[स्टार्टअप भारत] कैसे ऑफलाइन रिटेल को भुनाने करने के लिए 'इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर-ऑन-व्हील' बना रहा है मोहाली स्थित फिजिटल

By Naina Sood
September 08, 2021, Updated on : Mon Sep 13 2021 05:13:42 GMT+0000
[स्टार्टअप भारत] कैसे ऑफलाइन रिटेल को भुनाने करने के लिए 'इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर-ऑन-व्हील' बना रहा है मोहाली स्थित फिजिटल
टियर III, IV और ग्रामीण क्षेत्रों को टारगेट करने वाली उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक चेन ने आठ महीनों में कर्नाटक और पंजाब में 40 स्टोर बनाए हैं।
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कोविड-19 महामारी ने कई व्यवसायों को लीक से हटकर सोचने के लिए प्रेरित किया। जहां उनमें से अधिकांश तेजी से "डिजिटल हो गए", तो वहीं कुछ को ऑफलाइन स्पेस में अपने दरवाजे के ठीक बाहर उपभोक्ताओं तक पहुंचने का अवसर मिला।


ऐसी ही एक सोच थी 'स्टोर ऑन व्हील्स' की, जिसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स स्पेस में सीरियल एंटरप्रेन्योर केएस भाटिया ने अपने वेंचर Figgital के जरिए अपनाया था। हालांकि 'स्टोर ऑन व्हील्स' की अवधारणा बिल्कुल नई नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से कई उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सबसे पहले है।


दिसंबर 2020 में स्थापित, मोहाली स्थित Figgital भारत में सभी क्षेत्रों में आधुनिक खुदरा उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर की एक चेन है। फ्रैंचाइजी-आधारित चेन भाटिया द्वारा खुदरा अनुभव को उपभोक्ता के दरवाजे के ठीक बाहर ले जाने के लिए शुरू की गई थी, विशेष रूप से टियर III, IV और ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां क्रोमा और रिलायंस डिजिटल जैसे बहु उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक स्टोर अनुपस्थित रहते हैं, जबकि एक ई-कॉमर्स डिलीवरी में लगभग एक सप्ताह का समय लगता है।


आठ महीने की छोटी अवधि के भीतर, कंपनी ने कर्नाटक और पंजाब में 40 स्टोर और बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में छह 'स्टोर ऑन व्हील्स' खोले हैं।


स्टार्टअप ने स्थापना के बाद से 2 करोड़ रुपये से अधिक का रेवेन्यू कमाया है और स्टोर-ऑन-व्हील्स से प्रति दिन लगभग 80,000 रुपये - 1 लाख रुपये कमाता है।

फिजिटल=फिजिकल+डिजिटल

Figgital फाउंडर के पहले वेंचर — Pumpkart, पानी के पंपों और कृषि उपकरणों के लिए एक B2B2C ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटप्लेस से विकसित हुआ है। 2014 में शुरू हुई पम्पकार्ट ने कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के लिए अपनी पेशकश का विस्तार किया था। हालांकि, कंपनी (पम्पकार्ट) के सेगमेंट-स्पेसिफिक नाम के कारण, भाटिया उसी ब्रांड नाम के तहत उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स का मुद्रीकरण करने में असमर्थ थे।


पम्पकार्ट के ऑनलाइन चैनल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स की कुछ प्रारंभिक बिक्री करने के बाद, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक व्यवसाय 2020 में अलग हो गया, जिससे फिजिटल की स्थापना हुई।


सितंबर 2020 में, पम्पकार्ट और फिजिटल दोनों को राज्य भर में 100 से अधिक खुदरा आउटलेट खोलने के लिए समृद्धि योजना के तहत कर्नाटक सरकार से 1.5 मिलियन डॉलर का अनुदान मिला।


फाउंडर कहते हैं, "फिजिटल का अर्थ है फिजिकल + डिजिटल। हमने अपने फ्रैंचाइजी स्टोर्स, स्टोर-ऑन-व्हील्स और अपनी फिजिटल वेबसाइट के साथ ऑनलाइन अपनी उपस्थिति स्थापित की है। पाइपलाइन में अगला हमारा ऑनलाइन हाइपरलोकल B2B2C प्लेटफॉर्म है, जो उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के बाजार का लोकतंत्रीकरण करेगा।”


पहले फिजिटल स्टोर का उद्घाटन दिसंबर 2020 में बेंगलुरु में किया गया था, इसके बाद जून 2021 में बिहार में इसके स्टोर-ऑन-व्हील्स का शुभारंभ किया गया था।

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बिजनेस

Figgital में स्मार्टफोन और टैबलेट, स्मार्ट टीवी, घरेलू उपकरण, स्मार्ट डिवाइस, एक्सेसरीज आदि जैसी कई श्रेणियों के 2,000 से अधिक उत्पादों का संग्रह शामिल है।


स्टार्टअप इन उत्पादों को सीधे इलेक्ट्रॉनिक ब्रांडों से खरीदता है और राज्यों में इसके गोदाम हैं। फ्रैंचाइजी मॉडल पर स्टोर और स्टोर-ऑन-व्हील्स चलाए जाते हैं।


