूआई और यूएक्स डिजाइन को देखते हैं, जो पहुंच और उपयोगिता को बेहतर बनाता है। नवंबर 2020 में लॉन्च किया गया लेटर फिलहाल अपने बीटा चरण में है और इसके 50 से अधिक ग्राहक हैं।
टीम एक बी2बी मॉडल को फॉलो करती है, जहां यह यूजर्स से डिस्क स्पेस और प्रति दिन भेजे जाने वाले ईमेल्स के आधार पर चार्ज करती है। इसके प्लान 4 जीबी स्टोरेज के लिए प्रति वर्ष 1,320 रुपये से शुरू होती है और 50 जीबी स्टोरेज के लिए प्रति वर्ष 3,520 रुपये तक जाती है।
अगर किसी को अधिक स्टोरेज और अधिक ईमेल भेजने की सीमा की जरूरत है, तो वह सपोर्ट टीम से संपर्क करके एक बड़े प्लान का रिक्वेस्ट कर सकता है। स्टार्टअप का कहना है कि सभी प्लान में बेसिक ईमेल सुविधाओं के अलावा प्राथमिकता के आधार पर सपोर्ट और अनिवार्य बिटवर्डन पासवर्ड मैनेजर शामिल हैं। कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में से एक काकशा.एआई (डिजीपाठशाला प्राइवेट लिमिटेड) है, जो गुरुग्राम का एक स्टार्टअप है।
सुनीत ने बताया कि टीम शुद्ध लाभ के साथ काम कर रही है और वर्तमान में टिकाऊ है। वह कहते हैं कि उन्हें यूजर्स का ध्यान आकर्षित करने के लिए नकदी खर्च करने की जरूरत नहीं है।
सुनीत कहते हैं, "एक गोपनीयता आधारित बिजनेस के दृष्टिकोण से, यह वांछनीय है कि आप लाभ कमाने के लिए यूजर्स की गोपनीयता से समझौता नहीं करना चाहेंगे। अगर ऐसा किया तो यह व्यवसाय के मुख्य लक्ष्य के खिलाफ जाता है।"
लेटर सीधे डेटा केंद्रों से फिजिकल सर्वर को खरीदती या लीज पर लेती है और उन्हें अपने कस्टम-निर्मित निजी क्लाउड में जोड़ती है। इससे रिसेलर्स और पब्लिक क्लाउड प्रोवाइडर जैसे बिचौलियों बीच से हट जाते हैं, इससे लागत और कम हो जाती है।
मुकाबला और भविष्य
सुनीत कहते हैं, “हम अपने निजी क्लाउड पर आवश्यक क्षमता के अनुसार सर्वर को जोड़ने, हटाने और इकठ्ठा करने में सक्षम हैं। साथ ही हम बिना किसी डाउनटाइम के हम जितना चाहे उतना धीमा या तेज हो सकते हैं। हमारे पास हमारी टीम में नौकरी के लिए सबसे अच्छे लोग हैं और हम रिमोट (उदाहरण के लिए वर्क फ्रॉम होम) काम करते हैं। यह ऑफिस का किराया, कर्मचारियों के आने-जाने में लगने वाला समय और फ्यूल खर्च जैसे अनावश्यक खर्चों में कटौती करता है। साथ ही, काम पर सही लोगों का होना अधिक उत्पादकता सुनिश्चित करता है और काम तेजी से पूरा होता है।"
वर्तमान में लेटर का सीधा मुकाबला स्विट्जरलैंड स्थित प्रोटॉनमेल से है, जिसे सर्न के वैज्ञानिकों ने स्थापित किया था। प्रोटॉनमेल का बुनियादी ढांचा यूरोप के सबसे सुरक्षित डेटा सेंटर में रहता है, जो 1,000 मीटर की ठोस चट्टान के नीचे है।
हालांकि, प्रोटॉनमेल प्रति मेलबॉक्स के आधार पर शुल्क लेती है, जबकि लेटर डिस्क स्पेस और भेजे जाने वाले ईमेल की संख्या के आधार पर शुल्क लेती है। सुनीत कहते हैं कि प्रोटॉनमेल के पास ईमेल के लिए कोई फुल-टेक्स्ट सर्च का ऑप्शन नहीं है। वहीं लेटर ईमेल की फुल-टेक्स्ट सर्च की अनुमति देता है, भले ही इन्क्रिप्शन लागू हो।
भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए सुनीत कहते हैं, “हमारा लक्ष्य प्राइवेसी ईमेल और व्यावसायिक ईमेल होस्टिंग प्रोवाइडर के बीच एक बड़ा खिलाड़ी बनना है। साथ ही हम जो सेवा प्रदान करते हैं, उसमें सबसे अच्छा होना है। इसके बाद से मैं डिजिटल क्षेत्र में लोगों की गोपनीयता को बढ़ाने वाले अधिक उत्पादों और सेवाओं को विकसित करने के लिए लेटर को एक अलग व्यावसायिक इकाई में बदलने की योजना बना रहा हूं।"
Edited by Ranjana Tripathi

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