फाउंडर कहते हैं, "हम छोटे शहरों और कस्बों में भागीदारों की पहचान उस भरोसे और विश्वसनीयता के साथ करते हैं, जो कंपनी ने वर्षों में बनाई है।" स्टोर-ऑन-व्हील में लैपटॉप, मोबाइल फोन, एक्सेसरीज़, स्पीकर, टैब और स्मार्ट घड़ियों जैसे बुनियादी इलेक्ट्रॉनिक आइटम और गैजेट शामिल हैं।

बड़े पैमाने पर बाजार को लक्षित करना

फिजिटल का उद्देश्य टियर III, IV और ग्रामीण क्षेत्रों में मल्टी-ब्रांड इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट प्रदान करके बड़े पैमाने पर बाजार को भुनाना है।


वह कहते हैं, “ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एक साधारण मोबाइल फोन खरीदने के लिए शहरों की यात्रा करनी पड़ती है। हालांकि उन क्षेत्रों में छोटे खुदरा विक्रेता हैं, जिनमें टियर III और IV शहर शामिल हैं, लेकिन लोग पूर्ण स्पर्श, अनुभव और चलाकर देखना पसंद करते हैं।”


उद्यमी को उन बाजारों में एक अवसर मिला जहां Croma, Sargam, Vijay Sales, Girias, और Reliance Digital  जैसे आम तौर पर प्रवेश नहीं करते हैं।


वह कहते हैं, “बड़े मल्टी ब्रांड कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक स्टोर्स में जनसंख्या, क्षेत्र, दूरी, बिक्री आदि की सहूलियत होती है, जिससे Figgital के लिए एक अवसर पैदा होता है। छोटे क्षेत्रों में लगभग कोई आधुनिक खुदरा चेन नहीं है।”


फिजिटल जिस दूसरे अंतर को पाटना चाहता था वह ऑनलाइन शॉपिंग में था, जो लोकप्रियता के बावजूद लोगों के लिए "दूसरा सबसे अच्छा विकल्प" बना हुआ है।


वह कहते हैं, “आज तक, आपको ऑनलाइन भारी इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी करने वाले बहुत ज्यादा लोग नहीं मिलेंगे। लोग अभी भी इलेक्ट्रॉनिक आइटम खरीदने से पहले ऑनलाइन की बजाय फिजिकल खरीददारी पसंद करते हैं।”


भाटिया कहते हैं, जो Flipkart और Lenskart जैसी ऑनलाइन कंपनियों का उदाहरण देते हैं, जिन्होंने टच एंड फील स्टोर बनाने के लिए रिवर्स (ऑनलाइन से ऑफलाइन) मार्ग अपनाया है।


स्टोर-ऑन-व्हील्स का आइडिया महामारी के दौरान आया क्योंकि लॉकडाउन नई हकीकत बन चुका था और लोग अपने घरों तक ही सीमित थे। संस्थापक कहते हैं, “ई-कॉमर्स वेबसाइट के माध्यम से एक साधारण इलेक्ट्रॉनिक आइटम की डिलीवरी में कम से कम तीन से चार दिन लगते हैं। हम दो घंटे के भीतर डिलीवरी के साथ इस अंतर को पाटना चाहते थे।”

Figgital

बेंगलुरू में Figgital का स्टोर

हाइपर लोकल प्लेटफॉर्म का निर्माण

स्टार्टअप का लक्ष्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की सबसे बड़ी स्मार्ट रिटेल चेन बनना है और मार्च 2022 तक पूरे भारत में 150 से अधिक स्टोर खोलने की प्रक्रिया में है। इसके साथ ही यह शहरी और अर्ध शहरी क्षेत्रों में भी प्रवेश करेगा।


कंपनी एक B2C हाइपरलोकल प्लेटफॉर्म बनाने पर काम कर रही है जो एक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक एग्रीगेटर के रूप में काम करेगा और स्थानीय खुदरा विक्रेताओं को एक जगह एक साथ लाएगा।


भाटिया का कहना है कि डिलीवरी ऐप सबसे पहले गैर-आवश्यक हाइपरलोकल स्पेस में सितंबर तक लाइव हो जाएगा।


वह कहते हैं, “फिजिटल एक हाइब्रिड मॉडल पर काम करेगा, जो सरगम, विजय सेल्स, रिलायंस डिजिटल और क्रोमा जैसे प्रतिस्पर्धियों के बीच हमारी सबसे बड़ी ताकत होगी। इस सेगमेंट में नए खिलाड़ियों के लिए अपार संभावनाएं हैं। हमारा मल्टी-चैनल दृष्टिकोण हमारे पक्ष में काम करेगा।”


इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के मुताबिक, वित्त वर्ष 24 तक भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर की मांग 400 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2020 तक, भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों का बाजार क्रमशः 5,976 करोड़ रुपये और 17,873 करोड़ रुपये होने का अनुमान था। इन क्षेत्रों में खपत बढ़ने की उम्मीद के साथ ग्रामीण बाजार से विकास की बहुत गुंजाइश है क्योंकि ब्रांडों की पैठ भी बढ़ रही है।


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Edited by रविकांत पारीक